Thu. Sep 24th, 2020

हत्या और आत्महत्या की गुत्थी में उलझी कौशाम्बी पुलिस

हत्या और आत्महत्या में अंतर निकालना कौशाम्बी पुलिस के लिए बना मुश्किल का विषय

कौशाम्बी। जनपद कौशाम्बी में कुछ दिनों से लगातार आए दिन हो रही हत्याओं का सिलसिला जारी है जो बिकुल ही थमने का नाम नहीं ले रहा है।पंद्रह दिन से लगातार हर दूसरे दिन जनपद कौशाम्बी में किसी न किसी थाना क्षेत्र में एक या दो हत्या हो ही जाती है इसी का नजारा है पंद्रह दिन में हत्याओं का आंकड़ा दहाई की संख्या को छूने के लिए आतुर है। जनपद कौशाम्बी में हत्यारे इतने ज्यादा एडवांस हो गए हैं कि हत्यारों के द्वारा हत्या करने के बाद हत्या और आत्महत्या का अंतर निकालना कौशाम्बी पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता है। अंततः कौशाम्बी पुलिस हत्या को आत्महत्या मानकर फाइल बंद कर देती है।

पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्यारे हत्या करने के बाद लाश को ऐसी जगह ठिकाने लगाते हैं कि पुलिस भी हत्या को आत्महत्या मानकर अपना पल्ला झाड़ लेती है।मास्टरमाइंड हत्यारे हत्या करने से पहले अपने बचाव का रास्ता भी निकाल लेते है। मास्टरमाइंड हत्यारे हत्या करने के बाद लाश को आत्महत्या का रूप देने के लिए लाश को रेलवे ट्रैक पर फेक देते हैं या तो किसी सुनसान जगह पेड़ से फांसी का फंदा लगाकर टांग देते हैं लेकिन मौके की दास्तां कुछ और ही चिल्ला – चिल्ला कर बयां करती है। जिसको जनपद कौशाम्बी की पुलिस घटनास्थल की हकीकत मानने के लिए कतई तैयार नहीं होती और झूठी लकीरें पीटती हुई नजर आती है।

जिसका ताजा उदाहरण दो दिन पहले कोखराज थाना क्षेत्र में अलग – अलग जगह के दो व्यक्तियों की लाश एक ही जगह रेलवे ट्रैक पर मिलना हत्या की कहानी गढ़ रही है और एक दिन पहले पिपरी थाना क्षेत्र के गेरिया गांव के बाहर सुनसान जगह पर एक युवक की लाश पेड़ से झूलती हुई मिली इसी तरह एक दिन पहले पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के पनभरवा गांव में नवविवाहिता की लाश फांसी के फंदे से झूलती हुई मिली उसमे भी लोगों ने दबी हुई आवाज में हत्या की ओर इशारा किया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तीनों जगह की लाशों की हत्या की आशंका जताई है।

जिले में हत्या आत्महत्या के बीच सैकड़ो मामलों का राज अभिलेखो में दफन हो कर रह गया है हत्या और आत्महत्या में अंतर ना निकाल पाना ही कौशाम्बी पुलिस के लिए कार्यकुशलता का परिचायक बन गया है। जिससे अपराधियों के ऊपर अंकुश लगा पाना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन हो गया है। इसी के चलते हत्यारे हत्या करने से गुरेज भी नहीं करते हैं।

तालाब में मिली वृद्ध की लाश गांव में मंचा हड़कंप

पोस्टमार्टम कराए बिना लाश का कर दिया अंतिम संस्कार

कौशाम्बी।पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के छबिलवापुर गांव में चलने फिरने में असहाय एक अस्सी वर्षीय वृद्ध महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में तालाब में डूबकर मौत हो गई है जिससे गांव में हड़कंप मचा हुआ है। बताया रहा है कि गांव के ही श्री नाथ सरोज की पत्नी कलावती की तालाब में डूबने से मौत हो गई है। यह घटना उस समय हुई है जब उस वृद्ध महिला के तीनों पुत्र बकेलाल, मुन्नीलाल व होरिलाल काम करने के लिए कछार चले गए थे शाम को घर वापस आए तो वृद्ध महिला लापता मिली काफी खोजबीन करने के बाद दूसरे दिन गांव के बाहर तालाब में वृद्ध महिला की लाश उतराती हुई मिली।

अब सवाल यहां उठ रहा है कि तीनों पुत्र काम करने के लिए कछार चले गए तो क्या घर की महिलाएं व बच्चे भी कहीं चले गए थे क्या पूरा का पूरा घर ही एक वृद्ध असहाय महिला को अकेला छोड़कर कहीं चला गया था इसी तरह लोगों के जेहन में तमाम ऐसे सवाल उठ रहे हैं जो वृद्ध महिला की हत्या की ओर इशारा करता है।

यदि मान लिया जाए घर के पुरुष, महिलाएं व बच्चे कहीं चले गए तो फिर चलने फिरने में एक असहाय वृद्ध महिला गांव से बाहर तालाब तक पहुंची तो कैसे पहुंची क्या गांव के किसी व्यक्ति ने वृद्ध महिला को तालाब तक लेे गया और लेे गया तो क्यों लेे गया जो गहन जांच का विषय है। सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंची पुरामुफ्ती पुलिस वृद्ध महिला के कातिल का पता लगाने के बजाए उसी का साथ देने पर उतारू हो गए लाश का बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कराकर पुलिस ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। इसी पुलिसिया कार्यशैली का नजारा है पंद्रह दिन से लगातार हर दूसरे दिन जनपद में एक या डबल मर्डर जैसे जघन्य अपराध को जनपद कौशांबी में बड़ी सतर्कता से करके अपराधी पुलिस के गिरफ्त से दूर निकल जाते हैं हर दूसरे दिन मर्डर व पूर्व के सैकड़ों मर्डर केस की गुत्थी उलझी हुई है जो कि जनपद कौशांबी की पुलिस पर एक सवालिया निशान है ।

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