RTI पर ‘ट्रांसफर गेम’! जवाब देने के बजाय आवेदन घुमाया गया, सिस्टम पर उठे सवाल

0
IMG_20260318_125546

👉 जिले में भूदान समिति के जमीनों का मांगा गया है रिकार्ड ,मंझनपुर के भेलखा , पाता,बबुरा , भैला,कादिराबाद सहित कई गांवों का मांगा गया है रिकार्ड..

जनपद कौशाम्बी में सूचना का अधिकार कानून की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पत्रकार अमरनाथ झा द्वारा 23 फरवरी 2026 को दायर की गई RTI का अब तक सीधा जवाब नहीं मिला, बल्कि विभागों के बीच घुमाने का खेल सामने आया है।
कलेक्ट्रेट कौशाम्बी के जन सूचना अधिकारी कार्यालय से 16 मार्च 2026 को जारी पत्र में बताया गया कि मांगी गई सूचना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती, इसलिए आवेदन को संबंधित उपजिलाधिकारी—मंझनपुर/चायल/सिराथू—को ट्रांसफर कर दिया गया है। यानी आवेदक को जानकारी देने के बजाय जिम्मेदारी आगे बढ़ा दी गई।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि आवेदक द्वारा 10 रुपये का पोस्टल ऑर्डर जमा किया गया है, फिर भी समयबद्ध जवाब देने की बजाय विभागीय प्रक्रिया का हवाला देकर मामला टाल दिया गया। इससे यह साफ होता है कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत तय 30 दिन की समय सीमा का पालन नहीं हो रहा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक RTI आवेदनों को एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर में घुमाकर जिम्मेदारी से बचा जाएगा? क्या संबंधित अधिकारी समय पर जवाब देने के बजाय सिर्फ “ट्रांसफर” कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रहे हैं?
अब निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित उपजिलाधिकारी कार्यालय कब तक सूचना उपलब्ध कराता है या फिर आवेदक को अपील का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
निष्कर्ष: कौशाम्बी में RTI व्यवस्था पर यह मामला एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है—क्या पारदर्शिता सिर्फ कागजों तक सीमित है?

अमरनाथ झा पत्रकार – 8318977396

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *