महाकुंभ 2025: अव्यवस्थाओं के खिलाफ कल्पवासियों का आक्रोश, मेले के सेक्टर 6 में कल्पवासियों ने काटा बवाल, पैसे के दुरुपयोग का लगाया आरोप, पानी की बढ़ी दिक्कत, कुंभ के नाम पर मची है लूट, शहर मे होटलों के कमरों का किराया बढ़ा 8 गुना

👉 महाकुंभ 2025 में अव्यवस्थाओं पर श्रद्धालुओं का गुस्सा फूटा, सेक्टर 6 में पानी की कमी, कल्पवासियों ने किया धरना प्रदर्शन
👉 6 हजार 82 करोड़ के खर्च के बावजूद सुविधाओं का अभाव, मेलाधिकारी और जल निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी
👉 साधुओं का आरोप: केवल बड़े साधुओं की हो रही है व्यवस्था ,प्रशासन की लापरवाही पर नाराज श्रद्धालु किए नारेबाजी , तुरंत कार्रवाई की मांग
👉 दिव्य, भव्य और महाकुम्भ कि पोल खोल रहा मेले में अव्यवस्था, सिर्फ टेंट की सिटी, कार्यालय आदि बनाने में खर्च हो रहे करोड़ों रुपए , अव्यवस्थाओं की है भरमार ….
प्रयागराज । संगम में महाकुंभ 2025 के आयोजन के दौरान अव्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं और कल्पवासियों का आक्रोश बढ़ा दिया है। संगम नगरी में सेक्टर 6 में 16 जनवरी को स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब पानी की सुविधा की कमी और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ कल्पवासी धरने पर बैठ गए। इस दौरान मेलाधिकारी को बुलाने और जल निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
कल्पवासियों ने आरोप लगाया कि शौचालयों में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन ने कुंभ के नाम पर 6 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाएं कई सेक्टरों में अब भी गायब हैं। प्रदर्शनकारियों ने इस कुंभ को “अमृत कुंभ” के बजाय “मृत कुंभ” करार दिया।
साधु-संतों और कल्पवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि केवल बड़े और प्रमुख साधुओं की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है, जबकि आम श्रद्धालुओं और साधुओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। उनका कहना है कि प्रशासन ने पिछले कुंभ की तुलना में इस बार की व्यवस्थाओं को और बदतर कर दिया है। साधुओं का कहना है कि कुंभ मेले का उद्देश्य भक्ति और साधना है, लेकिन यहां व्यवस्थाओं की कमी ने श्रद्धालुओं को परेशान कर दिया है।
सेक्टर 6 में पानी की कमी को लेकर जब हंगामा बढ़ा, तो कल्पवासियों ने धरना शुरू कर दिया और मेलाधिकारी को बुलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अधिकारी केवल बजट खर्च दिखाने में व्यस्त हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। जल निगम के अधिकारियों, जेई और एक्सियन पर भी गंभीर आरोप लगाए गए और उनके खिलाफ नारेबाजी की गई।
कल्पवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने कुंभ के नाम पर पैसा लूटने का काम किया है। कई लोगों ने कहा कि इस बार की व्यवस्था इतनी खराब है कि पिछले कुंभ की व्यवस्थाएं कहीं बेहतर थीं। महाकुंभ में ऐसी अव्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं और साधुओं में नाराजगी बढ़ा दी है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है ताकि महाकुंभ का मूल उद्देश्य और श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे।
अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254415 ,8318977396