Thu. Oct 22nd, 2020

रेलवे के डीआरएम ऑफिस में पुराने सामानों को नहीं कराया गया कंडम, मनमानी रेट पर खरीदे जा रहे नए सामान ,इंजीनियरिंग विभाग की मिलीभगत से ठेकेदार कर रहे हैं मनमानी, प्लेटफार्म निर्माण में मानक विहीन लग रहे हैं सामान

डीआरएम आफिस में पड़े हैं समान- नहीं कराए जाते हैं कंडम पुराना सामान । बिना कंडम कराए ही खरीदे जा रहे हैं मनमानी रेट पर नया सामान । रेलवे मे सरकारी राजस्व का लगाया जा रहा है चूना । वर्षों से एक ही स्थान पर खड़ी होकर सड.रही हैं कई चार पहिया गाड़ियां । रेलवे इलाहाबाद के डीआरएम ऑफिस मामला ।

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रेलवे एनसीआर में इंजीनियरिंग विभाग का कारनामा

👉साल में 4 बार पत्थर बदलने का कार्य शुरू, घटिया क्वालिटी के खरीदे जाते हैं पत्थर ।
👉जिस पर लोड एक बार भी पड़ता है तो टूट जाता है पत्थर, इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से होता है खेल ।
👉 आए दिन प्लेटफार्म एवं मकानों में बदले जा रहे हैं पत्थर और हो रही है भारी कमीशन खोरी ,इस मामले में कोई नहीं है हिसाब किताब।
👉 रेलवे अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार कर रहे हैं खेल ,इस मामले में एक पत्थर की लाइफ क्या है नहीं है कुछ मानक ।

प्रयागराज । एनसीआर के मंडलीय रेलवे कार्यालय इलाहाबाद में अधिकारियों की मिलीभगत से रेलवे राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है ।

बता दें कि डीआरएम ऑफिस में सीनियर डीएमएम के नजरअंदाजी के कारण विभागों में तमाम निकाले गए पुराने सामानों का कंडम नहीं कराया गया है और मनमानी रेट पर नए सामान खरीदे जा रहे हैं । जिससे रेलवे राजस्व को भारी चूना लगाया जा रहा है । बता दें कि कई चार पहिया गाड़ी भी डीआरएम ऑफिस प्रांगण मे वर्षों से खड़ी है लेकिन अधिकारियों की नजर अंदाजी के वजह से सरकारी धन का नुकसान हो रहा है ।

इंजीनियरिंग विभाग के मिलीभगत से ठेकेदारों कर रहे हैं मनमानी मानक विहीन करते हैं प्लेटफार्म का निर्माण ।

इसी तरह इंजीनियरिंग विभाग के द्वारा रेलवे स्टेशनों पर ठेकेदारों द्वारा मनमानी की जा रही है प्लेटफार्म इलाहाबाद स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 एवं सिराथू ,भरवारी सहित अन्य स्टेशनों में भी काम लगाया गया है लेकिन यहां पर मनमानी तरीके से मानक विहीन गिट्टी बालू मसाला निर्मित कर पत्थर लगाए जाते हैं । घटिया किस्म के सामान प्रयोग किया जा रहा है । रेलवे विभाग के अधिकारी ठेकेदारों से मिले हुए हैं यही कारण है कि जल्द ही बनाए गए प्लेटफार्म के पत्थर टूट जाते हैं, घटिया क्वालिटी के पत्थर और मानक मुताबिक गिट्टी बालू से निर्मात मसाला का प्रयोग भी नहीं होता है ।

अमरनाथ झा

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