Fri. Feb 26th, 2021

पीएमजीएसवाई सडक में भ्रष्टाचार पर नहीं लग रहा है लगाम । एक्शियन हरिश्चंद्र त्रिवेदी पर लग चुके हैं भ्रष्टाचार के कई इल्जाम , फिर भी मिला है कौशांबी और प्रयागराज जिले का अतिरिक्त चार्ज , योगी और मोदी की योजनाओं को फेल कर रहा है एक्सईएन

मूरतगंज कुरईघाट रोड में हुआ है घोटाला , ठेकेदार को बचाने मे एक्सईएन ने संभाला, नहीं हुई ठेकेदार पर कार्रवाई । चीफ ने लिखा था ठेकेदार पर कार्रवाई करने के लिए एक्सीडेंट को पत्र ।

👉 कौशाम्बी । हिंदी खबर संवाददाता अमरनाथ झा की खबर का हुआ असर ,प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में भ्रष्टाचार की चलाई थी खबर ।

👉 जीटी रोड से कुरईघाट रोड 2 से 9 किलोमीटर सड़क मामले में ठेकेदार द्वारा किया गया था भ्रष्टाचार, गुणवत्ता विहीन कार्य मे पैर मारने से उखड़ जा रही थी गिट्टी ।

👉 खबर का संज्ञान लेकर चीफ इंजीनियर ने लिखा था एक्सियन और एस0ई को पत्र । 

भ्रष्टाचारी एक्सियन पर उच्च अधिकारियों द्वारा कार्यवाही ना किए जाने पर ,पत्रकार ने लिखा पीएमओ कार्यालय को पत्र , मोदी और योगी सरकार की भ्रष्टाचार की जीरो टॉलरेंस नीत पर ग्रहण लगा रहे हैं विभागीय अधिकारी ।

कौशांबी । जनपद में पीएमजीएसवाई सड़क नवीनीकरण मामले में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है । जीटी रोड से कुरईघाट सड़क मामले में नवीनीकरण मे ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता विहीन सड़क 21 दिसम्बर को बिना बांड बने ही काम शुरू कर दिया गया था । इस मामले में हिंदी खबर के पत्रकार अमर नाथ झा द्वारा गुणवत्ता विहीन सड़क की खबर बनाकर चलाने के बाद चीफ इंजीनियर ने इस मामले में संज्ञान लेकर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के लिए एस0ई और एशियन को पत्र लिखा था । पत्र संख्या 1875/ ब्लैक लिस्ट /पीएमजीएसवाई क्षे0प्र0/2020 दिनांक 26 नवंबर को पत्र लिखकर कार्रवाई करने के लिए आदेश दिया है लेकिन एशियन एच0सी त्रिवेदी ने ठेकेदार को बचाते हुए बिना कोई कार्यवाही किए कार्य को समाप्त करा दिया है । उसका भुगतान कराने के लिए पूरी तैयारी यूपीआरडीए से  सीसीएल की मांग भी कर दिया है ।  जल्द ही इस मामले में एसक्यूएम से जांच कराकर पैसा भुगतान कराने के लिए झूठी गुणवत्ता की फर्जी रिपोर्ट लगाकर भुगतान कराना चाहता है । इस मामले में हिंदी खबर ने प्रमुखता से चलाई थी भ्रष्टाचार की घोटाले की खबर जिसका संज्ञान लेकर चायल विधायक संजय गुप्ता भी मौके पर जांच के लिए पहुंचे थे और एक्सईएन को फटकार लगाई थी कि गुणवत्ता पूर्वक सड़क का निर्माण कराया जाए लेकिन इसके बाद भी एक्सईएन पीएमजीएसवाई हरीश चंद्र त्रिवेदी घोटाला करने से बाज नहीं आ रहा है ।

