Fri. Dec 6th, 2019

उ0म0 रेलवे के केंद्रीय चिकित्सालय इलाहाबाद में नहीं रुक रहा है भ्रष्टाचार, एमडी ने चिकित्सीय परीक्षण में अवैध वसूली मे लगाता है दो स्टाप, विजिलेंस गाइडलाइन का नही होता पालन

 उत्तर मध्य रेलवे केंद्रीय चिकित्सालय इलाहाबाद में चल रहे उम्मीदवारों के चिकित्सा परीक्षण में पुनः शुरू हुआ भ्रष्टाचार , पूर्व में रोके गए उम्मीदवारों के साथ हो रही है जमकर वसूली

प्रारंभ से ही दो मिनिस्ट्रियल स्टाफ मनोज कुमार और रमाशंकर धन उगाही करने में जुटे ।

👉 एमडी के इशारे पर चल रहा है सारा खेल, पहले भी मनोज कुमार को कैंडिडेटो से रंगे हाथ वसूली की बातचीत करते हुए फोटो हुई थी वायरल ।

👉 एमडी ने नहीं की कोई कार्रवाई और लगातार इन्हीं 2 स्टाफ को लगाकर करवा रहा है चिकित्सा परीक्षण मे अवैध वसूली

👉 अजय भारती को एमडी विनीत अग्रवाल ने लखनऊ से करा दिया है सिक और पुनः बुलाने के जुगाड़ में रचा षड्यंत्र ।

👉 नहीं होता है सीसीटीवी कैमरे के सामने कैंडिडेटो का चिकित्सीय परीक्षण और बिजलेंस गाइड लाइन के अनुसार स्टाफ का नही होता लॉटरी सिस्टम

👉 चिकित्सा परीक्षा के दौरान नहीं जमा किया जाता है उम्मीदवारों का पर्स मिनिस्ट्रियल स्टाफ कॉन्फ्रेंस रूम से बाहर निकलकर करते हैं वसूली

रेलवे डिपार्टमेंट कर विजिलेंस विभाग आंख मूंद कर बैठे नहीं करता है कोई कार्यवाही

इलाहाबाद । उत्तर मध्य रेलवे के केंद्रीय चिकित्सालय इलाहाबाद में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है । इस चिकित्सालय में एम0डी विनीत अग्रवाल के संरक्षण में भ्रष्टाचार फल फूल रहा है और इस समय चल रहे कैंडिडेटो के चिकित्सा परीक्षण में जमकर धन उगाही हो रही है । यह धन उगाही कराने के लिए एमडी ने मिनिस्ट्रियल स्टाफ में मनोज कुमार और रामाशंकर को ही प्रतिदिन ड्यूटी पर लगाता है ,जिससे यह दोनों कर्मचारी खुलेआम कैंडिडेटो से बाहर अवैध वसूली कर मालामाल  हो रहे हैं ।

कुछ दिनों पहले मनोज कुमार का चिकित्सीय परीक्षण में कैंडिडेटो से अवैध वसूली एवं बातचीत करते हुए वीडियो फोटो वायरल हुआ था जिस पर एमडी ने कुछ दिनों के लिए मनोज कुमार को हटा दिया था लेकिन बाद में फिर से उसे उसी स्थान पर वसूली करने के लिए लगा दिया है । जिससे साफ साबित होता है कि एम0डी के द्वारा भ्रष्टाचार फल फूल रहा है । इसी प्रकार अजय भारती नामक कर्मचारी को एमडी ने 6 बार स्थानांतरण का आदेश आने के बाद भी एमडी ने उसे रिलीव नहीं किया और उसके माध्यम से मेडिकल बोर्ड में लाखों रुपए के सौदा कराने के लिए पाल रखा है । अभी हाल ही मे उसे रिलीव होने के बाद लखनऊ से सिक कराकर उसे पुनः वापस लाने के लिए एमडी ने षड्यंत्र रचा है ।

सूत्रों की मानें तो एम0डी0 के द्वारा भ्रष्टाचार केंद्रीय चिकित्सालय में चरम पर है क्योंकि एमडी लगभग 20 वर्षों से ज्यादा इलाहाबाद में ही तैनात रहकर अपनी जड़े मजबूत कर रखा है । यह अपने अधीनस्थों को भी धमकाने का एवं अपने चहेतों से अवैध वसूली कराने का कारनामा फैला रखा है । कई बार कौशांबी वॉइस के खबर प्रकाशन के बाद भी अभी तक रेलवे बोर्ड एवं उच्च अधिकारियों ने एमडी के कारनामों के जानने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं किया है । रेल मंत्रालय एवं प्रधानमंत्री कार्यालय तक सूचना होने के बावजूद भी एमडी अपनी ऊंची पहुंच के कारण और मोटी रकम पहुंचा कर अपने आपको केंद्रीय चिकित्सालय में रोक रखने में हमेशा सफल रहा है । अगर जांच हुई तो एमडी विनीत अग्रवाल के पास अरबों की इलाहाबाद ,लखनऊ समेत कई शहरों में देहरादून सहित आय से अधिक और अवैध एवं बेनामी संपत्ति बना रखी है ।

बता दें कि एमडी का आई वीजन रेलवे के मानक अनुकूल न होने के कारण नजर कमजोर है और बिल्कुल करीब से कुछ नही दिखाई देता है । यदि देखा जाए तो एमडी विनीत अग्रवाल रेलवे के चिकित्सा के मानक के अनुसार नेत्र के मामले में अनफिट हैं लेकिन इसके बाद भी रेल प्रशासन इनके आंखों की जांच ना करा कर मेडिकल बोर्ड जैसे महत्वपूर्ण फैसलों को लेने में चेयरमैन बनाने मे नामित किया जाता है जो कि रेलवे बोर्ड के नियम का खुला उल्लंघन है ।

अगर रेल मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय से एम0डी के कारनामों की जांच हुई और इनके नेत्र परीक्षण कराया गया तो इनकी छुट्टी होना तय है । अब देखना है कि कौशांबी वॉइस के खबर प्रकाशन के बाद एमडी विनीत अग्रवाल के कारनामों की जांच होती है या फिर मेडिकल परीक्षण में एमडी द्वारा लगाए गए दो मिनिस्ट्रियल स्टाफ के द्वारा कराई जा रही अवैध वसूली रूकती है या फिर चलती रहेगी या जांच का विषय है

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