Sat. Jan 25th, 2020

डीआरएम ऑफिस में नहीं कम हो रहा भ्रष्टाचार ,भाजपा सरकार को बदनाम कर रहे हैं अधिकारी व कर्मचारी ,कई वर्षों से एक ही कुर्सी पर तैनात है बाबू, सीनियर डीपीओ के कार्यों का लेता है ठेका

डीआरएम ऑफिस में कर्मचारी करते हैं आराम, फ्री में डीआरएम बैठा के कर्मियों को देते हैं तनख्वाह ।

डीआरएम ऑफिस के कार्मिक विभाग में मोतीलाल मिश्रा की सीट के पास एक कर्मचारी कंप्यूटर पर तीन पत्ती ताश बैठकर खेल के टाइम पास करते हैं । वही इस विभाग का बाबू मोतीलाल मिश्रा जो 20 वर्षों से एक की कुर्सी पर एक ही जगह तैनात है उसकी शिकायतें की चर्चा सरेआम हो रही है ।

सूत्रों की मानें तो मोती लाल मिश्रा कई वर्षों से कार्मिक विभाग के एक ही जगह तैनात है जो सीनियर डीपीओ का सारा काम देखता है । किसी भी फाइल को दबा के रखना या अवैध वसूली करा कर काम कराना उसका बाएं हाथ का खेल है । यही वजह है कि इस व्यक्ति को आज तक इस सीट से नहीं हटाया गया है ,क्योंकि कमाऊ पूत की तरह इस सीट पर बैठा शख्स काम कर रहा है । रेलवे अधिकारियों की मानें तो  विजिलेंस विभाग के गाइड लाइन के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक जगह एक सीट पर तीन-चार साल से ज्यादा नहीं रुक सकता है लेकिन कमाऊ पूत की तरह काम करने वाले सीट से चिपके कर्मचारियों को अधिकारी  पाल कर रखे हैं ।

सूत्रों की मानें तो मोतीलाल मिश्रा कि विभाग में लगी फोटो मशीन फोटो स्टेट मशीन एवं तमाम ऐसी चीजें हैं जिसमें छपाई का भी काम है । बैठे-बैठे विभाग में बिजनेस कर रहा है लेकिन डीआरएम ऑफिस में बैठे कुछ अधिकारी आंख मूंद कर बैठे हैं । इस कार्यालय में कुछ ऐसे तमाम लोगों को दूसरे डिपार्टमेंट से कर्मचारियों को अटैचमेंट करके सिर्फ हाजिरी लगाकर फ्री में तनखा दी जा रही है और उनको उनके डिपार्टमेंट में नियुक्त नहीं किया जा रहा है । जिससे रेलवे राजस्व का काफी नुकसान हो रहा है, वहीं विभाग का काम बाधित हो रहा है। इस कार्य को सीनियर डीपीओ एवं डीआरएम मनमानी तरीके से अंजाम दे रहे हैं । अब देखना है कि कौशांबी वॉइस की खबर के बाद उच्च अधिकारी संज्ञान लेते हैं या उनके कान में जूं रेंगती है या फिर भ्रष्टाचार को बढ़ाना देने वाले इन अधिकारियों का धंधा ऐसे ही चलता रहेगा यह जांच का विषय है ।

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डीआरएम ऑफिस में कर्मचारी फ्री में लेते हैं तनख्वाह, बैठकर करते हैं आराम ।

नौकरी से निकाले जाने के बाद कर्मचारी को मानवीय आधार पर फिर से दी गई नौकरी

अब डीआरएम ऑफिस में बनाता है भौकाल ,इससे जा रहा है लोगों में गलत संदेश ।

डीआरएम ऑफिस इलाहाबाद मे इसी तरह अभी हाल ही में एक कुशवाहा नाम के कर्मचारी को 14/2 में सेवा से निकाल दिया गया था और उसको मानवीय आधार पर नौकरी दी गई है। नौकरी के पश्चात उसके सारे गुनाह माफ कर दिया गया है उसको यथावत उसी पद पर नियुक्ति के लिए मोतीलाल मिश्रा ने जोरदार वकालत की है जिसके बदले में भारी-भरकम रकम वसूल की है ।
बता दें कि अधिकारियों को बाईपास करके मोतीलाल मिश्रा ने यह कार्य कराया है जिससे वह व्यक्ति सीना तान कर चौड़े से अपने को बेगुनाह साबित कर रहा है और समाज में एक गलत संदेश जा रहा है ।

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