Sat. Jan 16th, 2021

फर्जी अखबारों पर चला मोदी सरकार का चाबुक, दो लाख 69 हजार से ज्यादा न्यूज़ पेपरों के टाइटल निरस्त,804 अखबारों को डीएवीपी ने विज्ञापन सूची से किया बाहर

👉 269556 समाचार पत्रों के टाइटल निरस्त और 804 अखबारों को डीएवीपी ने विज्ञापन सूची से निकाला बाहर।

👉 पुराने विज्ञापनों की जांच शुरू ,अपात्र अखबारों से वसूली के निर्देश।

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने पिछले एक साल की जांच के बाद ढाई लाख से अधिक अखबारों का टाईटल निरस्त कर दिया है साथ ही सैंकड़ों अखबारों को डीएवीपी की सूची से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम को पुरानी सारी गड़बड़ी की जांच के निर्देश दिए हैं। इसमें अपात्र अखबारों और मैंगजीन को सरकारी विज्ञापन देने की शिकायतों की जांच भी शामिल है। इसमें गड़बड़ी पाए जाने पर रिकवरी और कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी हैं। इसके चलते मीडियाजगत में हड़कंप है।
मोदी सरकार द्वारा सख्ती के इशारे के बाद आरएनआई यानि समाचार पत्रों के पंजीयक का कार्यालय और डीएवीपी यानि विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय काफी सख्त हो चुके हैं. समाचार पत्र के संचालन में जरा भी नियमों को नजरअंदाज किया गया तो आरएनआई समाचार पत्र के टाईटल पर रोक लगाने को तत्पर हो जा रहा है. उधर, डीएवीपी विज्ञापन देने पर प्रतिबंध लगा दे रहा है. देश के इतिहास में पहली बार हुआ है।
जब लगभग 269,556 समाचार पत्रों के टाइटल निरस्त कर दिए गए और 804 अखबारों को डीएवीपी ने अपनी विज्ञापन सूची से बाहर निकाल दिया है. इस कदम से लघु और माध्यम समाचार पत्रों के संचालकों में हड़कम्प मच गया है।

पिछले काफी समय से मोदी सरकार ने समाचार पत्रों की धांधलियों को रोकने के लिए सख्ती की है. आरएनआई ने समाचार पत्रों के टाइटल की समीक्षा शुरू कर दिया है. समीक्षा में समाचार पत्रों की विसंगतियां सामने आने पर प्रथम चरण में आरएनआई ने प्रिवेंशन ऑफ प्रापर यूज एक्ट 1950 के तहत देश के 269,556 समाचार पत्रों के टाइटल निरस्त कर दिए. इसमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र के अखबार-मैग्जीन (संख्या 59703) और फिर उत्तर प्रदेश के अखबार-मैग्जीन (संख्या 36822) हैं।

इन दो के अलावा बाकी कहां कितने टाइटिल निरस्त हुए हैं, देखें लिस्ट…. बिहार 4796, उत्तराखंड 1860, गुजरात 11970, हरियाणा 5613, हिमाचल प्रदेश 1055, छत्तीसगढ़ 2249, झारखंड 478, कर्नाटक 23931, केरल 15754, गोआ 655, मध्य प्रदेश 21371, मणिपुर 790, मेघालय 173, मिजोरम 872, नागालैंड 49, उड़ीसा 7649, पंजाब 7457, चंडीगढ़ 1560, राजस्थान 12591, सिक्किम 108, तमिलनाडु 16001, त्रिपुरा 230, पश्चिम बंगाल 16579, अरुणाचल प्रदेश 52, असम 1854, लक्षद्वीप 6, दिल्ली 3170 और पुडुचेरी 523

 

अब शादियों में शामिल हो सकेंगे सिर्फ 100 लोग, बढ़ते मामले देख CM योगी आदित्यनाथ का फैसला

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लखनऊ । वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के एक बार फिर से तेजी पकड़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को हाईअलर्ट पर कर दिया है। टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने सार्वजनिक जगहों पर विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही अब वैवाहिक समारोह में भी सिर्फ सौ लोगों के शामिल होने की अनुमति का निर्देश भी दिया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ ही नगर विकास विभाग भी सक्रिय हो गया है। प्रदेश में अब वैवाहिक समारोह में सिर्फ सौ लोग ही शामिल हो सकेंगे। कोरोना संक्रमण के मामलों को एक बार फिर बढ़ते देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शादी समारोह आदि में 200 व्यक्तियों के शामिल होने की छूट को घटाकर 100 करने के निर्देश दिए हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह व्यवस्था दिल्ली से सटे जिलों में शनिवार से ही लागू हो गई है। गाजियाबाद के नोएडा में वैवाहिक समारोह में सिर्फ सौ लोगों के शामिल होने की अनुमति है। यहां पर भी कोरोना वायरस संक्रमण के फिर से बढ़ते मामलों का असर होने की संभावना है। गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब किसी भी समारोह में अधिकतम सौ लोग ही भाग ले सकेंगे। शासन के इस निर्देश का अनुपालन शीघ्र ही सुनिश्चित कराया गया है। इसका उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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