SIR में नाम कटा, घर बैठे 10 मिनट में जुड़वाएं:नाम-पते में ऐसे करें संशोधन; घर-घर जा रहे BLO, तैयार रखें 3 डॉक्यूमेंट
देशभर में SIR पूरा होने के बाद वोटर लिस्ट से नाम कटने की शिकायतें आ रही हैं। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक पार्टियां इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर हैं। सभी के जेहन में सवाल है कि क्या SIR में नाम कटने के बाद अब वोट नहीं दे सकते? जवाब है… वोटर लिस्ट में नाम दोबारा भी जुड़वाया जा सकता है। इसके लिए सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत भी नहीं। घर बैठे सिर्फ 10 मिनट में यह काम हो जाएगा। निर्वाचन आयोग 3 तरह की सुविधाएं देता है। 1- नाम दोबारा जुड़वाना। 2- नाम-पता संशोधन करना। 3- मृतक का नाम हटाना और डुप्लीकेट वोटर पर आपत्ति जताना। ये ऑनलाइन और ऑफलाइन कैसे कर सकते हैं? स्टेप बाय स्टेप जानिए… अगर नाम कट गया, तो घर बैठे 10 मिनट में आवेदन करें 1. चुनाव आयोग के ऑफिशियल पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाएं। 2. मोबाइल नंबर और OTP की मदद से अकाउंट बनाकर लॉगिन करें। 3. होमपेज पर ‘न्यू वोटर रजिस्ट्रेशन (फॉर्म-6)’ के ऑप्शन पर क्लिक करें। 4. राज्य, जिला और अपना विधानसभा क्षेत्र चुनें। 5. अपना पूरा नाम, माता/पिता/पति का नाम भरें। 6. जन्मतिथि और वर्तमान पता सही-सही दर्ज करें। 7. डॉक्यूमेंट अपलोड करें- 8. SIR अभियान वाले क्षेत्रों के लिए दिया गया सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर ‘सब्मिट’ करें। 9. सब्मिट करते ही आपको 12 डिजिट का रेफरेंस नंबर मिलेगा। इससे आवेदन का स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे। ऑनलाइन नहीं कर सकते, तो बीएलओ से नाम जुड़वाएं अगर आप ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पा रहे या सर्वर में दिक्कत आ रही है, तो अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से मिलना होगा। उनसे फॉर्म-6 लेकर उसमें नाम-पता, जन्मतिथि और पिछले वोटर आईडी की सही जानकारी भरें। फॉर्म-6 voters.eci.gov.in से डाउनलोड करके प्रिंट भी ले सकते हैं। भरे हुए फॉर्म के साथ अपनी पासपोर्ट साइज फोटो और आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी अटैच करें। अब इसे अपने बीएलओ को सौंप दें। फॉर्म जमा करते समय बीएलओ के साइन और तारीख वाली पावती रसीद जरूर ले लें। जिससे प्रोसेस न होने पर रेफरेंस नंबर से 1950 पर शिकायत कर सकें। आवेदन के बाद वोटर लिस्ट में नाम कब तक जुड़ेगा फॉर्म जमा होने के बाद बीएलओ आपके घर आकर फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। आपने जो एड्रेस और पहचान से जुड़े डॉक्यूमेंट दिए हैं, उसकी जांच करेंगे। बीएलओ की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग के अधिकारी फॉर्म को अप्रूव करेंगे। फॉर्म अप्रूव होते ही वोटर लिस्ट में आपका में आपका नाम दर्ज हो जाएगा। नया वोटर आईडी कार्ड (EPIC) आपके दिए एड्रेस पर डाक से भेज दिया जाएगा। अगर बीएलओ फॉर्म लेने से मना करे या आवेदन में कोई समस्या आए, तो चुनाव आयोग के राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर 1950 पर कॉल करके शिकायत करें। voters.eci.gov.in के ‘रजिस्टर कंपलेन’ सेक्शन में ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं। 10 से 25 अक्टूबर तक घर-घर जाएंगे BLO चुनाव आयोग ने यूपी में नई वोटर लिस्ट के दोबारा वेरिफिकेशन के आदेश जारी किए हैं। यह प्रक्रिया 10 से 25 अक्टूबर तक चलेगी। इस दौरान 3 रविवार 11 अक्टूबर, 18 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को विशेष अभियान चलाया जाएगा। BLO आपके पोलिंग बूथ पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक फॉर्म-6 लेकर बैठेंगे। प्रतापगढ़ के बाबागंज विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ मुकेश कुमार पटेल बताते हैं- वोटर लिस्ट के दोबारा वेरिफिकेशन के लिए नया निर्देश जारी हुआ है। बीएलओ घर-घर जाकर वोटर्स का वेरिफिकेशन करेंगे। इसमें 3 तरह के वोटर्स की दोबारा जांच की जाएगी- बेघर-मजदूरों के लिए अलग से कैंप लगेगा आयोग ने कहा है कि वोटर लिस्ट में नए नाम जुड़वाने के लिए बूथ स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे। रैन बसेरों, मजदूर बस्तियों और बेघर लोगों के लिए भी अलग से कैंप लगेंगे। बीएलओ जांच के बाद जो लिस्ट तैयार करेंगे, उसकी रिपोर्ट निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) को देंगे। इसके बाद बूथवार तैयार की गई लिस्ट राजनीतिक दलों के साथ भी शेयर की जाएगी। इसका मकसद यह पता लगाना है कि कोई पात्र व्यक्ति वोटर लिस्ट में जुड़ने से छूट तो नहीं गया है। ऐसे लोगों को नाम जुड़वाने का एक और मौका मिलेगा। ———————— यह खबर भी पढ़ें- UP में किसानों के लिए अब ‘फार्मर आईडी’ जरूरी; जानें घर बैठे मोबाइल से कैसे बनाएं यूपी सरकार किसानों के लिए 12 अंकों की यूनीक आईडी तैयार कर रही है। जिसे ‘फार्मर आईडी’ या ‘किसान रजिस्ट्री’ का नाम दिया गया है। आईडी में किसानों की जमीन और खेती से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड रहेगी। सरकार का दावा है कि इससे जरूरतमंद किसानों तक योजनाओं का फायदा पहुंचेगा। फर्जीवाड़ा थमेगा। रिपोर्ट पढ़िए…
