Thu. Feb 27th, 2020

राज्य महिला आयोग की सदस्य ने सुनी पीड़ित महिलाओं की समस्यायें, मौके पर दर्ज कराई 5 एफआईआर

महिला उत्पीड़न के मामलों पर थानों में एफआईआर न लिखे जाने की शिकायत पर जतायी कड़ी नाराजगी

महिला जनसुनवाई में दो दर्जन से अधिक मामले सुनवाई के लिए आये, कई प्रकरणों का मौके पर किया गया निस्तारण

प्रयागराज  । उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा प्रदेश में महिला उत्पीड़न की रोकथाम एवं पीडित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाये जाने तथा आवेदक/आवेदिकाओं की सुगमता की दृष्टि से सर्किट हाऊस, प्रयागराज में महिला जन सुनवाई/समीक्षा बैठक ऊषा रानी सदस्य राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता मे की गयी।

आयोग की सदस्य ने महिला जन सुनवाई में आयी पीड़ित महिलाओं की शिकायती प्रार्थना पत्रों को देखा। उन्होंने पीड़ित महिलाओं से बारी-बारी से उनकी समस्याओं को सुना तथा सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरण को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए निस्तारित किया जाय। महिला जन सुनवाई में पीड़ित महिलाओं ने अपनी समस्याओं को सदस्य, राज्य महिला आयोग के समक्ष रखी। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला उत्पीड़न से सम्बन्धित प्रकरण को लम्बित न रखा जाय बल्कि उसका मौके पर जाकर त्वरित निस्तारण की कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाय।
जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर आयी हुई श्वेता गुप्ता पुत्री अरविंद कुमार गुप्ता निवासी गाजीपुर जो चांदपुर सलोरी, प्रयागराज में रहकर पढ़ाई कर रही है, ने अपने इंस्टीट्युट के शिक्षक के विरूद्ध छेड़खानी का आरोप लगाया, जिसपर महिला आयोगन की मा0 सदस्य ने थाना कर्नलगंज के चैकी प्रभारी को बुलाकर उनसे मामले की पूरी जानकारी ली, जानकारी पर यह बात सामने आयी कि उक्त शिक्षक ने छात्रा के खिलाफ मारपीट करने की एफआईआर दर्ज करायी थी, जिस पर महिला आयोग की सदस्या ने उक्त शिक्षक को तत्काल बुलाकर मामले को अपने संज्ञान में लिया और निर्देश दिया कि अगली जनसुनवाई में पूरे साक्ष्य के साथ दोनों पक्ष उपस्थित रहे।

राजकुमारी पुत्री स्व0 नंद कुमार निवासी सूबेदारगंज, प्रयागराज ने वहां के पार्षद के खिलाफ जबरन मकान कब्जा कराने, धमकाने का आरोप लगाया, जिसपर महिला आयोग की सदस्य ने थाना धूमनगंज के पुलिस प्रतिनिधि को पार्षद को तुरंत सुनवाई में बुलाने के निर्देश दिये, जिसपर पार्षद के न पहुंचने पर पुलिस को महिला एफआईआर दर्ज करने व हरसम्भव मदद करने के लिए निर्देशित किया। मोहिता गुप्ता पुत्री श्रीचंद्र गुप्ता निवासी पुराना कटरा, प्रयागराज ने अपने पति पर दूसरी शादी करने का आरोप लगाते हुए सदस्य को बताया कि इस मामले में सोरांव थाने में एफआईआर दर्ज करायी थी। थाने के एसओ ने इस मामले लापरवाही बरतते हुए कोई कार्रवायी नहीं की, जिस पर सदस्य ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं के साथ इस प्रकार की संवेदनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

उन्होंने इस मामले में और जानकारी उपलब्ध कराने को कहा, जिससे उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। कोमल ने अपने पति एवं ससुराल वालों के खिलाफ दुर्व्यवहार करने व मारपीट करने का आरोप लगाया, जिस पर सदस्य ने उसके पति को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी लेते हुए दोनों को समझा बुझाकर दोनों के बीच समझौता कराने में सफल हुई। पति-पत्नी ने दुबारा आपस में लड़ाई झगड़ा न करने का आश्वासन सदस्य को दिया। जनसुनवाई में आये हुए प्रकरणों में कुछ प्रकरणों में सम्बन्धित थानों द्वारा एफआईआर न दर्ज करने पर नाराजगी जतायी। मौके पर ही 05 मामलों में एफआईआर भी दर्ज करायी गयी। कुछ प्रकरणों में मा0 सदस्य ने खुद भी मौके पर जाकर प्रकरण की वास्तविक स्थिति से अवगत होगी। महिला जन सुनवाई में कुल दो दर्जन से अधिक प्रकरण सुनवाई के लिए आयें, जिनमें से कुछ प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित कराया गया। महिला आयोग की जनसुनवाई में में जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री पंकज मिश्रा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण मौजूद रहे ।

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