Thu. Feb 27th, 2020

सिर चढ़कर बोल रहा है थाना मांडा क्षेत्र में अपराध ,प्रयागराज मे कानून व्यवस्था हुई ध्वस्त, मांडा थाना में सैकड़ों विवेचना हैं लंबित, सोरांव मे 5 लोगों की हुई हत्या का नही हुआ खुलासा

मांडा कोतवाली मे अपराध जारी, जांच अधिकारी हारी । दिसंबर लास्ट तक 201 विवेचना लंबित

👉 दलालों के इशारे पर चलता है थाना मांडा , फरियादियों नहीं है कोई सुनवाई ।

जनपद प्रयागराज का मांडा थाना एक ऐसा है थाना है जहां 201 विवेचनाएं लंबित हैं । दिसम्बर 31 तक केवल तीन विवेचना निस्तारित हुई है । इससे अंदाजा लगाया जा सकता है खेल कितना बड़ा है । दिसंबर माह के अंतिम तक इस थाना क्षेत्र में 137 वांछित अपराधी है और एसआर वांछित 15 रहे इसके साथ ही आईजीआरएस के 65 शिकायते लम्बित रही जिसमें से चार को निस्तारित किया गया है ।

अब देखना है कि मांडा थाना कब तक अपराधियों के हवाले …. दलालों के इशारे पर चलता है थाना

यहां एसएसपी प्रयागराज आईजी और डीआईजी की नहीं चलती हैं क्योंकि थाने की दूरी इतनी है कि उच्च अधिकारियों की नजर नहीं जाती है । यही वजह है कि मांडा अपने आप में हवा में तीर चला रहा है । सवाल इस बात का है कि आखिर कब जागेंगे अधिकारी ? मांडा थाना की ओर के अब तक के अगर आंकड़ों में जाएं तो थाना मांडा हत्या, बलात्कार ,डावरी एक्ट के तहत हांफ्ता नजर आ रहा है । अब तक अधिकारियों की नजर इस थाने की तरफ क्यों नहीं पड़ रही है यह एक यक्ष प्रश्न है । फिलहाल कुछ भी हो थाना मांडा पर अधिकारियों की गिद्ध दृष्टि पड़ चुकी हैं ,अब देखना यह है कि लंबित विवेचना और उसकी तरफ वहां के पुलिस एवं वहां के जिम्मेदार क्या करते हैं यह जांच का विषय है ।थाना मांडा बिकता है – बोलो खरीदोगे ………

भाजपा के शासनकाल में थाना मांडा प्रयागराज का ऐसा है जहां सब कुछ पैसे पर बिकता है । यहां पर सीएम अथवा किसी की नहीं चलती है । यहां का थानाध्यक्ष प्रिंस दीक्षित अपने आप में भाजपा की पोल खोल रहा है । कहना यह है कि थाना मांडा मे किसी का जोर नहीं है । अब देखना यह है कि थाना मांडा पर स्थानीय विधायक, सांसद, सीएम कुछ कर सकते हैं या नहीं बाद का विषय है । लोगों का तो अब यह भी कहना है प्रयागराज एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज एसएसपी वह भी बौने साबित हो रहे हैं । इलाके में इस बात की चर्चा है कि यहां के कप्तान हम है -.जो हम लोग यहां की पुलिस चाहेगी वही होगा । फिलहाल कुछ भी हो जो भी मांडा मे हो रहा है वहां की स्थानीय जनता अब मुखिया पर नजर गड़ाए हुए कि उनको न्याय मिलेगा या नही ।

मेजा सर्किल में बढे अपराध – लंबित विवेचनाओ का नहीं हो रहा है निपटारा, विवेचना में कर रही पुलिस लंबा खेल……..

क्षेत्राधिकारी मेजा के सर्किल में अपराधों की बढ़ोतरी हो रही है ,वहीं इस क्षेत्र में दिसंबर के अंतिम तक 976 विवेचनाएं लंबित हैं जिनमें से सिर्फ पांच का निपटारा निस्तारण हुआ है । इसी तरह  478  वांछित  और हिसार वांछित 27 तथा आईजीआरएस के 234 शिकायतें लंबित ।

अपराधियों के हवाले सर्किल मेजा 976 विवेचना लंबित सिर्फ पांच का हुआ निस्तारण पुलिस महकमे के उच्च अधिकारियों को संज्ञान लेना है कि मेजा सर्किल अपराधियों के हवाले हैं । यहां 976 विवेचना दिसंबर माह की लंबित है सिर्फ पांच विवेचनाओं का निस्तारण हुआ है । इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मेजा सर्किल अफसरों की निगाह से दूर हैं । अंदाजा सिर्फ इतना लगाया जा सकता है कि मेजा सर्किल पर अधिकारियों कु नजर नहीं है । यहां की कानून व्यवस्था रामभरोसे चल रही है । अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी यहां नजर रखते हैं या नहीं । अब सिर्फ कानून व्यवस्था पर नजर डालें तो पूरा मेजि सर्किल अपराधियों के हवाले हैं इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सर्किल मेजा किस तरह चल रहा होगा यह जांच का विषय है ।

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प्रयागराज में बिकते हैं थाने ,बोलो खरीदोगे

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सोरांव थाना क्षेत्र में एक ही परिवार की 5 लोगों की हुई हत्या ,पुलिस अब तक नहीं कर सकी खुलासा

प्रयागराज धार्मिक नगरी है यहां इंसानियत अपने जगह पर रहती है लेकिन यहां पुलिस का जो खेल चल रहा है उससे इंसानियत शर्मसार हो रही है । यहां विवेचना या अपराध हांफ रहा है । नए कप्तान सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज आए दिन उन्होंने लगाम भी लगाई लेकिन सोरांव थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या हो जाना कानून व्यवस्था की पोल खोलते नजर आती है । इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रयागराज की पुलिस बिक चुकी हैं यहां पर सीएम का जोर भी नहीं रह गया है ।

सवाल इस बात का है कि प्रयागराज धार्मिक नगरी कब तक कानून व्यवस्था के नाम पर दाग लेती रहेगी । यहां पर विवेचना ,हत्या ,लूट ,डकैती, बलात्कार आम बात बन चुकी है । अब प्रयागराज के लोगों का विश्वास कानून व्यवस्था से उठ चुका है, लोगों का कहना है कि जिस ढंग से वे लोग जिंदगी जी रहे हैं अब सड़क पर निकलना दूभर हो गया है । तेज तर्रार कप्तान सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने जब से कानून व्यवस्था का चार्ज संभाला है यह लगा था कि प्रयागराज की कानून व्यवस्था संभल गई ,लगता है कि अब उनकी भी बस की बात नहीं रह गई है । यह कहना जरूरी हो गया है कि जनपद प्रयागराज में इतने बड़े थाने हैं जहां रोज हत्या, बलात्कार जैसे तमाम संगीन अपराध हो रहे हैं । उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब कानून व्यवस्था के नाम की चीज प्रयागराज में नहीं रह गए हैं ।

अमरनाथ झा – पत्रकार  (9415254415)

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