प्रयागराज पुलिस की कार्यप्रणाली पर RTI का शिकंजा, तीन वर्षों के अपराध व विवेचना का मांगा गया विस्तृत लेखा-जोखा
👉 एफआईआर, चार्जशीट, अंतिम रिपोर्ट से लेकर DLOC बैठकों की कार्यवाही तक की जानकारी तलब
प्रयागराज। कौशाम्बी जनपद के निवासी अमरनाथ झा द्वारा दाखिल एक विस्तृत ऑनलाइन आरटीआई आवेदन ने प्रयागराज पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 30 मार्च 2026 को दाखिल इस आवेदन के माध्यम से 1 जनवरी 2023 से 30 मार्च 2026 तक के सभी दर्ज मुकदमों और उनकी विवेचना की स्थिति का व्यापक विवरण मांगा गया है।
आवेदन में स्पष्ट रूप से कुल दर्ज एफआईआर की संख्या, थाना-वार और वर्षवार अपराध के आंकड़े, तथा विभिन्न श्रेणियों में अपराधों का वर्गीकरण मांगा गया है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि इन मामलों में कितनों में चार्जशीट दाखिल की गई, कितनों में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाई गई और कितने मामले अभी भी विवेचना के स्तर पर लंबित हैं। यह जानकारी पुलिस की जांच प्रक्रिया की गति और प्रभावशीलता को परखने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आरटीआई में केवल सांख्यिकीय आंकड़ों तक ही सीमित न रहकर विभागीय जवाबदेही पर भी जोर दिया गया है। आवेदक ने जिला स्तरीय अपराध निगरानी समिति (DLOC) की बैठकों की कार्यवाही (Minutes of Meeting), विवेचना में देरी के कारण, तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा है। इसके अतिरिक्त अपराध समीक्षा रिपोर्ट, विवेचना की गुणवत्ता और निगरानी तंत्र की पारदर्शिता से जुड़े बिंदुओं को भी शामिल किया गया है।
आवेदन में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रावधानों का हवाला देते हुए मांगी गई जानकारी 30 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने की मांग की गई है। साथ ही सभी सूचनाएं प्रमाणित प्रतियों (Certified Copies) के रूप में उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि प्रस्तुत जानकारी की विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
यह आरटीआई आवेदन ऐसे समय में सामने आया है जब पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण और विवेचना की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की सूचनाएं सार्वजनिक होती हैं, तो इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि पुलिस तंत्र की जवाबदेही भी तय होगी।
अब निगाहें प्रयागराज पुलिस प्रशासन के जवाब पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कितनी विस्तृत और सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है, और क्या यह आवेदन पुलिस व्यवस्था में सुधार की दिशा में कोई ठोस पहल साबित होता है।
Amarnath jha Kaushambi – 9415254415
