Thu. Oct 22nd, 2020

जिले में गांवो की विकास कार्य हैं अधूरी,लेकिन डीपीआरओ द्वारा लूट हुई पूरी,5 करोड़ से ज्यादा वित्तीय वर्ष में हो चुकी लूट,उच्च अधिकारियों से मिली है पूरी छूट,सोलर लाइट के नाम पर हुई लूट घसोट,नहीं लगे लाइट और हो गया भुगतान

सोलर लाइट के नाम पर हो गया भुगतान ,नहीं लगे गांव में सोलर लाइट । 22400 कि दर से सोलर लाइट में हुआ भुगतान ।

👉 इस वित्तीय वर्ष में लगभग 5 करोड़ से ज्यादा अधिकारियों ने की है लूट ,उच्च अधिकारियों की मिली थी छूट ।

👉 शासन ने गठित की एसआईटी जांच ,एक अध्यक्ष 2 सदस्य मिलकर करेंगे जिले मे हुए भुगतान की जांच । कोविड-19 महामारी बनी लूट का सहारा ।

👉 यदि सही से हुई जांच तो आला अधिकारी डीपीआरओ पर भी आएगी आंच । गंगा यात्रा के नाम पर 33 गांव से वसूले गए थे पचास -पचास हजार ।

👉 सूत्रों की मानें तो सत्ताधारी नेताओं का था लूट में पूरा संरक्षण, वसूले गए धन का चढा था उनको चढावा ,हुआ था धन का बंदर बांट ।

कौशाम्बी । जिले में आला अधिकारियों की मिलीभगत से कई करोड़ की लूट हुई है  । पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायतों में हुआ जमकर लूट हुई है । अधिकारियों ने प्रधानों से ग्राम सभा के खातों से दबाव बनाकर जमकर अपनी चहेती फर्मो को भुगतान कराया है । पूरे जिले के 467 गांव है जिनमे योजनाओं के नाम पर लूट हुई है । कोविड-19 आपदा महामारी अधिकारियों के लूट का सहारा बन गई है ।

जिले में इस वित्तीय वर्ष में कम से कम लगभग 5 करोड़ से ज्यादा की लूट हुई है और गांव में नहीं कराए गए विकास का कार्य । गांव में विकास कार्य अधूरी है लेकिन अधिकारियों के द्वारा ग्राम सभा के खातों से लूट हुई है पूरी है ।  इसी तरह कोविड-19 के पल्स ऑक्सीमीटर खरीद के नाम पर डीपीआरओ द्वारा अपनी चहेती फर्मों को 8100 रुपया का बिल प्रत्येक ग्राम सभाओं को काटा गया है और उनसे भुगतान लिया गया है ,जबकि शासन का निर्देश है कि ₹2900 से ज्यादा का भुगतान इस मामले में नहीं होना चाहिए ।

इसी तरह गंगा यात्रा के नाम पर ₹30000 खाते से एवं ₹20000 नगद गंगा यात्रा के नाम से वसूल किया गया है । गंगा यात्रा का नारा लिखाने और स्कूल में स्लोगन लिखाने के नाम पर साक्षात ₹6600 की दर से कई बार पेमेंट लिया गया है । सोलर लाइट के नाम पर 22400 की दर से मंझनपुर और सरसवां ब्लॉक में लाइट लगाने के नाम पर एक एक गांव में दो से तीन तीन लाइ लगाने का भुगतान हो गया लेकिन सोलर लाइट नहीं लगे हैं । देखा जाए तो ऐसे तमाम मामले हैं जो इस कोविड महामारी बीमारी का सहारा लेते हुए जिले के आला अधिकारियों ने 5 करोड़ से ज्यादा की लूट ग्राम पंचायतों से कराई है और कहीं भी विकास कार्य गांव में नहीं दिख रहा है ।

सूत्रों की माने तो जिले में हो रहे इस मनमानी लूट का डिप्टी सीएम के गृह जनपद होते हुए भी भाजपा सरकार के विधायक और सांसद का भी ध्यान इस तरफ नहीं है । यही वजह है कि अधिकारी मनमानी तरह से जिलों को लूट रहे हैं ।

शासन ने हाल ही में एसआईटी की जांच गठित की है ,यदि जांच हुए तो जिले के आला अधिकारी डीपीआरओ पर कार्रवाई होना तय हैै । यदि देखा जाए तो जिले में ऐसे कई मामलों के इस वित्तीय वर्ष के भुगतान के मामलों मे लगभग 5 करोड से ज्यादा की जिले मे लूट हो चुकी है  ।

अमरनाथ झा पत्रकार । मो0 – 8318977396

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