Wed. Apr 8th, 2020

मिर्जापुर में डूडा के तहत हुआ करोड़ों का घोटाला, सूडा और डूडा के अधिकारी मिलकर लूट रहे गरीबों का धन, पीएम आवास में हुए घोटाला की नहीं हुई अब तक जांच, उच्च अधिकारियों तक गरीबों के धन का हुआ बंदरबांट

जिले में सूडा के तहत चल रही योजना डूडा में भ्रष्टाचार प्रधानमंत्री आवास में हो रहा है घोटाला, अगर जांच हुई तो हर जिले में करोड़ों को निकलेगा घोटाला ।

👉 अधिकारियों के मिलीभगत से परियोजना अधिकारी करते हैं यह खेल, सही काम करने वालों को दिखा दिया जाता है बाहर का रास्ता

👉 जिले से लेकर लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों के जुड़े हैं तार, सरकारी धन का होता है बंदरबांट ।

प्रयागराज एवं मिर्जापुर मंडल में सूडा के द्वारा चलाई जा रही डूडा के तहत योजना में पीएम आवास में बड़े पैमाने पर घोटाला हो रहा है । इस योजना में जिले में एमआईएस डूूडा में नियुक्त होता है जो जिले के समस्त नगर पंचायतों एवं नगर पालिकाओं में पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए जाते हैं । यदि देखा जाए तो प्रयागराज मंडल एवं मिर्जापुर मंडल के हर जिले में इस योजना के तहत घोटाला किया गया है उच्च अधिकारियों ने जांच कराई तो कई लोगों का फंसना तय है ।

मजेदार बात यह है कि जिले में तैनात डूडा एवं सूूडा के अधिकारी मिलीभगत करके अपात्रों को आवास दे देते हैं और उनकी फर्जी फोटो जियो टैग कर देते हैं जबकि आवास कंप्लीट नहीं होता है । यदि हम मिर्जापुर यूएलबी 2265 डीपीआर की बात करें तो वहां पर कुल 2017 से लेकर अब तक घोटाला चल रहा है । अगर देखा जाए तो लगभग तीन करोड़ का अब तक जिले में घोटाला हुआ है ।  जिले में कुल एक डीपीआर में 2265 मिर्जापुर लाभार्थी है  जिसमें 138 लाभार्थियों का क्रमांक नहीं मिला और 127 लोगों का लाभार्थी का क्रमांक सही मिला है । जिनमें प्रथम जियो टैग 227 लोगों का नहीं हुआ है और 2038 लोगों का जो  हुआ है । इसी प्रकार द्वितीय जिओटैग में 364 लोगों को नहीं हुआ है तथा 1901 लोगों का हुआ है । इसी प्रकार तृतीय जियोटैग में 806 लोगों का जियो टैग नहीं हुआ है और 1459 लोगों को किया गया है । चतुर्थ जियो टैग में 848 लोगों का जियो टैग नहीं हुआ है जबकि 1417 लोगों को किया गया है ।इसी प्रकार पंचम जियो टैग में 945 लोगों को नहीं किया गया है और 1320 लोगों को मात्र किया गया है । इस तरह से देखा जाए तो प्रथम किस्त भुगतान में 773 लोगों को भुगतान नहीं किया गया है और 1492 लोगों को प्रथम किस्त भुगतान की गई है और 820 लोगों को नहीं किया गया है जबकि 1445 लोगों को भुगतान की गई है । तृतीय किस्त में 1410 लोगों को नहीं किया गया है और 855 लोगों को भुगतान की गई है । यदि देखा जाए तो अतिरिक्त भुगतान 2127888 रुपए का हुआ है जो कि बड़ा घोटाला है ।

बता दें कि यह आंकड़ा तो सिर्फ मिर्जापुर के 1 जोन का है अगर इस जिले के चारों जोन का आंकड़ा देखा जाए तो 38878 लोगों को आवास के लिए पास किया गया है । जिसमें से लगभग 1500 लोगों से ज्यादा के आवास नहीं बने हैं और इसी प्रकार की गड़बड़ी गड़बड़ी की गई है ।
आज तक इस मामले में कोई जांच नहीं की गई है जब जिले में 1 यूएलबी 2265 में जब इतना बड़ा घोटाला हो सकता है तो प्रदेश के 75 जिले में अरबों का घोटाला हुआ होगा लेकिन देखना है कि कौशांबी वॉइस की खबर के बाद यह जांच होती है या सब कुछ फाइलों में दबकर रह जाएगा या जांच का विषय है ।

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