Thu. Feb 27th, 2020

प्रयागराज के माघ मेले के नाम पर रेलवे में सरकारी धन में लूट ,ठेकेदार कर रहे मनमानी, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान,चिकित्सा विभाग की मनमानी ,डीआरएम ऑफिस में बिना कार्य किए कई कर्मचारियों को बैठा कर दे रहे हैं तनख्वाह

प्रयागराज माघ मेले में रेलवे चिकित्सा विभाग ने तृतीय श्रेणी कर्मचारियो को माघ मेले ड्यूटी में लगाया

👉 28 दिनों के लिए तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को ठेकेदारी प्रथा पर लगाया ।

ड्यूटी लगाने हेतु ठेकेदारी प्रथा पर नियुक्त किया गया लेकिन डॉक्टरो को अस्पताल बंद करने के लिए माघ मेले में लगाई गई ड्यूटी ।
👉 जबकि डॉक्टरों को भी कांट्रैक्ट बेसिस पर लिया जा सकता था, जानबूझकर अस्पताल को बंद करने के लिए किया गया ऐसा कार्य ।
👉 ताकि मरीजों को रिफरल करके प्राइवेट अस्पतालों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा कमाया जा सके कमीशन ।
👉 इसीलिए चिकित्सा विभाग रेलवे को बना रहा है कंगाल और उच्च अधिकारी एवं मंत्री नहीं दे रहे ध्यान

बता दे कि इलाहाबाद रेलवे में भ्रष्टाचार बढ़ावा देने के मामले में अधिकारी बाज नहीं आ रहे हैं । चिकित्सा विभाग के एमडी एवं उच्च अधिकारी मिलकर माघ मेले में तृतीय श्रेणी कर्मचारियों एवं डॉक्टरों को 28 दिन के लिए लगा दिया है जिससे अस्पताल बंद होने के कगार पर हो गई है । अस्पताल में आ रहे मरीजों को न देख पाने की वजह से यहां पर रिफरल का धंधा और तेजी से बढ़ गया है ताकि डॉक्टरों एवं एमडी को मिलने वाला कमीशन 4 गुना हो जा हो जाएगा ।

बता दें कि तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को अनुबंध पर रखा गया है और डॉक्टरों को अन्य जगहों से ड्यूटी करने के लिए बुलाकर लगाया गया है । महत्वपूर्ण लैब जो आए दिन शिकायतों से बदनाम हो रही है वहां के पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर को भी ड्यूटी में लगाया गया है । लैब भगवान भरोसे चल रही है, जिस प्रकार तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को ठेकेदारी प्रथा पर लगाया गया है उसी प्रकार डॉक्टरों को भी दैनिक भत्ते पर लगाया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं किया गया ताकि अस्पतालों से रिफरल का धंधा जोरों पर चलता रहे । इससे प्राइवेट अस्पतालों से मिलने वाले कमीशन बाजी दिन दूना रात चौगुना हो जाए ।

बता दें कि माघ मेले के नाम पर लूट मची हुई है । रेलवे विभाग के कई डिपार्टमेंट में रेलवे के माघ मेला के नाम पर लूट जारी है । यदि रेल मिनिस्टर अथवा बोर्ड के अधिकारियों ने जांच कराई तो इस मेले के नाम पर होने वाले घोटाला का खुलासा होना तय है ।

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