Sun. Jan 17th, 2021

वन विभाग और लकड़ी माफिया तथा पुलिस की गठजोड़ का कारनामा, जिले मे हर माह धड़ल्ले से कट रहे हरे पेड़ , रेंजर और वन दरोगा के इशारे पर आई हरे पेड़ों की शामत

👉 जिले में आई हरे पेड़ों की शामत, हर माह कट जाते हैं सैकड़ों पेड़ ,धड़ल्ले से चल रही है आरा मशीन ।

👉 रेंजर और वन विभाग के दरोगा तथा पुलिस व लकड़ी माफियाओं का कारनामा….

कौशांबी । जिले में धड़ल्ले से कट रहे हरे हरे पेड़ वन विभाग वह लकड़ी माफियाओं की सांठगांठ से हो रहे हैं खेल । पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के फतेहपुर घाट और आसपास कट गए कई दर्जन पेड़ । वन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत का कारनामा ।चायल और मूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र में आई हरे पेड़ों की शामत । लकड़ी माफियाओं से होती है मोटी वसूली ,यही वजह है नहीं होती है कार्यवाही । चायल क्षेत्र के रेंजर और वन दरोगा को पहुंचती है हर पेड़ों के कटने से पहले मोटी रकम। धड़ल्ले से कट रहे हैं जिले में हरे पेड । वन विभाग के उच्च अधिकारी आंख में पट्टी बांधकर करते हैं आराम । आखिर कब लगेगी लकड़ी माफियाओं पर लगाम । कई बार तो वन विभाग के उच्च अधिकारी से लेकर रेंजर और वन दरोगा को सूचना देने के बावजूद भी नहीं हो सकी है कार्रवाई । इस विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों का सरकारी वेतन से नहीं होता है गुजारा । यही कारण है कि हर माह कई दर्जनों हरे पेड़ों को कटवा कर करते हैं वारा न्यारा । यदि जिलाधिकारी ने जांच कराई तो पूरे जिले में कटते हैं प्रतिमाह सैकड़ों पेड़ । धड़ल्ले से चल रही हैं जिले में आरा मशीनें । लेकिन कौन कराएगा इसकी जांच …। इन लकड़ी माफिया और वन विभाग के लोगों के गठजोड़ पर कौन करेगा कार्रवाई, यह एक बड़ा सवाल ….

इसी प्रकार पिछले सप्ताह मूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र में कट गए लगभग तीन दर्जन हरे सागौन के पेड़ ,जिसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को देने के बावजूद भी लकड़ी माफियाओं तक पुलिस और वन विभाग के लोग नहीं लगा सके लकड़ी माफियाओं का सुराग, और नहीं हुई कोई कार्रवाई जो जांच का विषय है…. सूत्रों की माने तो जिले में पुलिस और वन विभाग के दरोगा एवं रेंजर तथा लकड़ी माफियाओं का गठजोड़ इतना मजबूत है कि इसे भेद पाना जिला के आला अधिकारियों की बस की बात भी नहीं लगती है । यही कारण है कि जिले में हर माह सैकड़ों पेड़ धराशाई कर दिए जाते हैं और धड़ल्ले से जिले की आरा मशीन चल रही है लेकिन इन लकड़ी माफियाओं और वन विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत के कारण जिले में आई हरे पेड़ों की शामत को रोकने में जिला प्रशासन भी नाकाम साबित हो रहा है । अब देखना है कि जिले के आला अधिकारी इस गठजोड़ माफियाओं के कारनामों पर किस तरह से रोक लगाते हैं या जांच का विषय है ।

अमरनाथ झा पत्रकार

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