Wed. Apr 8th, 2020

पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार की नींव गहराई, मोरंग वाहनों से इंट्री के नाम पर पुलिस कर रही लाखो की अवैध कमाई, एडीजी ने दिए जांच के आदेश

बालू लदे ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर से इंट्री कर हो रही अवैध वसूली, एडीजी प्रयागराज ने दिए जांच बाद आवश्यक कार्यवाई के निर्देश

👉 प्रयागराज की स्पेशल टीम कौशाम्बी पुलिस की अवैध वसूली की करेगी जांच ।

👉 एडीजी ने दिए जांच बाद आवश्यक कार्यवाई के निर्देश

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बनी सीएम योगी की जीरो टॉलरेंस नीति शायद अब प्रदेश में फेल साबित हो रही है. तभी तो भ्रष्टाचार में लिप्त कौशांबी पुलिस सीएम के मंसूबो को दीमक की तरह चाट कर खोखला कर रही है । जिले में हालात कुछ ऐसे है कि थानों से गुजरने वाले ओवरलोड मोरंग वाहनों की इंट्री कर लाखो रुपये की अवैध वसूली की जा रही है. और इस संगठित अपराध पर लगाम लगाने वाला कोई नही है । मामला संज्ञान में आने के एडीजी प्रयागराज ने जांच के बाद दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाई के निर्देश दिए है

प्रयागराज जनपद से सटे कौशांबी जिले में इन दिनों दर्जनों मोरंग घाट चल रहे है । सभी मोरंग खदानों ने धड़ल्ले से ओवरलोडिंग की जा रही है. औधन, सेंवढ़ा, ब्योर, पठन पुरवा, उमरवाल, कटरी, रामनगर, दिया, रूसहाई आदि घाटो से मोरंग निकाली जा रही है । मोरंग खदानों से बिना रोक टोक हो रही ओवरलोडिंग पुलिस की अवैध कमाई का एक बड़ा जरिया बन गया है ।

सबसे बत्तर हालात जिले के कोखराज थाने का है । जहाँ वाहन चालकों की माने तो थानों में कई सालों से जमे पंकज किशन यादव नाम का एक सिपाही ओवरलोड मोरंग वाहनों की इंट्री कर लाखो रुपये की अवैध कमाई करता है । यह सिपाही एक प्राइवेट सख्स को आगे कर प्रति ट्रैक्टर 3 हजार व प्रति ट्रक/डम्फर 5 हजार रुपये के दर से कुल 184 ट्रैक्टर व 122 ट्रकों से महीने में लाखों रुपये की अवैध वसूली करता है । इसी तरह पिपरी थाने में तैनात धीरज पाठक, सराय अकिल थाने में तैनात पंकज त्रिपाठी और पवन मिश्रा, पूरामुफ्ती थाने में तैनात प्रभात कुमार दुबे, मंझनपुर थाने में तैनात हरिपाल यादव, डायल-112 से सैनी थाने में सम्बद्ध गल्लू यादव, महेवाघाट में तैनात रमेश चंद्र व जय सिंह भी वाहनों की इंट्री के नाम पर अवैध वसूली में पूरी तरह से मशगूल हैl

विभागीय सूत्रों की माने तो मोरंग वाहनों की इंट्री के नाम पर अवैध वसूली कर रहे कारखास सिपाहियों ने महकमे के छोटे अफसरों को भी हिस्सेदारी दे रखा है । अगर सिस्टम से जुड़े पुलिस कर्मियों की कोई शिकायत होती है तो ये अफसर ईमानदार पुलिस कप्तान से सिफारिश कर उन्हें बचाने का काम करते है. जबकि आदि थानों में तैनात दो दर्जन से अधिक पुलिस कर्मियों के खिलाफ पूर्व में भी अवैध वसूली के मामले में वायरल वीडियो पर कार्यवाई हो चुकी है ।

कौशांबी पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार की नींव गहराती जा रही है. इससे अछूते सम्बंधित थाना प्रभारी भी नही है । विश्वस्त सूत्रों की माने तो इन्ही के कहने पर ये कारखास सिपाही मोरंग वाहनों की इंट्री के नाम पर काली कमाई करते है और हर माह लाखो की ब्लैक मनी इकट्ठा कर जिले के एसपी को छोड़ बाकी सब में बंदरबांट करते है । जब भ्रष्टाचार की बू आग की तरह फैली तो लखनऊ से लेकर प्रयागराज तक के उच्चाधिकारी हरकत में आ गये ।एसपी अभिनंदन ने अपनी नजर तिरछी करते हुए तहकीकात शुर करवा दी तो वही एडीजी ने पूरे मामले में अपनी एक विशेष टीम को जांच का जिम्मा सौंपा है ।बहरहाल देखने वाली बात यह है कि ऐसे भ्रष्ट पुलिस कर्मियों पर कार्यवाई कब होती है, जो अपने निजी स्वार्थ के चलते ईमानदार अफसरों और योगी सरकार की छवि को धूमिल कर रहे है ।

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