Sun. Jan 17th, 2021

चरवा पुलिस का अजब कारनामा, निर्दोष को फंसाना और दोषियों को बचाने मे माहिर है पुलिस, हल्का दरोगा दिलीप गुप्ता की तानाशाही, थाने पर 3 दिन कराई पंचायत, मुकदमा लिखने के बाद पीड़ित से दिलाया 35000

फर्जी तरीके से दर्ज हुई की गई एफआईआर, एक्सीडेंट हुआ किसी गाड़ी और से फंसाया गाड़ी किसी और को नहीं मिला न्याय ।
👉 3 दिनों तक थाने में चली पंचायत, नहीं मिला न्याय । हल्का दरोगा दिलीप कुमार गुप्ता का अजब कारनामा, निर्दोष गाड़ी चालक से दिलवाया 35000 और दर्ज कराई उसके खिलाफ f.i.r.
👉 गाड़ी भी उसकी उठाकर किया थाने में बंद, छोड़ने के नाम पर मांगे 20000 , पीड़ित को नही मिला  न्याय

कौशांबी जनपद के थाना चरवा क्षेत्र के बलीपुर टाटा गांव के राकेश कुमार सरोज को फर्जी एक एक्सीडेंट के मामले में फंसा दिया गया है । दिनांक 4 नवम्बर 2020 को लगभग 7:30 बजे बाइक से तीन लोग शराब के ठेका शराब पी के निकले थे रास्ते में किसी अज्ञात वाहन से टकरा गए और वाहन चालक फरार हो गए । वाहन पर दो लोग बैठे हुए थे । बाइक सवार महेंद्र पुत्र रामकिशोर निवासी चक बादशाहपुर ने दूसरे दिन बलीपुर टाटा निवासी राकेश के घर पर खड़ी गाड़ी का नंबर ले जाकर रिपोर्ट चरवा थाने में दर्ज करा दिया है । इस मामले में 3 दिनों तक थाने पर राकेश एवं उसके परिजनों को बुलाकर बैठाए रहे । पुलिस सब कुछ जानती थी कि इनकी गाड़ी से एक्सीडेंट नहीं हुआ है लेकिन फिर भी दिनांक 7 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कर निर्दोष व्यक्ति को फंसा दिया गया है । इस मामले में हल्का दरोगा दिलीप गुप्ता ने राकेश एवं परिजनों से कहा कि जाकर उसको पैसा देकर समझौता कर लो तो मामला रफा-दफा हो जाएगा । इस बात पर राकेश एवं उसके परिजन विपक्षी महेंद्र से जाकर मिले और ₹35000 कर्ज लेकर उसको दिया । एक सुलहनामा भी लिखवाया तथा उसे लाकर थाने में दिया गया उसके बावजूद भी पीड़ित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उस पर कार्यवाही की जा रही है । राकेश की गाड़ी छोड़ने के एवज में हल्का दरोगा दिलीप कुमार गुप्ता ने राकेश से ₹20000 की डिमांड की है ,जब वह पैसा नहीं दे सका तो उसे फर्जी मुकदमे में लगाकर फंसा कर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है ।

यदि इस मामले में उच्च अधिकारियों ने जांच कराई तो राकेश कुमार जिसे निर्दोष होने के बावजूद भी फंसाया गया है ,जांच के बाद मामले का खुलासा होना तय है । गांव के चौराहे एवं कई लोग इस बात के गवाह है कि राकेश कुमार अपनी पिकअप गाड़ी लेकर बादशाहपुर से पैरा लाद करके बाजार में आकर चाट खाया और लगभग 5:00 बजे अपने घर पर आकर गाड़ी खड़ा कर दिया था और विपक्षी महेंद्र और उसके बाइक पर सवार तीन लोगों ने समय लगभग 7:30 बजे किसी वाहन से टकराकर घायल हुए थे । दूसरे दिन राकेश के घर जाकर लगभग 11:00 बजे गाड़ी का नंबर नोट करके तहरीर में देकर फंसा दिया गया है । गांव में इस बात के भी दर्जनों लोग गवाही देने के लिए तैयार हैं लेकिन हल्का दरोगा दिलीप कुमार गुप्ता पहले से राकेश के परिवार से चिढा हुआ है और कई मामले में फंसाने की कोशिश भी किया है लेकिन जैसे ही यह मौका मिला उसने राकेश को फर्जी मुकदमा में फंसा दिया है । पीड़ित ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच करा कर न्याय की मांग की है ।

सूत्रों की मानें तो जिस छोटा हाथी गाड़ी से शराब पिए हुए तीनों बाइक सवारों का टक्कर हुआ है वह भी बलीपुर गांव के ही बताए जा रही है । जिस पर दो लोग छोटा हाथी से जा रहे थे और सेकेंड हैण्ड गाड़ी होने के नाते चालक भी नौसिखिया बताया जा रहा है । यदि जांच हुई तो इस मामले में सही और झूठ का खुलासा होना तय है ।। अब देखना है कि उच्च अधिकारी बेगुनाह फंसाए गए राकेश के साथ न्याय करते हैं या फिर उसे झूठे मुकदमों में फंसा कर परेशान किया जाएगा यह जांच का विषय है ।

अमरनाथ झा पत्रकार 8318977396

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