Thu. Oct 22nd, 2020

जिले के न्यू तेजमति अस्पताल में मरीज के साथ दुष्कर्म करने का लगा आरोप, लाखों रुपया लेने के बाद मरीज को उतारा गया मौत के घाट,आए दिन अस्पताल में घटती रहती है घटनाएं, मरीजों के साथ होती है खुलेआम लूट

दुष्कर्म का राज ना खुले इसलिए डॉक्टरों ने किया ऐसा काम, मृतक की लाश को पैक करके रात में निकाला बाहर ।

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👉 मृतका के पिता ने लगाया न्यू तेजमती हॉस्पिटल संचालक पर आरोप । 2 सप्ताह पहले बुखार के बाद भर्ती कराया गया था पीड़ित लड़की को न्यू तेजमति अस्पताल ।
👉 पीड़ित की माने तो लड़की ने अपने पिता से बताई थी पूरी बात, रात में आईसीयू में 2 लोग लड़की के साथ करते थे दुराचार ।

इस घटना की जानकारी लड़की ने अपने पिता को था बताया, पिता से लड़की ने कहा था मुझे अस्पताल से निकाल ले चले नहीं तो उसकी हो जाएगी हत्या ।
👉 जब पीड़ित पिता ने अस्पताल के मैनेजर से एवं डॉक्टर से बताई पूरी बात, तो डॉक्टरों ने कहा लड़की का मानसिक संतुलन है खराब ।

जब डॉक्टर से लड़की ने बताई अपनी व्यथा तो डॉक्टर ने लड़की को मारा था कई हाथ ,मरीज को निकालने के लिए की गई जब बात ,तो मैनेजर ने कहा अभी दो-चार दिन और रखो पैसा नहीं लगेगा । जब ठीक हो जाएगी तो मरीज को किया जाएगा डिस्चार्ज । अस्पताल के अंदर दफन हो गया लड़की के साथ हुए दुष्कर्म का राज, आए दिन घटती है अस्पताल के अंदर मानवीय घटनाएं ।

बता दें कि न्यू तेजमति अस्पताल मे आए दिन इस तरह के नए कारनामे होते रहते हैं लेकिन जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग आंख मूंद कर बैठा हुआ है । जिला अस्पताल मे भर्ती होने वाले मरीजों का ईलाज नहीं किया जाता है और उनको एसआरएन के लिए रेफर किया जाता है । वहां पर न्यू तेजमति अस्पताल के डॉक्टर ए0के कनौजिया के दलाल वहां लगे रहते हैं जो एंबुलेंस में भरकर सीधा न्यू तेजमति अस्पताल लाकर भर्ती करा देते हैं और यहां अस्पताल में मनमानी मरीजों से लूट की जाती है । आए दिन मरीजों की मौत होती रहती है लेकिन डॉ ए0के कनौजिया ऊंची पहुंच और विभाग में रुपए के चढ़ावा चढाने एवं महीना बंधा होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं होती है ।

सूत्रों की मानें तो मिनी एसआरएन के रूप में यह अस्पताल जाना जाता है । जिला अस्पताल के अंदर प्राइवेट एंबुलेंस वाले दिन भर जमे रहते हैं और जिला अस्पताल से मरीजों को भड़का कर न्यू तेजमति अस्पताल में भर्ती कराते रहते हैं । वहां ए0के कनौजिया के  कमीशन पर काम करने वाले कई डॉक्टर भी हैं जो ₹5000 लेकर मरीजों को ट्रांसफर कर देते हैं । डॉ ए0के कनौजिया के कमीशन पर काम करने वाले जिला अस्पताल में सक्रिय डॉक्टर और प्राइवेट एंबुलेंस वाले दिन भर डेरा जमाए रहते हैं । जिसे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी आंख मूंद कर बैठे हुए हैं और जिला प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं करता है । डॉक्टर ए0के कनौजिया लगभग 20 वर्षों से कौशांबी जनपद जिला अस्पताल में ही तैनात हैं, आखिर इनका आज तक ट्रांसफर क्यों नहीं हो रहा है और इनके आय से अधिक तथा तमाम बेनामी संपत्ति है जिसकी आज तक कोई जांच नहीं हुई है ।

इसी तरह कुछ दिन में से मलाकसदी की एक महिला भर्ती है जिसे इलाज के नाम पर लाखों रुपया ले गए ले लिया गया हैं । सबसे अहम बात यह है कि इस अस्पताल में जो दवाइयां बाहर कम रेट पर मिलती है उसको 5 गुना से लेकर 10 गुना तक रेट लगाकर अंदर दिया जाता है । जब बाहर से लोग दवा ले जा कर देते हैं तो मैनेजर और डॉक्टर यह बोलते हैं कि हम इस दवा का इस्तेमाल नहीं करते हैं । तुम्हें हमारे अस्पताल के अंदर ही मिलने वाली दवा को लेना होगा, इस वजह से जो इंजेक्शन बाहर ₹600 का मिलता है वह इंजेक्शन अस्पताल के अंदर 32 सौ रुपए का मिलता है । इस प्रकार से इन अस्पतालों को चलाने वाले लोग अपनी मनमानी तरीके से दवाओं का रेट लगाकर मरीजों को लूट रहे हैं लेकिन वहीं स्वास्थ्य विभाग और ड्रग्स इंस्पेक्टर कभी भी इन अस्पतालों की जांच नहीं करते हैं क्योंकि उनका लाखों रुपया महीना बंधा होता है । ऐसे में गरीबों, मरीजों की लूट खुलेआम हो रही है लेकिन जिला प्रशासन भी आंख मूंद कर बैठा है ।

यहां नियम विरुद्ध अस्पताल संचालन हो रहा है यदि जांच हुई तो अस्पताल में कई खामियां निकालना तय है । अब देखना है कि पीड़ित कि एसपी व जिलाधिकारी से शिकायत करने के बाद सुनाई होती है या फिर रिश्वत खोरी के इस आलम में सब कुछ चलता रहेगा यह जांच का विषय है ।

इसी तरह जिले में नहीं थम रहा है भ्रूण हत्या का धंधा जिला मुख्यालय में हो रहा है निजी चिकित्सालयों मे काम, जिले के आला अधिकारी व सम्बंधित विभाग के अधिकारी कर रहे हैं आराम……..

अमरनाथ झा पत्रकार ,हिंदी खबर

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