Thu. Oct 22nd, 2020

जिले में सक्रिय है अतीक,लोचन,बच्चा जैसे भू माफिया, आखिर क्यों नहीं हो रही कौशांबी में भू माफियाओं पर कार्रवाई ,जिले में भू माफियाओं की लंबी है लिस्ट, योगी सरकार ऐसे भू माफियाओं को कर रही चिन्हित

जिले में नहीं हो रही है भू माफियाओं पर आखिर क्यों कार्रवाई ,कई दर्जन लोग एग्रीकल्चर लैंड खरीद के कर रहे हैं प्लाटिंग ।

👉 कृषि जमीन खरीद कर का कमर्शियल लैंड के रूप में कर रहे हैं प्लाटिंग, बिना नक्शा पास कराए और जमीन का परिवर्तन किए प्लाटिंग करने पर है जुर्माना।

👉 जिला मुख्यालय मेें अधिकारी क्यों नहीं ले रहे हैं भूूू माफियाओ का संज्ञान….

कौशांबी में आखिर क्यों नहीं होती भू माफियाओं पर कार्रवाई । जबकि जिले में प्रयागराज शहर जैसे राम लोचन, बच्चा जैसे तमाम भू माफिया जिले में मौजूद है जो अपने गुर्गों के नाम करोड़ों की संपत्ति लिखाए बैठे हैं और धड़ल्ले से प्लाटिंग भी कर रहे हैं । आखिर ऐसे भू माफियाओं पर कौशांबी जिले में सूची क्यों नहीं तैयार हो रही है यह चर्चा का विषय बना हुआ है । जिले की जनता इस ओर योगी सरकार द्वारा हो रही माफियाओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाई से जहां खुश है वही कौशांबी जिले में भू माफियाओं पर कार्रवाई का होना से आम जनमानस आहत है । जनता के बीच यह चर्चा आम है कि कौशांबी जनपद का कोई भी ऐसा कोना नहीं जहां पर भू माफियाओं की लंबी फेहरिस्त ना हो । अभी हाल ही में एक भूमाफिया के खिलाफ जिला मुख्यालय में मुकदमा लिखा गया है ।

सूत्रों का यहां तक कहना है कि संबंधित भू माफिया नोएडा जैसे यादव गैंग को लेकर चर्चा में रहा है । इसी तरह थाना सरांय क्षेत्र में कई भूमाफिया हैं जो सरकारी संपत्तियों पर कुंडली मारकर बैठे हैं । सबसे ज्यादा सरकारी जमीनों पर कब्जा सरसवां ब्लॉक में हुआ 40 साल के रिकार्डों पर जाएं तो ग्राम सभा की जमीनों पर भूमाफिया एक व्यक्ति का कब्जा है जो ग्राम समाज की कई करोड़ की जमीन पर कुंडली मारकर बैठ है । ह जिला प्रशासन के लिए जांच का विषय है । इसी तरह मुख्यालय मंझनपुर के आसपास गांव में जैसे ओसा, पुलिस लाइन के आसपास जितने भी ग्रामसभा की जमीन है । वहां रसूखदार लोगों ने अपने करीबियों को पहुंचकर के बल पर पट्टा कराकर कब्जा किए बैठे हैं । जो आज भी मंझनपुर तहसील में चल रहे हैं ।

इसी तरह करारी क्षेत्र कनैली आसपास के क्षेत्र थाना सराय अकिल, सिराथू , भरवारी, मूरतगंज तमाम ऐसे क्षेत्रों में कुछ रसूखदार लोग ऐसे हैं जो सरकारी जमीनों पर कुंडली मारकर बैठे हुए है । इनके खिलाफ लोग मुंह खोलने से डरते हैं ,अगर जांच हुई तो जनपद कौशांबी में भी लोचन ,अतीक, बच्चा जैसे तमाम भू माफिया निकलेंगे । अब देखना यह है कि जिले में भू माफियाओं के विरुद्ध जिला प्रशासन जांच कराता है और उनकी सूची तैयार करवाता है कि नहीं जनता जानना चाहती है। लगभग दो दशक के भीतर यह भू माफिया करोड़ों नहीं बल्कि अरबों की संपत्ति कहां से बनाई है और आखिर जिला प्रशासन ऐसे भू माफियाओं पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं करता यह जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है ।

।। अमरनाथ झा पत्रकार ।।

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