NEET पेपर लीक- यूपी में 6 स्टूडेंट का सुसाइड:CJP की ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग; घरवाले बोले- अब तक किसी ने संपर्क नहीं किया
3 मई को NEET पेपर लीक के बाद देशभर में 24 बच्चों ने आत्महत्या कर ली। इसमें से 6 यूपी के थे। इनके परिवार का दावा था कि हमारे बच्चे पेपर लीक और दोबारा परीक्षा से तनाव में थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 35 दिन आंदोलन चला। सोनम वांगचुक के अनशन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। CJP ने जिन मांगों के साथ अपना प्रदर्शन रोका, उनमें एक डिमांड ये भी थी कि जिन बच्चों ने अपनी जिंदगी खत्म की, उन्हें ₹1 करोड़ मुआवजा दिया जाए। केंद्र सरकार रजामंद भी हुई। लेकिन, क्या अपने बच्चों को खो चुके यूपी के परिवारों से किसी ने संपर्क किया? ये सवाल दैनिक भास्कर ने इन परिवारों से पूछा। जवाब था- किसी अधिकारी ने संपर्क नहीं किया। न ही कॉकरोच जनता पार्टी के किसी पदाधिकारी से बात हुई। संडे बिग स्टोरी में यूपी के इन 6 परिवारों का दर्द पढ़िए… 20 साल की श्रुति पिछले 2 साल से कोटा में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रही थीं। इस बार NEET का दूसरा अटेम्प्ट दिया था। पिता महेंद्र पाल ने बताया- श्रुति का पेपर काफी अच्छा हुआ था। पेपर लीक होने के बाद वो घर आ गई थीं। 21 जून का री-एग्जाम सेंटर बदलवाकर हमीरपुर से ही दिया। दोबारा एग्जाम के बाद श्रुति ने घर पर बताया कि पहले के मुकाबले ये वाला पेपर कठिन था। आंसर-की से मिलान करने पर करीब 550 नंबर बन रहे थे, लेकिन रिजल्ट में बहुत कम नंबर आए। इसके बाद से श्रुति डिप्रेशन में थी। घरवालों ने उन्हें काफी समझाया, लेकिन 18 जुलाई को सुसाइड कर लिया। पिता महेंद्रपाल ने बताया- श्रुति घर में सबसे बड़ी थी। उसके बाद 2 बेटियां और 1 बेटा है। श्रुति की मां की कोरोना में मौत हो गई थी। क्या किसी ने संपर्क किया- पिता ने कहा कि पुलिस आई थी, लेकिन और कोई अधिकारी हमारे घर नहीं आया। न ही कोई फोन कॉल आई। चंचली दो भाइयों में इकलौती बहन थी। बड़े भाई अभिनव भारती डॉक्टर हैं। बहन भी उन्हीं के नक्शेकदम पर चलकर डॉक्टर बनना चाहती थी। चंचली के पिता अमरजीत किसान हैं। वे बताते हैं कि 21 जून को चंचली ने दोबारा NEET का पेपर दिया था। शाम को उससे मिला, तो खुश नजर आ रही थी। कह रही थी कि पेपर अच्छा हुआ है। अगले दिन दोपहर को जब मैं खेत से लौटा, तो उसी ने मुझे खाना खिलाया। खाना खाकर मैं फिर खेत पर चला गया। कुछ देर बाद पता चला चंचली घर में फंदे से लटक गई है। सुसाइड नोट में उसने लिखा- भइया मुझे माफ करना, मेरे से कुछ नहीं हो पाएगा। क्या किसी ने संपर्क किया- परिवार ने बताया कि सामाजिक संगठन या जिले के अधिकारियों ने संपर्क नहीं किया है। 22 साल के जतिन कई साल से मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। री-एग्जाम से दो दिन पहले 19 जून को वह फंदे से लटक गए। पुलिस को जतिन के मोबाइल से एक मिनट का वीडियो मिला। इसमें वह कह रहे थे कि मैं अपनी मर्जी से ऐसा कदम उठा रहा हूं, क्योंकि मेरा सभी चीजों से मोह खत्म हो गया है। जतिन के पिता राजेश कुमार सहारनपुर में खाद्य विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। मां और छोटी बहन गाजियाबाद में रहती हैं। घरवाले बताते हैं कि पढ़ाई को लेकर उस पर कोई दबाव नहीं बनाता था। क्या किसी ने संपर्क किया- पिता राजेश कुमार कहते हैं कि हमें मुआवजे के बारे में कुछ पता नहीं है। हमारे घर कोई नहीं आया। 21 साल के ऋतिक ने तीसरी बार NEET का पेपर दिया था। पिता अनूप मिश्रा ईंट-भट्ठा चलाते हैं। मां हाउसवाइफ हैं। अनूप बताते हैं- ऋतिक परीक्षा देकर खुश था। कह रहा था कि इस बार सिलेक्शन हो जाएगा, लेकिन पेपर लीक के बाद एग्जाम कैंसिल हो गया। पेपर लीक और दोबारा एग्जाम होने से वो बेहद परेशान था। 15 मई को उसने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। क्या किसी ने संपर्क किया- अनूप कहते हैं कि हम छोटे शहर में रहते हैं। यहां ऋतिक के मरने का किसी को फर्क नहीं पड़ा। 