लड़कियों को हंटर से पीटता, हथकड़ी लगाता था सीरियल रेपिस्ट:15-18 साल की बच्चियों को शिकार बनाता था; मुजफ्फरनगर में ढेर

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लड़कियों को हंटर से पीटता, हथकड़ी लगाता था सीरियल रेपिस्ट:15-18 साल की बच्चियों को शिकार बनाता था; मुजफ्फरनगर में ढेर

मुजफ्फरनगर में मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 65 साल का सीरियल रेपिस्ट सतपाल उर्फ सत्तू को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। एसपी सिटी अमृत जैन के मुताबिक, सतपाल 15-18 साल की उम्र की लड़कियों को अपना शिकार बनाता था। वह अब तक 6 लड़कियों के साथ दरिंदगी कर चुका था। पुलिस को उसकी कार से हथकड़ी, हंटरनुमा स्टिक, स्प्रे और कई तरह के आपत्तिजनक सामान मिले हैं। सतपाल लड़कियों को दबोचने के बाद उन्हें हथकड़ी लगाता था। हंटर से पीटता था। लड़कियां चीखती थीं तो उसे सुकून मिलता था। पंजाब का रहने वाला सतपाल छोटा राजन गैंग का सदस्य था। सतपाल मासूम लड़कियों को नौकरी की लालच देता था। उन्हें भरोसे में लेता और उनके साथ रेप करता था। वह इतना शातिर था कि वारदात के बाद जंगल और खेत के रास्तों से भागता था। ट्रैकिंग से बचने के लिए कीपैड वाला मोबाइल रखता था। अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले सत्तू क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी था। वह रणजी स्तर तक क्रिकेट खेल चुका था। वह क्रिकेटर युवराज सिंह के साथ भी मैदान साझा कर चुका था। बाद में वह छोटा राजन गैंग से जुड़ गया। पढ़िए सतपाल की हैवानियत… एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि सतपाल एक ‘साइको सीरियल रेपिस्ट’ था। वह इतना शातिर था कि लड़कियों के परिवार वालों का दिमाग पढ़ लेता था। उनको पूरी तरह से भरोसे में लेता था। भरोसा जीतने के बाद लड़कियों को इंटरव्यू और अफसर से मिलवाने के बहाने लूट की कार में अपने साथ ले जाता था। परिजन अपनी लड़कियों को उसके साथ भेज देते थे। पहचान बदल-बदलकर वारदात को अंजाम देता था
एसपी सिटी ने बताया- लुधियाना जेल से फरार होने के बाद सत्तू ने यूपी के कई जिलों में अपनी पहचान बदल-बदलकर वारदातों को अंजाम दिया। वह कभी खुद को फौजी बताता, कभी किसी सरकारी विभाग का कर्मचारी और कभी नौकरी दिलाने वाला एजेंट। उसका मकसद सिर्फ इतना था कि किसी तरह लड़कियों का भरोसा जीतकर उन्हें अपने साथ ले जाए। वारदात के बाद खेत और जंगलों से भागता था
तितावी की 16 साल की लड़की के अपहरण में भी उसने अपना नाम ‘अनिकेत फौजी’ बताया था। उसके पास से इसी नाम का फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुआ। पुलिस का मानना है कि इसी तरह की कई वारदातों में भी उसने अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि लड़कियों के लेकर वह मेन रोड से नहीं जाता था। वह खेतों, जंगलों और कच्चे रास्तों का इस्तेमाल करता था, ताकि पुलिस को उसकी भनक तक न लगे। वह अब तक 6 लड़कियों को अपना शिकार बना चुका है, जिनकी उम्र 15-18 साल के बीच की है। ट्रैकिंग से बचने के लिए कीपैड मोबाइल रखता था
मोबाइल ट्रैकिंग से बचने के लिए वह हमेशा अपने पास कीपैड वाला छोटा मोबाइल रखता था। होटलों में रुकता तो कैश में पेमेंट करता था। उसके कब्जे से किडनैप हुई किशोरी के जेवर, नकदी और मोबाइल भी बरामद हुए थे। अब पढ़िए सतपाल का आपराधिक इतिहास… रणजी प्लेयर था सतपाल, युवराज के साथ भी खेला
सीरियल रेपिस्ट सतपाल चंडीगढ़ के रामदरबार सेक्टर-32 का रहने वाला था। पिता का नाम मुन्नू राम था। सत्तू कुख्यात अपराधी छोटा राजन गैंग का सक्रिय सदस्य और शूटर रह चुका है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, दुष्कर्म, अपहरण जैसी गंभीर घाराओं में 3 राज्यों में 24 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। एसपी सीटी के अनुसार, सतपाल ने साल-1996 में मोहाली और जालंधर में दो बार रणजी क्रिकेट प्रतियोगिता खेली थी। सतपाल साल- 2007 में चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद भी रहा। साल 2010 में उसने धागा लदा ट्रक लूटा, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर मेरठ जेल भेज दिया गया। मेरठ जेल में रहने के दौरान ही उसने क्रिकेट लीग में हिस्सा लिया। उसने गेंदबाजी में कई इनाम भी जीते। ट्रक लूट की घटना में उसकी पत्नी भी जेल गई थी। गिरोह बनाकर छोटा राजन के गैंग में शामिल हुआ
जेल से छूटने के बाद उसने मुजफ्फरनगर में बदमाशों का एक गिरोह बनाया। बाद में मुंबई के छोटा राजन गैंग से भी जुड़ गया। सतपाल साल- 2011 से 2022 तक मुजफ्फरनगर जेल में रहा। इसके बाद उसे मेरठ जेल में भेज दिया गया। वहां से उसे साल- 2024 में चंडीगढ़ जेल में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद वह जमानत पर जेल से रिहा हुआ। जेल से छूटकर पत्नी के प्रेमी की हत्या की
जेल से बाहर आने के बाद सत्तू ने अपनी पत्नी के प्रेमी का भी मर्डर कर दिया। उसे बहाने से अपने साथ चंडीगढ़ ले गया। इसके बाद समराला इलाके में उसे मार डाला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लुधियाना जेल भेज दिया। जेल में वह बीमार रहने का नाटक करने लगा। एक बार तो उसने अपनी बेटी के यूपी में एसडीएम बनने की झूठी अफवाह जेल में फैला दी थी। उसने पूरे जेल में मिठाई भी बंटवाई थी। बीमारी के बहान के चलते उसे दो बार लुधियाना के सिविल अस्पताल ले जाया गया। तीसरी बार में वह अस्पताल से 6 फरवरी 2026 को पुलिस कस्टडी से भाग गया। बताया जाता है कि उसने चंडीगढ़ के मेयर और उसके साथियों पर भी फायरिंग की और मेरठ में रंगदारी मांगी थी। ——————— यह खबर भी पढ़ें… यूपी में हरियाणवी डांसर की कार पर हमला:रोते हुए बोलीं- लड़कों ने बेशर्मी की हदें पार की, डंडे बरसाए, शीशे तोड़े यूपी में ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के बॉर्डर एरिया में हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी पर हमला हुआ। डिंपल ने दावा किया कि दो लड़कों ने डंडा मारकर गाड़ी का फ्रंट शीशा तोड़ दिया। डिंपल चौधरी का एक रोते हुए वीडियो भी सामने आया है। इसमें वह कह रही हैं- ‘बेशर्मी की भी एक हद होती है। मैं मेरी बहन के घर जा रही थी। मेरी गाड़ी का ये हाल कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

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