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नागपुर के सावनेर तहसील के ग्राम रोहणा में सामाजिक जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन, नशा मुक्ति और विकास पर हुई चर्चा

👉 ग्राम रोहणा में सामाजिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन, नशा मुक्ति अभियान के तहत कीर्तन और संवाद सत्र आयोजित…

👉 छत्रपति शिवाजी और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों से मिली प्रेरणा, एमएसडब्ल्यू और बीएसडब्ल्यू छात्रों ने ग्रामीण विकास पर किया संवाद ..

👉 ग्राम पंचायत सरपंच चंद्रशेखर लांडे ने जागरूकता अभियान की सराहना, आयोजकों की प्रतिबद्धता – भविष्य में भी जारी रहेगा यह सामाजिक अभियान..

नागपुर। सावनेर तहसील के  ग्राम पंचायत रोहणा में स्वामी विवेकानंद समाज कार्य महाविद्यालय के सहयोग से सामाजिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक बुराइयों, नशा मुक्ति, और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना था।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच चंद्रशेखर रामभाऊ लांडे, स्वामी विवेकानंद समाज कार्य महाविद्यालय से आकाश महाराज टाले, प्रमोद सातंगे, श्रीपद नायब सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति से इस आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बनाया गया।

शराब और नशा मुक्ति पर जागरूकता अभियान

इस शिविर के दौरान कीर्तन और संवाद सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें शराब और अन्य नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति विशेष को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है। ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

महापुरुषों के विचारों से मिली प्रेरणा

शिविर के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों को साझा किया गया। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार इन महापुरुषों के आदर्शों को अपनाकर समाज को नई दिशा दी जा सकती है। शिवाजी महाराज के नेतृत्व और अंबेडकर द्वारा बताए गए सामाजिक समरसता के सिद्धांतों पर चर्चा की गई।

छात्रों द्वारा गांव में जागरूकता अभियान

कार्यक्रम के अंतर्गत एमएसडब्ल्यू (MSW) और बीएसडब्ल्यू (BSW) के छात्रों ने गांव में छह दिन तक रुककर विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया। ये छात्र ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें शिक्षा, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे।

ग्राम पंचायत की सराहना और भविष्य की योजनाएँ

ग्राम पंचायत सरपंच चंद्रशेखर लांडे ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होते हैं। जागरूकता से ही समाज का विकास संभव है, और हम इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।”

आयोजकों की प्रतिबद्धता

स्वामी विवेकानंद समाज कार्य महाविद्यालय के प्रतिनिधियों ने इस तरह के सामाजिक जागरूकता अभियानों को भविष्य में भी जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। उनका मानना है कि ग्रामीण भारत का विकास तभी संभव है जब वहां के लोग खुद जागरूक हों और बदलाव के लिए आगे आएं

यह शिविर ग्रामीण समाज में जागरूकता लाने और सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। नशा मुक्ति, सामाजिक समरसता और विकास पर केंद्रित यह आयोजन गांव के लोगों के लिए एक नई प्रेरणा लेकर आया। इस तरह के प्रयास आगे भी होते रहें, यही इस कार्यक्रम का उद्देश्य रहा।

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