यूपी में नदियां उफनाईं, संगम में अनाउंसमेंट-नदी में मत जाइए:बाराबंकी के 87 गांवों में बाढ़ का खतरा, 75 जिलों में बारिश का अलर्ट
पहाड़ों पर हो रही जोरदार बारिश से यूपी में नदियां उफनाने लगी हैं। बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। किनारों पर कटान शुरू हो गया है। कई गांवों में खेत डूब गए हैं। इससे 87 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। संगम पर लाउडस्पीकर से अनाउंस किया जा रहा है कि लोग नदी में जाने से बचें। किनारों पर ही स्नान करें। वाराणसी में दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां डूब गई हैं। मथुरा में यमुना उफान पर है। बलिया में घाघरा नदी के किनारों पर कटान शुरू हो गया है। बांसडीह में लोग अपने पक्के मकान तोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो रहे हैं। अब तक 150 परिवार घर छोड़ चुके हैं। बिजनौर में मलान नदी का पानी कई जगह छोटे पुलों के ऊपर से बह रहा है। इस बीच, आज यानी शुक्रवार को यूपी के सभी 75 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है। शुक्रवार सुबह लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, आगरा, बरेली समेत 40 शहरों में बादल छाए रहे। हल्की ठंडी हवाओं की वजह से गर्मी से राहत मिली। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ धूप निकल आई। बारिश की वजह से हादसों में 2 की मौत इससे पहले, गुरुवार को लखनऊ समेत 25 जिलों बारिश हुई। लखीमपुर खीरी में सबसे ज्यादा 22.5 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। झांसी की टहरौली में लोग तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करते दिखे। कानपुर में तेज आंधी से पेड़ गिर गया। इसके नीचे दबकर HAL सुपरवाइजर की मौत हो गई। देवरिया में बिजली गिरने से 18 साल की युवती की जान चली गई गई। लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया की वजह से पूर्वी यूपी में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। 24 घंटे में यह पश्चिमी यूपी को भी कवर कर लेगा। फिर मानसून और जोर पकड़ेगा। ऐसे में अगले 7 दिन पूरे प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। यूपी के मौसम के पल-पल अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
