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डॉक्टर बंसल हत्याकांड के कातिलों तक नहीं पहुंच सकी प्रयागराज पुलिस, 5 साल बीतने के बाद भी हत्यारों तक पहुंचने में पुलिस नाकाम, 5 साल में बदले 9 विवेचक -नहीं निकला कोई रिजल्ट, 12 जनवरी 2017 को हुई थी बंशल की हत्या

हजार पन्नों की केस डायरी, सैकड़ो बयान, फिर भी 5 साल बाद डॉक्टर बंसल हत्याकांड में पुलिस के हाथ खाली

👉 बंसल हत्याकांड में कातिलो तक नहीं पहुंच सकी पुलिस कैसे मिलेगा पीड़ित को न्याय।

प्रयागराज  । प्रयागराज  जनपद में  5 साल पहले  हुए  डॉक्टर बंसल  के हत्याकांड की गुत्थी  आज तक नहीं सुना सकती हैं । बता दे कि 12 जनवरी 2017 को पांच साल पहले जब शहर के भीतर हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने ना सिर्फ जिले बल्कि प्रदेश को हिला कर रख दिया था। इस हत्याकांड के मामले में 5 सालों में 9 विवेचक बदले जाने के बाद भी डॉक्टर बंसल हत्याकांड अब भी राज बना हुआ है। हजार पन्नों की केस डायरी, सैकड़ों संदिग्धों के बयान के बाद भी कातिलों का सुराग नहीं मिल सका और इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी अब भी अनसुलझी है।

जीवन ज्योति ग्रुप आफ हॉस्पिटल के निदेशक डॉक्टर ए0के बंसल की 12 जनवरी 2017 को हत्या कर दी गई थी। वह अस्पताल के भीतर बने अपने चेंबर में मरीजों को देख रहे थे इसी दौरान पहुंचे हमलावरों ने उन्हें गोलियों से भून दिया था। लाख कोशिशों के बाद भी पुलिस कातिलो और कत्ल की वजह का पता नहीं लगा सकी है ।

स्थानीय पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ की प्रयागराज के अलावा अन्य इकाइयों ने भी जमकर हाथ-पांव मारे लेकिन सारे प्रयास नाकाम ही साबित हुए है । वर्तमान में मामले की विवेचना कीटगंज थाना प्रभारी के पास है और तब से लेकर अब तक कुल 9 प्रभारी बदल चुके हैं। यानी डॉक्टर बंसल हत्याकांड के 9 विवेचक बदल चुके हैं लेकिन आज भी पुलिस कातिलों का कोई क्लू हासिल नहीं कर सकी है। 1000 से ज्यादा पन्नों की केस डायरी व सैकड़ों लोगों के बयान दर्ज होने के बाद भी पुलिस कत्ल की सही वजह खोज पाने में नाकाम रही है।

इस मामले में आईजी कवींद्र प्रताप सिंह कहते हैं कि प्रशासन की ओर से जो भी निर्देश प्राप्त हुए थे उस संबंध में आख्या उपलब्ध करा दी गई थी, इसके बाद से अब तक कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।

बंशल परिवार ने खो दी न्याय की उम्मीद……

5 साल बाद भी डॉक्टर बंसल के कातिलों के ना पकड़े जाने से उनका परिवार भी आहत है। डॉक्टर बंसल की पत्नी डॉ0 वंदना बंसल कहती हैं कि वह पिछले कई साल से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कर रही हैं। इस दौरान जितने भी कप्तान आए उन्होंने खुद उनसे मिलकर मामले की जांच की मांग की लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं हासिल हुआ है । देखा जाए तो बंसल हत्याकांड की विवेचना कर रही पुलिस पर भी लोगों ने सवालिया निशान उठाना शुरू कर दिया है ।

 

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