गड्ढे में गिरने से दो मासूमों की दर्दनाक मौत, नेवादा गांव में पसरा मातम
कौशांबी। सराय अकिल थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। खेलते समय गहरे गड्ढे में गिरने से दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार दोनों बच्चे घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे। इसी दौरान वे गांव के बाहर स्थित एक गहरे और असुरक्षित गड्ढे के पास पहुंच गए। आशंका जताई जा रही है कि खेलते-खेलते उनका संतुलन बिगड़ गया और दोनों बच्चे गड्ढे में जा गिरे। काफी देर तक बच्चों के घर न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू की।
परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में कई स्थानों पर खुले और गहरे गड्ढे लंबे समय से लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षित करने या भरवाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इन गड्ढों को भरवा दिया गया होता तो दो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने परिजनों को सांत्वना देते हुए मामले की जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में मौजूद सभी खुले और खतरनाक गड्ढों की पहचान कर उन्हें तत्काल भरवाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही मृतक बच्चों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग उठाई गई है।
इस दुखद हादसे ने पूरे नेवादा गांव को गमगीन कर दिया है। गांव में हर ओर शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। मासूम बच्चों की असमय मौत ने परिजनों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को अब जागना होगा, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।
