रोजगार मेले की हकीकत पर RTI का शिकंजा, कागजों पर नौकरी या सच में मिला रोजगार
👉 पत्रकार अमरनाथ झा ने जिला सेवा योजन कार्यालय कौशाम्बी से 6 साल के रोजगार मेलों का पूरा हिसाब मांगा..
कौशाम्बी । जिले में आयोजित रोजगार मेलों की पारदर्शिता अब सवालों के घेरे में आ गई है। पत्रकार अमरनाथ झा ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जिला सेवा योजन कार्यालय से वर्ष 2020 से 15 मार्च 2026 तक आयोजित सभी रोजगार मेलों का पूरा ब्योरा मांग लिया है। इस RTI के बाद विभाग में हलचल मच गई है।
RTI में पूछा गया है कि इस अवधि में कुल कितने रोजगार मेले आयोजित किए गए, उनमें कितनी कंपनियों ने भाग लिया और कितने युवाओं ने आवेदन किया। इसके साथ ही चयनित अभ्यर्थियों की सूची, कंपनियों के नाम, चयन प्रक्रिया और कितने युवाओं ने वास्तव में नौकरी जॉइन की—इसका भी पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है।
आवेदन में यह भी मांग की गई है कि हर रोजगार मेले में चयनित उम्मीदवारों का नाम, पता, चयन की तिथि और संबंधित कंपनी का विवरण उपलब्ध कराया जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि रोजगार मेले सिर्फ आंकड़ों का खेल हैं या वास्तव में युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत यह आवेदन डिप्टी कलेक्टर एवं लोक सूचना अधिकारी, जिला सेवा योजन कार्यालय कौशाम्बी को भेजा गया है। कानून के अनुसार विभाग को 30 दिनों के भीतर जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
यदि विभाग पूरी जानकारी देता है तो रोजगार मेलों की असली तस्वीर सामने आ सकती है। वहीं अगर जानकारी देने में टालमटोल की गई तो यह भी अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करेगा कि आखिर रोजगार मेलों के आंकड़ों में क्या छिपाया जा रहा है।
अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254415
