प्रेमानंदजी के शिष्य का चौथी मंजिल से कूदने का CCTV:6 सेकेंड बाउंड्री पर बैठे, फर्श पर लेटे, फिर अचानक उठकर छलांग लगाई
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के 25 साल के शिष्य रसिक दुलारी शरण के चौथी मंजिल से कूदने का CCTV सामने आया है। इसमें दिख रहा कि वह छत की बाउंड्री वॉल पर बैठे। 6 सेकेंड बाद फर्श पर लेट जाते हैं। अचानक उठते हैं और बाउंड्री से छलांग लगा देते हैं। यह देखकर दूसरा शिष्य दौड़ता हुआ पहुंचता है। नीचे झांककर देखता है। रसिक दुलारी शरण ने 25 सितंबर की सुबह 10:35 बजे सुसाइड किया था। छत पर लगे सीसीटीवी में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई। 26 सितंबर को यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले में पुलिस प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम से जुड़े 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। CCTV देखिए- छत से गिरने का वीडियो पहले सामने आया था 5 दिन पहले रसिक दुलारी के चौथी मंजिल से गिरने का एक CCTV सामने आया था। यह बिल्डिंग के बाहर लगे हुए कैमरे में रिकॉर्ड हुआ था। इसमें दिख रहा था है कि रसिक दुलारी शरण 40 फीट ऊंचाई से अचानक सड़क पर पैरों के बल गिरते हैं। सिर जमीन से टकराता है और फट जाता है। वह तड़पने लगते हैं। सड़क पर खून फैलने लगता है। इसी दौरान वहां से दो साइकिल सवार गुजर रहे होते हैं। इनमें से एक पीले कपड़े पहने शिष्य था। दोनों यह दृश्य देखकर सहम जाते हैं। रसिक दुलारी छत पर टहले, फिर लगाई छलांग रसिक दुलारी वाराह घाट इलाके की 4 मंजिला गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग में 3 महीने से रहते थे। यह बिल्डिंग प्रेमानंद महाराज के ट्रस्ट केली कुंज की है। इसमें प्रेमानंदजी के आश्रम से जुड़े 50 से ज्यादा शिष्य और सेवादार रहते हैं। बिल्डिंग प्रेमानंद के पुराने केली कुंज आश्रम से 500 मीटर दूर है। पुलिस के मुताबिक, रसिक दुलारी शरण को गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया था कि रसिक दुलारी के प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। कमरे में एक ग्राइंडर मिला है, जिस पर खून लगा था। आशंका है कि शिष्य ने ग्राइंडर से प्राइवेट पार्ट को नुकसान पहुंचाया था। पोस्टमॉर्टम में प्राइवेट पार्ट पर कट के निशान मिले 26 सितंबर को रसिक दुलारी शरण दास का पोस्टमॉर्टम 2 डॉक्टरों के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जो सिर, पैर और कमर में थे। इसके अलावा प्राइवेट पार्ट पर भी कट के निशान थे। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। 2 साल पहले प्रेमानंदजी से दीक्षा ली थी, नाम बदल लिया रसिक दुलारी मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। वह 2 साल पहले वृंदावन आए और प्रेमानंदजी से दीक्षा ली। इसके बाद अपना नाम दीपक लोधी से बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया। वह बिजली का काम जानते थे, इसलिए आश्रम में उन्हें इसी सेवा से जोड़ा गया था। दीपक 2 भाई और एक बहन में दूसरे नंबर पर थे। सबसे बड़ी बहन और फिर दीपक थे। सबसे छोटे भाई मनीष हैं। मां ने कहा था- मिलने नहीं दिया जाता था बेटे की मौत की सूचना पर पहुंचीं रसिक की मां लौंग बाई ने कहा- दो साल पहले बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। सूचना मिली कि बेटा गिर गया है। हम आनन-फानन में यहां आए। पहले भी मिलने आए थे, लेकिन मुलाकात नहीं होने दी गई थी। भगवान दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। अनसुलझे सवाल, आखिर क्यों सुसाइड किया? …………………………………… संबंधित खबर पढ़ें मां बोलीं- 2 साल से बेटे का चेहरा नहीं देखा:मथुरा में रसिक दुलारी की मौत; भाई बोला- सेना में जाना चाहता था, भक्ति की राह पर चला गया संत प्रेमानंद महाराज के साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले में परिवार ने कई सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि दीपक आत्महत्या नहीं कर सकता था। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पूरी खबर पढ़ें
