Thu. Oct 22nd, 2020

डीआरएम ऑफिस में तैनात बाबू मोतीलाल मिश्रा पर पत्नी ने लगाया था फर्जी आरोप, अधिवक्ता और डीआरएम ऑफिस के एक स्टाफ मिलकर रची साजिश,मोतीलाल मिश्रा की कुर्सी पर लगी है विभागीय ओएस की नजर, लगाए गए आरोप है बेबुनियाद, ब्लैक मेलिंग का है प्लान

 अधिवक्ता के जरिए लीला देवी ने लगाया झूठा आरोप, उनके आरोपों को मोतीलाल मिश्रा ने बताया बेबुनियाद और निराधार ।

👉 20 बीघा खेत, जमीन आदि की शिकायत को बताया बेबुनियाद ,झूठी है शिकायत कर बदनाम करने की कर रहे है कोशिश।

👉 मोतीलाल मिश्रा का नहीं है 25 साल से लीला देवी से कोई संबंध, दहेज के मामले में लिखवाई थी झूठी रिपोर्ट ।

👉 मोतीलाल मिश्रा की कुर्सी पर लगी एक ओ0एस की नजर, डी-कैट्राईज्ड होने के बाद ओ0एस आफिस मे है तैनात ।

उ.म.रेलवे, डी.आर.एम. आफिस प्रयागराज में तैनात रेलवे कर्मचारी मुख्य कार्यालय अधीक्षक/कार्मिक शाखा मोती लाल मिश्रा को
एक अधिवक्ता के जरिए लीला देवी द्वारा झूठे मनगढ़ंत आरोप लगाया गया है जो बेबुनियाद है । यह बातें मोतीलाल मिश्रा ने बताते हुए कहा कि 25 वर्षों से ज्यादा वक्त बीत गया है, उनका लीला देवी से कोई संबंध नहीं है । लीला देवी ने उन पर अधिवक्ता सुनील चौधरी के माध्यम से झूठा मुकदमे लिखा कर परेशान और दबाव बनाना चाहती है । इसी तरह 25 वर्ष पहले इन्होने झूठा दहेज का मुकदमा लिखाया था और अब लीला देवी उन्हें परेशान करने की नियत से षणयंत्र रच कुछ लोगों के साथ मिलकर उन्हें प्रताड़ित कर बदनाम करना चाह रही हैं ।

बता दे कि लीला देवी ने मोती लाल मिश्रा पर फर्जी एवं मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने रेलवे मे अवैध तरीके से कमाई कर करोड़ो रूपये कमाए और उसी पैसे से फूलपुर में 20 बीघा जमीन भी खरीदी है। तथा कार्यालय में यह RRC, RRB और अनुकम्पा आधार से चयनित होकर आये बच्चों का वेरिफिकेशन कराते हैं जिसमें कमिया निकालकर लाखों में पैसा लेकर सही करना,कोई भी समान की खरीदारी,AMC,, जैसे कंप्यूटर ,कुर्सी-मेज एवं हाउस बिल्डिंग एडवांस दिलाना, मेला व कोई भी कार्यक्रम कार्यक्रम सम्पन्न कराना व उसमें पैसा/कमीशन लेना ,बिभागीय परीक्षाओं में पैसा लेकर प्रमोशन कराना,ट्रांसफर एवं पोस्टिंग आदि इनके आय के कुछ मुख्य स्रोत है। इसके अलावा कई चीज़ों की सप्लाई भी करते है, और इस काम में इनका सहयोग मुकेश भी करते है यह सभी बातें निराधार है और या लीला देवी ने अधिवक्ता सुनील कुमार चौधरी एवं कुछ अपने सहयोग उनके द्वारा बेबुनियाद आरोप लगाया गया है । यदि लीलावती या उनके अधिवक्ता ने 20 बीघा जमीन या सारी संपत्ति मेरे नाम कहीं भी दिखा देंगे यह साबित कर देंगे तो वह सारी संपत्ति में उनके नाम लिखने के लिए तैयार हूँ ।

बता दें कि लीला देवी के साथ कुछ अधिवक्ता और डीआरएम ऑफिस के कुछ कर्मचारी भी लगे हुए हैं जो मोतीलाल मिश्रा को बदनाम करने पर तुले हुए हैं । अगर सूत्रों की माने तो लीला देवी मोतीलाल मिश्रा को ब्लैकमेल कर एक लंबी रकम हथियाने की पूरी कोशिश कर रही है । इसका बंदरबांट करने में कई लोगों का हाथ शामिल है लेकिन इस मामले मे अगर जांच हुई इस प्रकरण की तो मोतीलाल मिश्रा को ब्लैकमेल करने वाली महिला और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई होना तय है ।

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