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प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या को हुई भगदड़: लगभग 67 से अधिक लोगों की मौत, प्रशासन ने कहा 30- की मौत -आकड़े छुपाने का आरोप ,अखिलेश यादव ने सरकार पर बोला हमला, गठित हुई जांच टीम

👉 प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़:30 से 36 की मौत, प्रशासन पर उठे सवाल ,महाकुंभ में त्रासदी: भीड़ नियंत्रण में चूक, सरकार ने दिए जांच के आदेश..

दूसरे दिन फिर पंडाल में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू, कोई हताहत नहीं..

👉 प्रयागराज महाकुंभ हादसा: कई दर्जन मृत, सैकड़ों घायल, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल ,महाकुंभ में मची भगदड़, सरकार ने VIP पास किए रद्द…

👉 अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला: “महाकुंभ की व्यवस्था में घोर लापरवाही” ,प्रयागराज कुंभ हादसा: शवगृहों में उमड़ी भीड़, परिजन अपनों की तलाश में भटक रहे

👉 महाकुंभ में हादसे के बाद सरकार अलर्ट, मेले में नई व्यवस्थाएं लागू ,प्रशासनिक लापरवाही से कुंभ में भगदड़, विपक्ष ने की न्यायिक जांच की मांग

रिपोर्ट अमरनाथ झा – 9415254415

प्रयागराज। महाकुंभ मेले में मची भगदड़ के चलते बड़ा हादसा हो गया, जिसमें अब तक 67 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं। प्रशासन द्वारा अभी तक 36 मौतों की पुष्टि की गई है, जबकि सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम हाउस में 67 शव पहुंच चुके हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगदड़ मुख्य रूप से दो स्थानों – संगम नोज और झूंसी क्षेत्र में हुई। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई। चश्मदीदों ने बताया कि प्रशासन की ओर से पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण भीड़ अनियंत्रित हो गई, जिससे यह त्रासदी हुई।

अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा….

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हादसे को लेकर सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सरकार ने महाकुंभ के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जब इतनी भीड़ जुटनी थी, तो सरकार की तैयारियां क्या थीं? यह सरकार की पूरी तरह से नाकामी है।”

अखिलेश ने आगे कहा कि सरकार को मृतकों और घायलों के परिवारों को तत्काल मुआवजा देना चाहिए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा, “जब आपने इतना प्रचार किया तो व्यवस्थाएं क्यों नहीं कीं? अब साधु-संत भी कहने लगे हैं कि सरकार झूठ बोल रही है।”

प्रशासन ने 36 मौतों की पुष्टि की, परिजनों में रोष….

मेले में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने जहां 36 मौतों की पुष्टि की है, वहीं स्थानीय सूत्रों के मुताबिक यह संख्या 67 के पार पहुंच चुकी है। शवगृहों में लंबी कतारें देखी जा रही हैं और परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं।

मेले में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया है। हालांकि, कई संगठनों और राजनीतिक दलों ने सरकार पर हादसे को छुपाने का आरोप लगाया है।

सरकार ने जांच के आदेश दिए….

घटना के बाद राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मेले में अब किसी भी तरह की अव्यवस्था न होने पाए।

कौशाम्बी और झूंसी और फाफामऊ की तरफ भी लाखों किन संख्या भी वाहन जाम में फंसे रहे। शहर से 20 किलो मीटर तक 8-10 घंटे लोग जाम में फंसे रहे। फिलहाल सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख देने की घोषणा की है। इस मामले में न्यायिक जांच भी गठित की गई है । Vip कल्चर को खत्म किया गया है, सभी के vip पास निरस्त कर दिया गया है। मेला क्षेत्र नो व्हीकल क्षेत्र घोषित किया गया है ।

इस भयावह हादसे ने कुंभ मेले की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों और आम जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस त्रासदी से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है।

 

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