Tue. Jun 2nd, 2020

मुंडेरा मंडी में पल्लेदारों मजदूरों में नहीं बंटा रासन, 4 दिन से मंडी सचिव ने राशन किया डम्प, करोना वायरस को लेकर देश में लाक डाउन होने से मजदूरों के सामने खड़ा हुआ रोजी-रोटी का संकट

 मुंडेरा मंडी में नहीं बट रहा है मजदूरों को राशन, लगभग 3000 है मंडी में लेबर पल्लेदार ।

सूत्रों की मानें तो 20 लोगों को राशन बांट कर मंडी सचिव ने झाड़ा पल्ला, बाकी मजदूर पल्लेदारों को आखिर कब बटेगा राशन ।

मंडी में हुई राशन वितरण में जमाखोरी, मंडी सचिव का अजब कारनामा । 4 दिन से राशन आने के बाद भी गोदाम में है राशन डम्प ।

मजदूरों को मिलने वाला चावल ,दाल ,आटा अधिकारियों ने किया डम्प। यदि प्रशासन ने जांच कराई जांच तो होगा मंडी में कई कारनामों का खुलासा ।

 

प्रयागराज के मुंडेरा मंडी समिति में गरीबों ,मजदूरों ,पल्लेदारों को बांटने वाला राशन अधिकारियों के गोदामों में डंप है । सूत्रों की मानें तो 4 दिन पहले मंडी में गरीबों को बटने वाला राशन आया है लेकिन मंडी सचिव और उनके शिपह शालारो ने इस राशन को लेबरो मे ना बांटकर अपने कुछ 20- 25 चाहतों में बांट कर बाकी लेबर मजदूरों पल्लेदारों में राशन नहीं बांटा गया है जिससे मजदूरों के सामने भूखमरी की स्थिति पैदा हो गई है ।

बता दें कि देश में कोरोना वायरस को लेकर लाक डाउन होने के बाद गरीबों के सामने 2 जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है । वहीं मुंडेरा मंडी में लगभग 3,000 लेबर ,मजदूर, पल्लेदार हैं जिनको राशन बांटने के लिए आटा, दाल ,चावल आदि सामग्री मंडी में आई है लेकिन मंडी सचिव एवं उनके सिपहसालार द्वारा डम्प करके रखा गया है । मंडी के लेबर एवं पल्लेदारों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मंडी सचिव द्वारा मंडी में किए जा रहे काले कारनामों की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग उठाई है । अब देखना है कि कौशांबी वॉइस के बाद जिला प्रशासन मंडी सचिव सहित मंडी में हो रही कालाबाजारी पर क्या कार्रवाई करता है यह जांच का विषय है ।

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