18 साल की सृष्टि बिहार के एक मिलिट्री स्कूल में पढ़ती थीं। वहां वे अपनी मौसी के पास रहती थीं। NEET परीक्षा देने के लिए करीब 3 महीने पहले बिहार से अपने घर आजमगढ़ लौटी थीं। सृष्टि के पिता संजय यादव का कोरोना में निधन हो गया था। मां आशा देवी सरकारी टीचर हैं। सृष्टि ने NEET के री-एग्जाम का कटऑफ देखने के बाद सृष्टि ने फांसी लगाकर जान दे दी। क्या किसी ने संपर्क किया- मां आशा देवी की तबीयत खराब है, परिवार को सांत्वना देने भी कोई नहीं आया। शिवानी यादव 17 साल की थीं। पहली बार NEET का एग्जाम दिया था। एग्जाम कैंसिल होने के बाद डिप्रेशन में चली गईं। 16 जून को उनकी लाश घर के अंदर दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकती मिली। पिता के मुताबिक, शिवानी ने 12वीं पास करने के बाद पहली बार NEET का एग्जाम दिया था। एग्जाम काफी अच्छा हुआ था, लेकिन पेपर लीक होने से वह काफी परेशान थी। क्या किसी ने संपर्क किया- पिता रंजीत कुमार ने बताया कि परिवार से कोई मिलने नहीं आया। अब जानिए मृतक बच्चों के घरवालों ने क्या कहा… पिता बोले- सरकार की नाकामी ने बेटी छीन ली हमीरपुर की श्रुति साहू के पिता महेंद्र अपनी बेटी की मौत से टूट गए हैं। वह कहते हैं- कोरोना के वक्त पत्नी का देहांत हो गया था। उसके बाद मैंने ही परिवार को संभाला। 4 बच्चों में श्रुति सबसे बड़ी थी। वो पढ़ने में अच्छी थी। उसे यकीन था कि NEET में सिलेक्शन हो जाएगा, लेकिन परीक्षा रद्द होने से वो टूट-सी गई थी। उसने दोबारा परीक्षा दी, लेकिन तनाव की वजह से घर आकर सुसाइड कर लिया। महेंद्र कहते हैं- सरकार की नाकामी की वजह से मेरी बेटी की जिंदगी खत्म हो गई। सरकार को सोचना चाहिए कि बच्चा सालभर मेहनत करके परीक्षा देता है। पेपर लीक के बाद वो टूट जाता है। प्रशासन के किसी भी व्यक्ति ने मुझसे अब तक कोई संपर्क नहीं किया है। बेटी की मौत के बाद हम एकदम टूट गए हैं। न सरकार और न ही कॉकरोच पार्टी ने किया संपर्क महाराजगंज की चंचली भारती के पिता अमरजीत बेटी की मौत को लेकर काफी दुखी हैं। हमने पूछा कि क्या प्रशासन ने मुआवजे को लेकर आपसे बात की? या कॉकरोच पार्टी के लोगों ने आपसे संपर्क किया? वे बताते हैं- बेटी की मौत को एक हफ्ते से ज्यादा बीत गया है, लेकिन किसी ने कोई संपर्क नहीं किया। हमसे किसी ने कोई बात नहीं की। आजमगढ़ की सृष्टि यादव के ममेरे भाई राजन से हमारी बात हुई। वह बताते हैं- हम लोग दिल्ली में जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल तो नहीं हुए, लेकिन वहां के बारे में सारी जानकारी ले रहे थे। सृष्टि की मौत के बाद कॉकरोच पार्टी या जिला प्रशासन के किसी अधिकारी ने हमसे कोई संपर्क नहीं किया है। इसके बाद हमने बारी-बारी से सभी मृतक बच्चों के घरवालों से बात की। सभी का यही कहना है कि मुआवजे को लेकर सरकार या प्रशासन की तरफ से किसी ने संपर्क नहीं किया है। मुआवजा देने के वादे पर खत्म हुआ था आंदोलन NEET पेपर लीक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब 35 दिन धरना दिया। केंद्र सरकार से तीन बार पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका से बातचीत की। इस दौरान कॉकरोट पार्टी ने तीन मांगें रखीं। पहली- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो। दूसरा- NEET पेपर लीक के चलते जान देने वालों के परिजन को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा मिले। तीसरी- प्रदर्शनकारियों पर किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न की जाए। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 24 जुलाई को इस्तीफा दे दिया। सरकार की तरफ से बात कर रहे स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आश्वासन दिया कि किसी भी प्रदर्शनकारी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। मुआवजे पर भी सहमति की बात कही गई। हालांकि मुआवजा एक करोड़ होगा, इसे लेकर क्लियर नहीं कहा गया। ये मुआवजा कब दिया जाएगा, इसे लेकर कॉकरोच पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने भी कोई बात साफ नहीं की है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी को गाली देने वाली लड़की ने माफी मांगी, हाथ जोड़कर बोली- मैं 15 साल की हूं, गलती पर शर्मिंदा हूं दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में पीएम मोदी को गाली देने वाली नोएडा की लड़की ने माफी मांग ली। हाथ जोड़ते हुए उसने कहा- मैंने जो किया, वह माफी के लायक नहीं था। मैं सिर्फ 15 साल की हूं। यह मेरी पहली और आखिरी गलती है। मैं दोबारा ऐसा नहीं कहूंगी। पूरी खबर पढ़ें…
