भैला मकदूमपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, एएनएम की लापरवाही और विभागीय अनदेखी से ग्रामीणों में आक्रोश
👉 कौशाम्बी जिले के भैला मकदुमपुर गांव में एएनएम की लापरवाही चरम पर । गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच और दवाएं नहीं मिल रही हैं।
👉 बच्चों का टीकाकरण लगातार हों रहा प्रभावित। आपात स्थिति में एएनएम गांव में नहीं होती मौजूद।
👉 स्वास्थ्य विभाग भी कर रहा सिर्फ खानापूर्ति, कोई निरीक्षण नहीं। ग्रामीण बोले: एएनएम तनख्वाह तो लेती है, पर ड्यूटी नहीं निभाती!
कौशाम्बी । मंझनपुर ब्लॉक के भैला मकदुमपुर गांव में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। गांव में तैनात एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) की लापरवाही रुकने का नाम नहीं ले रही, और अब स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इसी तरह नेवारी, गुवारा, सैदलीपुर का भी यही हाल है।
ग्रामीणों की शिकायतें:
- गर्भवती महिलाओं की उपेक्षा: नियमित जांच और ज़रूरी दवाओं की आपूर्ति न होना आम हो गया है।
- टीकाकरण में अनियमितता: बच्चों को समय पर टीका नहीं मिल पा रहा, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है।
- आपातकाल में सहयोग न मिलना: ज़रूरी समय पर एएनएम का कोई अता-पता नहीं होता।
स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता:
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग केवल खानापूर्ति कर रहा है।
- शिकायतों के बावजूद कोई निरीक्षण नहीं होता, न ही जिम्मेदार कर्मियों पर कोई कार्रवाई की जाती है।
- एएनएम बिना समय पर सेवा दिए महीने की पूरी तनख्वाह ले रही है, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली पर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा।
समग्र स्थिति पर असर: बच्चों में कुपोषण और संक्रमण बढ़ रहा है। महिलाओं को प्रसव के समय उचित सहायता नहीं मिल पा रही है। गांव का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य तंत्र से उठता जा रहा है।
ग्रामीणों की माँग:
- एएनएम की नियमित हाज़िरी सुनिश्चित हो
- स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार लाया जाए
- विभागीय लापरवाही पर उच्चस्तरीय जांच हो
- लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई कर नई नियुक्ति की जाए
भैला मकदुमपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की यह गिरती स्थिति प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। अगर समय रहते सुधार न हुआ तो परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं।
अमर नाथ झा पत्रकार – 8318977396