पारस ग्रीन अपार्टमेंट पर बड़ा सवाल, RTI से मांगे गए फायर NOC, स्वीकृत नक्शा और RERA रजिस्ट्रेशन, मुंडेरा चुंगी के चर्चित अपार्टमेंट पर उठे वैधता के सवाल, PDA से 13 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी, खुलासे की बढ़ी उम्मीद

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Kaushambi voice

👉 मुंडेरा चुंगी का पारस ग्रीन अपार्टमेंट सवालों के घेरे में, RTI से खुल सकती है निर्माण की पूरी फाइल…

👉 स्वीकृत नक्शा, फ्लैट संख्या और परियोजना विवरण मांगा, फायर NOC और RERA रजिस्ट्रेशन पर भी उठे बड़े सवाल…

👉 कम्प्लीशन व ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की मांगी प्रमाणित प्रतियां, प्रयागराज विकास प्राधिकरण के जवाब पर टिकी शहर की निगाहें…..

प्रयागराज। शहर के मुंडेरा चुंगी क्षेत्र में स्थित पारस ग्रीन एवं प्रभु निवास पारस ग्रीन अपार्टमेंट की वैधता को लेकर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार अमरनाथ झा ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) से अपार्टमेंट से जुड़ी पूरी फाइल और वैधानिक दस्तावेजों की जानकारी मांग ली है। इस RTI के बाद अब इस बहुमंजिला अपार्टमेंट के निर्माण में नियमों के पालन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ऑनलाइन दाखिल की गई RTI में कुल 13 अहम बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या इस अपार्टमेंट का स्वीकृत भवन मानचित्र (Approved Building Map) वास्तव में प्राधिकरण से पास हुआ था या नहीं। यदि पास हुआ तो उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने को कहा गया है।।।

आवेदन में यह भी पूछा गया है कि परियोजना में कुल कितने फ्लैट स्वीकृत हैं, परियोजना का पूरा विवरण क्या है और निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही किया गया या नहीं। साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई है कि निर्माण के दौरान प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण किया था या नहीं।
RTI में एक और बड़ा सवाल फायर सेफ्टी को लेकर उठाया गया है। आवेदक ने पूछा है कि क्या इस अपार्टमेंट के लिए फायर विभाग से फायर NOC जारी की गई है। यदि हां तो उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए। शहर में हाल के वर्षों में बहुमंजिला इमारतों में आग की घटनाओं के बाद फायर NOC का मुद्दा बेहद संवेदनशील माना जाता है।
इसके अलावा यह भी जानकारी मांगी गई है कि क्या यह परियोजना RERA (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) में पंजीकृत है या नहीं। यदि पंजीकरण कराया गया है तो उसका विवरण उपलब्ध कराया जाए।
RTI में यह भी सवाल उठाया गया है कि अपार्टमेंट के निर्माण के बाद Completion Certificate और Occupancy Certificate जारी किया गया या नहीं। यदि जारी किया गया है तो उसकी प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही निर्माण के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर प्राधिकरण ने कोई कार्रवाई की या नहीं, इसका भी पूरा ब्योरा मांगा गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई जगह बहुमंजिला इमारतें नियमों को दरकिनार कर खड़ी कर दी जाती हैं, लेकिन बाद में वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षा और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह RTI अब पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकती है।
सूत्रों का कहना है कि यदि मांगी गई सूचनाओं में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो यह मामला बड़े निर्माण घोटाले का रूप ले सकता है और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों व बिल्डरों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
अब सबकी निगाहें प्रयागराज विकास प्राधिकरण के जवाब पर टिकी हैं। यदि समय सीमा के भीतर प्राधिकरण ने स्पष्ट जवाब दिया तो मुंडेरा चुंगी के इस अपार्टमेंट से जुड़े कई राज खुल सकते हैं।
अमरनाथ झा पत्रकार  -9415254415

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