Fri. Feb 26th, 2021

पीएमजीएसवाई के तहत सड़क नवीनीकरण में कौशाम्बी और प्रयागराज में व्यापक तरीके से व्याप्त भ्रष्टाचार, बिना बांड बने ही ठेकेदार ने कराया गुणवत्ता विहीन काम, साइट और प्लांट पर नहीं रहे कोई जेई और एई,चीफ इंजीनियर प्रयागराज ने एक्सईएन को पत्र

 हिंदी खबर एवं कौशाम्बी वाइस की खबर का हुआ असर, पीएमजीएसवाई के तहत सड़क नवीनीकरण में भ्रष्टाचार का मामले में चलाई थी खबर ।
👉 डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद में पीएमजीएसवाई विभाग के अधिकारी बेलगाम, बिना बांड गठित किये ही ठेकेदार ने किया काम ।
👉 चीफ इंजीनियर ने ठेकेदार को काली सूची में डालने के लिए लिखा एक्शन को पत्र । विभाग में हिंदी खबर की खबर से मचा हड़कंप ।
👉 जिले के पीएमजेएसवाई में भ्रष्टाचार की इस खबर से विभागीय उच्च अधिकारियों को भी, प्रमुख अधीक्षण अभियंता राजपाल सिंंह(ईएनसी) रूरल को भी फोन के माध्यम से कराया गया अवगत ।
 डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने कौशांबी दौरा कर एक चौपाल कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और 75 करोड़ की जिले मे 51 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किए । जहां सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर काम हो रहा है ,वही पीएमजीएसवाई के तहत सड़क नवीनीकरण में कौशाम्बी और प्रयागराज में व्यापक तरीके से भ्रष्टाचार व्याप्त है । बिना बांड बने ही ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता विहीन सड़क बनाने पर चीफ इंजीनियर प्रयागराज ने एक्सईएन को पत्र लिखकर उसे काली सूची में डालने का निर्देश किया है । यह मूरतगंज के चंदवारी जीटी रोड से कुरईघाट तक बन रही है पीएमजीएसवाई के तहत सड़क का मामला है । ठेकेदार एवं एक्सियन ,एई, और जेई की मिलीभगत से गुणवत्ता विहीन रोड बनाई जा रही है और साइट पर न तो कोई जेई और एई है और ना तो प्लांट पर है कोई जेई और एई है । बिना सरकारी  जेईऔर एई की गैरमौजूदगी में बन रही सड़क की गुणवत्ता कितनी होगी यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है ।
 कौशांबी के  डिप्टी सीएम  यूपी के डिप्टी सीएम  केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद में  चंदवारी से खुरई रोड  के नवीनीकरण  में व्यापक तरीके से भ्रष्टाचार हो रहा है हिंदी खबर  के असर के बाद विभाग मे हड़कंप मच गया है । चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश पांडे ने एक्सईएन हरीश चंद्र त्रिवेदी को पत्र लिखकर ठेकेदार पर कार्रवाई करने एवं उसे काली सूची में डालने के लिए पत्र लिखा है । लेकिन एक्सियन और उनके चहेते जेई बुधराजपाल और ए0ई चोरी  से रात में  3 से 5 दिन के अंदर  पूरी रोड  में लीपापोती कर रोड बनाने पर तुले हुए हैं ।
  सूत्रों की माने तो इस रोड में ना तो कोई  विभाग का जेई और एई प्लांट पर तैनात था और ना ही कोई जेई और एई साइट पर रहा है । विभाग के लगभग आधा दर्जन से ज्यादा  जेई लोगों  ने एक्सईएन के साथ काम करने से इनकार कर दिया है और अपना पत्र लिखकर  चीफ को सौंप दिया है । एक्सियन एच0सी त्रिवेदी के पास लगभग 3 जिले का अतिरिक्त चार्ज मिला हुआ है और इनके भ्रष्टाचार की शिकायतें कई बार  होने के बाद भी  इनकी आदत में सुधार नहीं हुआ है । पीएमजीएसवाई के तहत बनने वाली इस रोड में  गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया है । लगभग 30 परसेंट बिलो इस रोड का टेंडर लेने वाले ठेकेदार गायत्री प्रसाद तिवारी ने गुणवत्ता विहीन इस सड़क को बनाने मे इस तरह से लिप्त है की रोड पर कोई पैर मार देता है तो गिट्टी छितरा जा रही है ।  ठेकेदार ने रोड में सील कोट और पीसी व टैककोट को लेबरों से कराया है, जबकि यह सब मशीन से होना चाहिए । रोड की डस्ट ब्लूविंग मशीन से सफाई होनी चाहिए जिसे  मैनुअल करा कर रोड को कंप्लीट कर दिया गया है ।
