चंपत राय अयोध्या से हटेंगे, दिल्ली जाना तय:अनिल मिश्रा साइडलाइन होंगे; राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव या CEO बन सकते हैं नृपेंद्र मिश्रा
राम मंदिर ट्रस्ट ने आखिरकार 27 जून (शनिवार) को महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि कर ही दी। करीब 30 घंटे तक ट्रस्ट और विश्व हिंदू परिषद दोनों ही इस्तीफे की खबर को सार्वजनिक करने से बचते रहे। अब 11 जुलाई को अयोध्या के मणिराम दास जी की छावनी में ट्रस्ट की बैठक होगी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया जाएगा। इतना ही नहीं, अब चंपत राय का अयोध्या से हटना तय हो गया है। उनका अगला ठिकाना दिल्ली होगा। उनको विहिप मुख्यालय में बैठाया जा सकता है। दूसरी ओर, राम मंदिर के निर्माण प्रभारी गोपाल राव को अयोध्या से हटाकर पश्चिम भारत भेजने का मन बना लिया गया है। डॉ. अनिल मिश्रा को ट्रस्ट से हटाकर किसी भी प्रमुख पद की जिम्मेदारी नहीं देने की बात पता चली है। नए महासचिव और सदस्यों की घोषणा हो सकती है 11 जुलाई को होने वाली बैठक में सरकार के प्रतिनिधियों की ओर से राम मंदिर के बेहतर संचालन और प्रबंधन के लिए ट्रस्ट को सुझाव दिए जा सकते हैं। मंदिर संचालन का नया ब्लू प्रिंट पेशकर उसकी रजामंदी ली जा सकती है। इसी बैठक के बाद ट्रस्ट के अगले महासचिव और सदस्यों पर विचार किया जाएगा। यह भी हो सकता है कि नए महासचिव और सदस्यों की घोषणा भी इसी दिन कर दी जाए। महासचिव के लिए नृपेंद्र मिश्रा समेत 3 नामों पर मंथन सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद पर संघ का दबदबा बना रहेगा। इस पद पर संघ का ही कोई पदाधिकारी बैठेगा। इस पदाधिकारी का संतों के बीच लोकप्रिय, मिलनसार के साथ ईमानदार रिकॉर्ड का खोजा जा रहा है। इस पद के लिए भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का भी नाम चल रहा है। इस पद के लिए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि और ट्रस्टी कृष्णमोहन के नाम की भी चर्चा है। स्वामी गोविंददेव के लिए कोषाध्यक्ष का पद पहले से ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, नृपेंद्र मिश्रा के नाम पर सहमति ट्रस्ट के सदस्यों के बीच नहीं बन पा रही है। ऐसे में संघ यहां पर हस्तक्षेप कर सकता है। दूसरी ओर, विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रयास यही है कि मंदिर की व्यवस्था पर उनका प्रभुत्व बना रहे। ऐसे में नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका अब निर्माण समिति से आगे बढ़ने की बात भी कही जा रही है। यह भी तय माना जा रहा है कि महासचिव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ही पूर्णकालिक कार्यकर्ता होगा। अपने प्रशासनिक अनुभव के आधार पर पूर्व IAS अफसर और निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भूमिका में भी आ सकते हैं। केजरीवाल के खाते में क्रेडिट जाने से रोका गया सूत्रों के मुताबिक, संगठन और सरकार के दबाव में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा से इस्तीफा लिया गया। ये दोनों इस्तीफा देने को तैयार ही नहीं थे। जिस दिन इस्तीफा देना था, उसी दिन आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल का अयोध्या दौरा था। इसको देखते हुए इस मामले में सबको चुप रहने के निर्देश दिए गए, ताकि इस इस्तीफे की क्रेडिट किसी भी तरह से केजरीवाल के खाते में जाने से रोका जा सके। हालांकि, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार और मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा इसके संकेत दे चुके थे। फिर भी स्पष्ट स्वीकार करने में झिझक रहे थे। डॉ. अनिल मिश्रा ने भी मीडिया से बातचीत में इस्तीफे की बात से इनकार किया था। ट्रस्ट में 14 सदस्य, चंपत-अनिल का इस्तीफा ट्रस्ट का दावा- भक्तों का दिया सोना-चांदी सुरक्षित 27 जून को को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई थी। कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा था कि महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा से त्याग पत्र मिला है। हम अपनी 11 जुलाई को होने वाली बैठक में इस पर विचार करेंगे। हम उन भक्तों को आश्वस्त करते हैं, जिन्होंने चांदी की ईंटें और सोने-चांदी के आभूषण प्रभु श्रीराम की सेवा में अर्पण किए हैं। वे सभी वस्तुएं सुरक्षित हैं। हम विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में कोई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति न बने, ऐसा सुनिश्चित करेंगे। अपराधियों को कड़ा दंड मिले, इसका आग्रह करेंगे। SIT ने 23 जून को रिपोर्ट सौंपी, 2 दिन बाद 8 की गिरफ्तारी चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। SIT ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज हुई। इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 को नामजद किया गया। हालांकि, चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं। FIR दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट ने सभी आरोपियों को तीन दिन के लिए जेल भेज दिया। शुक्रवार को ही मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया। ——————- राम मंदिर से जुड़ी खबरें पढ़िए- चंपत राय के इस्तीफे की स्क्रिप्ट हरिद्वार में लिखी गई: RSS ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर फटकार लगाई, 25 जून की रात कहा- पद छोड़ दो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दबाव में दिया। इसकी स्क्रिप्ट 8 दिन पहले हरिद्वार में लिखी गई। विश्व हिंदू परिषद की 18 और 19 जून को हरिद्वार में बैठक थी। इसमें अयोध्या से चंपत राय और गोपाल राव शामिल हुए थे। सूत्र बताते हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने दोनों से राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जानकारी ली। पढ़ें पूरी खबर… केजरीवाल बोले- योगीजी, चंदा चोर आपको हटाना चाहते हैं: महापाप करने वालों का साथ क्यों दे रहे? FIR कराकर आंखों में धूल झोंकी गई दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा- योगी जी राम मंदिर के चढ़ावा चोर आपको गद्दी से हटाना चाहते हैं। इसके लिए षड्यंत्र रचा जा रहा। ये लोग आपकी कुर्सी के पीछे पड़े हैं। आप ऐसे लोगों का साथ क्यों दे रहे, जिन पर महापाप करने के आरोप हैं। आप इस लड़ाई और संघर्ष में मेरा साथ दीजिए। केजरीवाल ने रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने कहा- जिन्होंने महापाप किया, उन्हें कड़ी सजा मिले। पढ़ें पूरी खबर…
