थाना संदीपनघाट क्षेत्र में बढ़े अपराध,15 दिन में चार किशोरियां लापता, तीन चोरी की वारदातें; खुलासे का इंतजार
👉 चार अपहरण के मुकदमों में कार्रवाई पर सवाल, चोरी के तीन मामलों में सिर्फ अर्टिगा बरामद; बाकी घटनाओं में पुलिस के हाथ खाली..
👉 यह तो 1से 15 अक्टूबर का रिकार्ड सिर्फ झांकी है अभी अगस्त और सितंबर का क्राइम ग्राफ बाकी है..
कौशाम्बी। अमरनाथ झा -9415254415..
कौशाम्बी जिले के संदीपनघाट थाना क्षेत्र की मूरतगंज चौकी में अपराध नियंत्रण और विवेचना की प्रगति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक से 15 अक्टूबर 2026 के बीच सामने आए मामलों के उपलब्ध विवरण के मुताबिक, चार किशोरियों के लापता होने पर अपहरण से संबंधित मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि चोरी की तीन घटनाएं भी सामने आईं। चोरी के मामलों में पुलिस ने अर्टिगा कार बरामद कर दो आरोपियों को जेल भेजा, लेकिन अन्य घटनाओं में खुलासे और बरामदगी की स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं, चारों किशोरियों की तलाश और उनकी बरामदगी को लेकर भी परिजनों को जवाब का इंतजार है।
चार मुकदमे दर्ज, किशोरियों की तलाश पर सवाल…
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक अक्टूबर को मूरतगंज चौकी क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया। आरोप है कि चारवा क्षेत्र का कुलदीप उर्फ गुड्डा उसे अपने साथ ले गया। परिजनों के मुताबिक, किशोरी घर से सोने-चांदी के जेवरात और करीब 10 हजार रुपये भी लेकर गई थी। इस मामले में अपराध संख्या 256/26 दर्ज होने की जानकारी है।
इसी तरह तीन अक्टूबर को सुगना गांव की एक किशोरी के लापता होने पर अपराध संख्या 260/26 दर्ज बताया गया। दस अक्टूबर को पट्टी नरवर से एक किशोरी के लापता होने के मामले में अपराध संख्या 269/26 और 15 अक्टूबर को मूरतगंज के पालना रोड क्षेत्र से स्कूल गई किशोरी के वापस नहीं लौटने पर अपराध संख्या 275/26 दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
इन चारों मामलों में पुलिस ने अब तक क्या प्रगति की है, कितनी किशोरियों का पता चला है और कितने मामलों में आरोपियों की पहचान या गिरफ्तारी हुई है—इन सवालों पर स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है। खासकर नाबालिगों से जुड़े मामलों में परिजनों की चिंता और पुलिस की जवाबदेही दोनों महत्वपूर्ण हैं।
चोरी की तीन घटनाएं, एक में ही बरामदगी….
मूरतगंज चौकी क्षेत्र में अक्टूबर के पहले पखवाड़े में चोरी की तीन घटनाएं सामने आने की जानकारी है। गाजीपुर चौराहे से अर्टिगा कार चोरी के मामले में पुलिस ने वाहन बरामद कर दो आरोपियों को जेल भेजा। यह पुलिस की कार्रवाई जरूर है, लेकिन बाकी चोरी के मामलों में भी इसी तरह परिणाम सामने आने की अपेक्षा है।
अदरमदार गांव में पांच अक्टूबर को आरती देवी पत्नी सुरेंद्र कुमार के घर चोरी हुई थी। पीड़िता के अनुसार, घर की कुंडी काटकर सोने-चांदी के जेवरात, फूल के बर्तन और 30 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए। इस मामले में अपराध संख्या 262/26 दर्ज होने की जानकारी है। वहीं, बजहा में दो और तीन अक्टूबर के बीच इंडस टावर्स लिमिटेड के टावरों से दो एजेना कार्ड चोरी होने की शिकायत पर अपराध संख्या 258/26 दर्ज है। इन दोनों मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी को लेकर पुलिस की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
दर्ज मुकदमों से बाहर की शिकायतों का क्या?….
अपराध के इन मामलों के बीच एक बड़ा सवाल शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि कई फरियादियों को शिकायत लेकर थाने और चौकी के चक्कर लगाने पड़ते हैं। हालांकि, बिना आधिकारिक आंकड़ों के यह कहना संभव नहीं है कि कितनी शिकायतों में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ या जानबूझकर अपराध के आंकड़े कम दिखाए गए।
यदि ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, तो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को उनका सत्यापन कराना चाहिए। शिकायतों पर कार्रवाई, FIR दर्ज करने की स्थिति और लंबित विवेचनाओं का रिकॉर्ड सार्वजनिक होने से पुलिस व्यवस्था के प्रति जवाबदेही बढ़ सकती है।
वरिष्ठ अधिकारी कब लेंगे संज्ञान?….
एक से 15 अक्टूबर के बीच दर्ज बताए जा रहे चार अपहरण संबंधी मुकदमों और तीन चोरी के मामलों में पुलिस की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। सवाल यह है कि चारों किशोरियों की तलाश कहां तक पहुंची, चोरी के मामलों में कितने संदिग्धों से पूछताछ हुई, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच हुई या नहीं तथा लंबित मामलों में बरामदगी के लिए क्या कदम उठाए गए? इस मामले में जब थाने प्रभारी से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा है ।
अब निगाहें संदीपनघाट पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों पर हैं। क्या इन मामलों की समीक्षा कर समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाएगी, या पीड़ित परिवारों को कार्रवाई की जानकारी के लिए इंतजार करना पड़ेगा?
