प्रयागराज महाकुंभ मेला: मौनी अमावस्या के पर्व पर भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत, जांच समिति गठित

👉 प्रयागराज महाकुंभ मेला: मौनी अमावस्या पर भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत ,मेला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर 1920
👉 मौतों की संख्या बढ़ने की आशंका, 5 मृतकों की पहचान अभी बाकी, सैकडो घायल, भगदड़ के कारणों की जांच के लिए ज्यूडिशियल इंक्वायरी समिति का गठन ।
👉 डीआईजी महाकुंभ ने स्थिति को सामान्य बताया, घायलों को अस्पताल में इलाज ,मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की मदद का ऐलान, महाकुंभ मेले में कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं, भविष्य में भी नहीं होगा
रिपोर्ट: अमरनाथ झा – 9415254415
प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। संगम की रेती पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से 30 श्रद्धालुओं की जान चली गई। मेला अधिकारी विजय किरन आनंद और डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने घटना की पुष्टि की है। डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने बताया कि मृतकों में कर्नाटका के चार, असम के एक और गुजरात के एक श्रद्धालु शामिल हैं। जबकि 25 मृतकों की शिनाख्त कर ली गई है, पांच अन्य मृतकों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
यह हादसा रात करीब 1:00 से 2:00 बजे के बीच हुआ, जब संगम नोज की तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से अखाड़ा मार्ग पर बैरिकेटिंग टूट गई, जिससे जमीन पर सो रहे श्रद्धालुओं के ऊपर से भीड़ गुजर गई और भगदड़ मच गई। इस दौरान अफरा-तफरी मचने के कारण कई श्रद्धालु दबकर घायल हो गए और कुछ की मौत हो गई। घटनास्थल पर प्रशासन तुरंत पहुंचा और ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायल श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र के सेक्टर एक स्थित केन्द्रीय अस्पताल में भेजा गया।
घटना के 17 घंटे बाद मेला अधिकारी विजय किरन आनंद और डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने प्रेस ब्रीफिंग आयोजित कर जानकारी दी कि 36 घायलों का इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है। कुछ घायलों को उनके परिजन लेकर घर चले गए हैं। मृतकों के परिजनों की मदद के लिए मेला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया है, ताकि श्रद्धालु या उनके परिवार के सदस्य घायल या मृतक के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।
डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने कहा कि महाकुंभ मेले में स्थिति अब सामान्य है और सभी श्रद्धालुओं को अमृत स्नान का लाभ दिया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्यों, महामंडलेश्वरों और अखाड़ों से संवाद कर सभी से अनुरोध किया था कि वे इस अमृत स्नान में भाग लें। इसके बाद स्नान की प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
इसके साथ ही डीआईजी महाकुंभ ने यह भी साफ किया कि मौनी अमावस्या के दिन प्रशासन द्वारा कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं लागू किया गया था और भविष्य में भी किसी प्रमुख स्नान पर्व पर वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं होगा। मेला अधिकारी विजय किरन आनंद ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता अब यह है कि जो श्रद्धालु महाकुंभ मेले में आए हैं, उन्हें सकुशल स्नान करा कर वापस भेजा जाए।
घटना की जांच और मदद: घटना के बाद प्रशासन ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है और अब इस मामले की ज्यूडिशियल इंक्वायरी की जाएगी। इसके लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश हर्ष कुमार करेंगे। इसके अलावा, पूर्व वी.के. गुप्ता और रिटायर्ड आईएएस बीके सिंह को भी इस जांच समिति में शामिल किया गया है। समिति का उद्देश्य यह जानना है कि यह हादसा क्यों हुआ और इसके पीछे क्या कारण थे। पुलिस भी इस हादसे की जांच करेगी। मृतकों के परिजनों के लिए मेला प्रशासन ने 25-25 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया है। यह कदम प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों की आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए उठाया गया है।
यह हादसा महाकुंभ मेले के इतिहास में एक बड़ा दर्दनाक हादसा बनकर सामने आया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है, लेकिन इस घटना ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच समिति इस मामले की तह तक जाने के लिए अपनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना से बचा जा सके।