बता दें कि एक्सईएन एचसी त्रिवेदी मूल रूप से फतेहपुर जनपद में तैनात है और इसे कौशांबी तथा प्रयागराज जनपद का अतिरिक्त चार्ज मिला हुआ है लेकिन लगभग ढाई साल से ज्यादा कौशांबी व प्रयागराज में समय बीत जाने के बाद भी कौशांबी में अब तक दो तीन बार से ज्यादा कभी कार्यालय में नहीं बैठा है इतना ही नहीं एक्शन इतना शातिर और होशियार है कि आज तक पीएनसी के आदेश के बावजूद भी कौशांबी जनपद कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाया है । यही कारण है कि जनपद कौशांबी के पीएमजीएसवाई कार्यालय में ना तो एक्सियन बैठता है और ना ही उसके कर्मचारी ए0ई प्रीति पटेल व कृष्ण कुमार आदि लोग नदारद रहते हैं ।
भ्रष्टाचार की लिस्ट इतनी लंबी है कि विभागीय एशियन और अधिकारियों के संज्ञान में होते हुए भी अब तक ठेकेदार को बचाने में लगा हुआ है और गुणवत्ता विहीन सड़क का भुगतान कराने के लिए पूरी ताकत लगाए बैठा है ।
बता दें कि इस मामले में मुख्य अभियंता सेल के पत्रांक संख्या 908 प्रधानमंत्री परियोजना/1123 प्र0प/13 के दिनांक 8 दिसंबर 2020 तथा पत्रांक 1021 प्रधानमंत्री परियोजना /13 , 29 दिसंबर 2020 तक कई पत्र आया है । इसी तरह मुख्य अभियंता क्षेत्र/ प्रयागराज का पृष्ठांकन 2022/ कैम्प पीएमजीएसवाई प्रयागराज दिनांक 24 दिसम्बर 2020 एवं अधीक्षण अभियंता पीएमजीएसवाई वृत्त दिनांक 18 दिसंबर 2020 को प्रथम एवं पत्रांक 5544 /6 कैम्प- जांच पीएमजीएसवाई वृत्त प्रयागराज दिनांक 30 दिसंबर 2020 को अब तक इतने पत्र लिखने के बाद भी इस मामले मे आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है । एक्सियन सारे पत्रों को दबा कर बैठ गया है और खराब सड़क की फर्जी गुणवत्ता वाली रिपोर्ट बना कर भुगतान कराने की तैयारी में जुटा हुआ है । इस मामले में रोड की धनराशि की मांग एक्सईएन ने 48 लाख 38 हजार 783 दिनांक 15 दिसंबर 2020 को यूपीआरआरडीए से की गई है । इतना सब अधिकारियों के एक- एक पत्र लिखने के बावजूद भी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में भ्रष्टाचार का आलम इस तरह से छाया हुआ है । एक्शियन का विभाग में उच्च अधिकारियों तक गठजोड़ इतना तगड़ा है कि इस भ्रष्टाचार में कोई भी उच्च अधिकारी आज तक जांच नहीं किया है और एक्सईएन के रिपोर्ट पर ही गुणवत्ता विहीन सड़क की भुगतान की पूरी तैयारी हो चुकी है । जीटी रोड से कुरईघाट रोड नवीनीकरण कार्य को पेवर से न कराकर मैनुअल कार्य कराया और बिना बांड बने ही कार्य शुरू कराया गया है । इस मामले में कोई भी जेई और एई साइट पर नहीं था फिर भी एक्सियन सड़क में भुगतान कराने के लिए पूरी ताकत लगा रखा है ।

मीडिया की खबर का असर विभागीय उच्च अधिकारियों में होता है या फिर भ्रष्टाचार के इस आलम में सब कुछ यूं ही चलता रहेगा यह जांच का विषय है । जहां एक तरफ देश में मोदी और प्रदेश में योगी का भ्रष्टाचार की जीरो टॉलरेंस नीति की बात हो रही है वहीं कौशांबी जनपद और प्रयागराज में प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना में हो रहे खुलेआम भ्रष्टाचार में उच्च अधिकारी आंख मूंद कर बैठे हैं । ऐसे में योगी और मोदी की योजनाओं में कैसे पारदर्शिता आएगी यह एक बड़ा सवाल है ।

मुख्य ख़बरें