 इस मामले में जब  डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से  बात की गई  तो उन्होंने  एक लाइन में जवाब देते हुए कहा  कि बगैर बांड बने कोई रोड बनाई नहीं जा सकती है , जबकि यहां बिना बांड बने ही रोड बनाया जा रहा है।
इस मामले मे उन्होंने कहा  कि आप पता करके बताइए यदि ऐसा है तो हम कार्रवाई करेंगे । जब डिप्टी सीएम  ही इस तरह की बात करेंगे तो विभाग के अधिकारियों  का मनोबल और हौसला और बुलंद हो जाएगा और उनको भ्रष्टाचार करने में सहयोग मिलता है । डिप्टी सीएम को भी यह संंज्ञान नहीं है कि विभाग के चीफ इंजीनियर ने बिना बांड गठित किए हुए सड़क निर्माण करने के मामले में उसे ब्लैक लिस्ट करने के लिए एक्सईएन को पत्र लिख चुके हैं । इतना ही नहीं इस जनपद में तैनात ए0ई प्रीति पटेल को एक्सईएन ने वर्षों से उनके गृह जनपद इलाहाबाद में अटैच कर रखा है । जहां उन्हे अटैचमेंट नहीं किया जा सकता लेकिन भ्रष्टाचार के इस आलम में सब कुछ धड़ल्ले से चल रहा है जिसे कोई रोकने या टोकने वाला नहीं है । पीएमजीएसवाई के तहत लगभग 9 किलोमीटर बनने वाली इस रोड पर बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है । इस मामले में जब कई बार एक्सियन ,एई ,सुपरिटेंडेंट इंजीनियर और चीफ इंजीनियर से फोन पर संपर्क किया गया और बांड के मामले में जानकारी ली गई तो उन्होंने गोलमोल जवाब देकर मामले को एक दूसरे पर डाल दिया है ।
  खबर का संज्ञान लेकर चायल विधायक संजय गुप्ता ने भी दौरा कर सड़क को गुणवत्ता परक बनाने की चेतावनी दी है इसके बावजूद भी एक्सियन के कार्य में सुधार नहीं हुआ है । आखिर कैसे बनेगी गुणवत्ता पूर्वक पीएमजीएसवाई की यह रोड जिसमें ना कोई जेई है और ना कोई सरकारी ए0ई है और ना तो ठेकेदार का  ही पर्सनल जेई है । यही वजह है कि पीएमजीएसवाई के सड़कों में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है । यह मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद भी एक्सियन मनमानी पर उतारू है क्योंकि वह चीफ इंजीनियर का रिश्तेदार है । आखिर किस जे0ई व ए0ई की देखरेख में कार्य हो रहा है यह एक बड़ा सवाल है ।
बता दें कि 50 साल के बाद सरकार जबरन रिटायरमेंट दे रही है ,वही 57 साल के एक्सियन त्रिवेदी को 3 जिले का अतिरिक्त चार्ज देकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है ।एक्सईएन के काले कारनामों की कई बार शिकायत हुई है जिसकी जांच भी उच्च अधिकारियों ने उसी एक्सईएन को ही अपने खिलाफ जांच करने के लिए सौंप दिया है ।एक्सईएन और कुछ जेई व एई का एक रैकेट है जो कि भ्रष्टाचार कर करोड़ों से ज्यादा आय से अधिक और बेनामी संपत्ति बना रखे हैं । इनकी जांच सीबीआई के द्वारा होनी चाहिए ताकि इनके काले कारनामों का खुलासा हो सके जिसमें यह लोग कई वर्षों से पीएमजीएसवाई मे भ्रष्टाचार करके अथाह पैसा कमाने का काम किए हैं और विभाग को चूना लगाने का काम किया है । यही कारण है कि विभाग के आधा दर्जन से ज्यादा जूनियर इंजीनियरों ने एक्सईएन हरिश्चंद्र त्रिवेदी जो चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश पांडे का रिश्तेदार है उसके के साथ काम करने से इंकार कर दिया है और वे लोग अपने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर शिकायत भी किया है ।

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