Mon. Nov 23rd, 2020

डीआरएम अमिताभ अग्रवाल ने स्थानांतरण से 2 दिन पहले किया विंध्याचल का दर्शन ,सरकारी समय एवं संसाधनों का किया पूरा इस्तेमाल,पूरे लाव लश्कर के साथ शाम को 7:00 बजे पहुंचे विंध्याचल स्टेशन, साथ में दो एडीआरएम भी परिवार सहित रहे मौजूद

विंध्याचल मे विशेष तरीके से पंडों ने कराया डीआरएम को दर्शन ,अपने किए हुए कारनामों के पश्चाताप करने पहुंचे विंध्यवासिनी के दरबार । अपने कार्यकाल में पूर्व डीआरएम ने किया खूब मनमानी ।

सूत्रों की माने तो अपने कार्यकाल में इलाहाबाद में पुराने मकान का भी मामला हल कराके ,किया मामले को किनारे .. यह मामला भी लोगों में काफी दिन बना रहा चर्चा का विषय…

प्रयागराज । रेलवे एनसीआर के प्रयागराज के मंडल रेल प्रबंधक अमिताभ अग्रवाल स्थानांतरण से 2 दिन पूर्व अपने लाव लश्कर के साथ विंध्याचल स्टेशन शाम को 7:00 बजे पहुंचकर निरीक्षण के नाम पर दर्शन किए हैं । उनके इस निरीक्षण और दर्शन की चर्चा कर्मचारियों की जुबान पर सरेआम रही है ।

बता दें कि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए रेलवे राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाते हुए निरीक्षण के नाम पर दर्शन करने पहुंचे हैं । उनके साथ इलाहाबाद के 2 एडीआरएम.भी परिवार सहित दर्शन के लिए साथ निभाने के लिए शामिल रहे हैं ।

बता दें कि विंध्याचल स्टेशन शाम को 7:00 बजे निरीक्षण करने का जबकि कोई औचित्य नहीं बनता है लेकिन फिर भी सरकारी खर्चे में निरीक्षण के नाम पर दर्शन करना जरूरी था, इसलिए यह प्लान सुनियोजित ढंग से पूर्व डीआरएम ने दर्शन का प्लान बना कर अपने मंसूबों में सफल रहे हैं और अपने प्रोटोकॉल में बहुत कर्मचारियों को यात्रा भत्ता ड्यूटी लगाकर दिलाने का काम किया है । जो लोग ड्यूटी पर थे या नहीं थे उनको भी कहीं ना कहीं प्रोटोकॉल की ड्यूटी करनी पड़ी है । ऐसे ही अपने कार्यकाल में इन्होने कई बार सैलून का इस्तेमाल अपने निजी कार्य व दिल्ली आदि जगहों पर आने जाने के लिए किया है । अपने इन्हीं सब कारनामों की वजह से पूर्व डीआरएम अमिताभ अग्रवाल चर्चित रहे हैं और उनके आसपास चापलूसो की अच्छी खासे लोग रहे और उनके द्वारा अच्छे कार्य करने वालों को कभी प्रोत्साहित नहीं किया गया है । यही वजह है कि उनकी ट्रांसफर होने के बाद लोगों में खुशी का माहौल है और तमाम कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है ।

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