समसपुर में तालाब की आड़ में चुनिंदा कार्रवाई का आरोप ,पैसा देने वालों के मकान सुरक्षित, गरीबों पर चला बुलडोज़र?, लेखपाल पर पैसा लेकर कार्यवाही का आरोप
समसपुर, कौशांबी में तालाब की जमीन पर कार्रवाई से हड़कंप।
चायल तहसील के आराजी नंबर 690 का मामला गरमाया।
पप्पू पुत्र शिव प्रसाद धोबी का मकान 14 फरवरी को गिराया गया।
ग्रामीणों ने चयनात्मक कार्रवाई और वसूली का लगाया आरोप।
आरोप—पैसा देने वालों के मकान सुरक्षित, बाकी पर चला बुलडोजर।
रमेश, हंसी और उनके परिजनों के मकान भी तालाब में होने का दावा।
सरोजा देवी की सेटिंग उतरवाई, अन्य को नोटिस देकर छोड़ा गया?
अमर सिंह व मुन्नू से कथित वसूली के बाद कार्रवाई नहीं।
लगभग दो दर्जन मकान तालाब क्षेत्र में बताए जा रहे।
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच व जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
कौशांबी। जनपद कौशांबी की चायल तहसील अंतर्गत समसपुर गांव में तालाब की भूमि पर बने मकानों को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि 14 फरवरी 2026, शनिवार को पप्पू पुत्र शिव प्रसाद धोबी का मकान लेखपाल व कानूनगो की मौजूदगी में गिरवा दिया गया, जबकि उसी आराजी संख्या 690 में अन्य कई लोगों के मकान भी तालाब की जमीन पर बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई निष्पक्ष न होकर चयनात्मक ढंग से की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार रमेश का मकान स्वयं तालाब में स्थित है, साथ ही उसकी बुआ हंसी पत्नी राम सूरत तथा उसके चारों बेटों के मकान भी उसी भूमि पर बने हैं। इसी प्रकार जीते, बिन्नी व गन्ने पुत्रगण रमेश के मकान भी तालाब क्षेत्र में बताए जा रहे हैं। आरोप यह भी है कि रूपचन्द्र का मकान तालाब में होने के बावजूद कथित रूप से धन लेकर बनवा दिया गया। वहीं सरोजा देवी से पैसा न मिलने पर उसकी सेटिंग उतरवा दी गई। अमर सिंह और मुन्नू को भी नोटिस दिया गया था, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि उनसे पैसा लेने के बाद उनके मकान नहीं गिराए गए।
ग्रामीणों ने लेखपाल गजेंद्र सिंह पटेल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पूरे मोहल्ले में लगभग दो दर्जन से अधिक मकान तालाब की भूमि पर बने हैं, लेकिन कार्रवाई केवल उन लोगों पर की गई जिन्होंने कथित रूप से भुगतान नहीं किया। शिव प्रसाद कहार समेत कई अन्य परिवार भी इसी स्थिति में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चयनात्मक कार्रवाई और वसूली से क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि तालाब भूमि पर अवैध कब्जों के नाम पर किसी के साथ भेदभाव न हो और एक समान कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अमरनाथ झा पत्रकार कौशाम्बी – 9415254415
