Thu. Oct 22nd, 2020

बिना स्ट्रॉ मैनेजमेन्ट सिस्टम अटैच किये फसल कटाई करने की अनुमति नहीं–डीएम, पराली जलाने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही

लेखपालों कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मियों ग्राम प्रधान को भी उत्तरदायी बनाया गया है।

👉 मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर के सभी जिला अधिकारियों को जारी किए निर्देश ।

👉 जिले में सीबीओ ने 6127 पशुओं केे गो-आश्रय मे पशुओं के चारा के लिए किसानों को दान देने के लिए जारी किए गए ब्लॉक स्तर पर प्रभारियों के नंबर, यशपाल सिंह को बनाया गया सदर नोडल अधिकारी ।

कौशाम्बी । जिलाधिकारी ने कहा कि जिस ग्राम सभाओं में कृषि अपशिष्ट पराली जलाये जाने की घटना प्रकाश में आती है सम्बन्धित ग्राम प्रधान नामित लेखपाल एव नामित कर्मियों के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही की जायेगी ।

कौशाम्बी माननीय हरित न्यायाधिकरण नई दिल्ली द्वारा दिये गये आदेश के अनुपालन में शासन द्वारा निर्देशित किया गया है किं कृषि अपशिष्ट पराली जलाया जाना दण्डनीय अपराध है। इससे शीत काल में वायु अत्यधिक विषैली हो जाती है। जनपद में अब तक कुल 4 घटनायें सैटेलाइट रिमोट सेंसिंग द्वारा प्रकाश में आयी हैं।

तहसील सिराथू, चायल से 1-1 एवं मंझनपुर से 02 घटना कृषि अपशिष्ट पराली जलने की प्राप्त हुयी है। पराली जलाने वाले कृषक सुरेन्द्र तिवारी पुत्र अमृत लाल, रमाशंकर एवं दयाशंकर पुत्र गण रामदेव ग्राम-पवारा, तथा श्रीमती मुन्नी देवी पत्नी रामलखन ग्राम-इब्राहिमपुर, विकासखण्ड-मंझनपुर, तहसील मंझनपुर एवं ग्राम सरॉय युसुफ तहसील चायल के निवासी सुखलाल पुत्र मेड़ई को आर्थिक दण्ड के रूप में 2500-2500 रूपये का कुल 10000 रूपये का जुर्माना एवं पर्यावरण दूषित किये जाने के अपराध में सम्बन्धित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है।

जनपद उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में पंजीकृत कुल 30 कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामियों को नोटिस जारी की गयी है कि बिना स्ट्रॉ मैनेजमेन्ट सिस्टम अटैच किये फसल कटाई करने की अनुमति नहीं है, यदि कम्बाइन हार्वेस्टर में उक्त यन्त्र के बिना चलती हुयी पायी जायेगी तो उसे सीज किये जाने की कार्यवाही की जायेगी। सिराथू तहसील में 01 कम्बाइन हार्वेस्टर सीज किया गया है।

जनपद के विकासखण्ड सरसवॉ में विगत वर्ष पुवाल पराली अपेक्षाकृत अत्यधिक जलाने वाले ग्राम पंचायत लौंगवा, रक्शौली एवं अजरौली को फसल अवशेष प्रबन्धन सम्बन्धी यन्त्रों यथा-सुपर सीडर, रोटरी श्लेषर, मल्चर इत्यादि के क्रय हेतु 05 लाख रूपये लागत के यन्त्रों पर कृषि विभाग द्वारा 04 लाख रूपये का अनुदान दिया गया है, ग्राम पंचायतों को शेष 01 लाख रूपये अपने पंचायत निधि से व्यय करके यन्त्रों को क्रय किया जाना है। उक्त के अतिरिक्त इस वर्ष फसल अवशेष प्रबन्धन हेतु फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए 04 लक्ष्यों के सापेक्ष 02 कृषक समितियों द्वारा यन्त्रों का क्रय किया जा चुका है व 02 कृषक उत्पादक संघों द्वारा उक्त यन्त्र शीघ्र क्रय कर फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना कर ली जायेगी।

उक्त यन्त्रों के द्वारा पराली या फसल अवशेष को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में मिला देता है, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाता है। उक्त यन्त्रों का उपयोग सम्बन्धित ग्राम के समस्त कृषकों द्वारा किया जायेगा। उक्त के अतिरिक्त जिन कृषकों के खेतों में पराली/पुवाल अधिक इकट्ठा हो रहा है वे अपने नजदीकी निराश्रित गोशालाओं को ग्राम प्रधान के माध्यम से संग्रहित कर के चारे के रूप में भेजने की व्यवस्था की गयी है।

जनपद के समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में पराली जलाये जाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु यथासम्भव आवश्यक कार्यवाही सम्पादित करें। लेखपालों तथा कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मियों की ड्यूटी पराली जलाये जाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने व प्रचार-प्रसार हेतु ग्राम सभावार लगाई गयी है इसके अतिरिक्त सम्बन्धित ग्राम प्रधान को भी उत्तरदायी बनाया गया है। जिन ग्राम सभाओं में कृषि अपशिष्ट/पराली जलाये जाने की घटना प्रकाश में आती है सम्बन्धित ग्राम प्रधान एवं नामित लेखपाल एव नामित कर्मियों के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही की जायेगी।

इसके अतिरिक्त जनपद के किसाना भाइयों से अनुरोध है कि वे पुवाल/पराली में आग नहीं लगाये इसके विकल्प के रूप में डिकम्पोजर का प्रयोग करें। मात्र 20 रूपये की कीमत की डिकम्पोजर को दो किग्रा0 गुड़ को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर एक सप्ताह रखने के उपरान्त पराली को एक गड्ढे में इकट्ठा रख कर उक्त घोल छिड़कने से पराली सड़कर खाद बन जाती है जो कृषकों के लिए वरदान है। जनपद वासियों द्वारा पराली जलाये जाने की सूचना देने हेतु जनपद स्तरीय कन्ट्रोल रूम दूरभाष नम्बर 05331232006 पर सूचना दे सकते हैं ताकी सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही की जा सके ।

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