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रायबरेली में वीरांगना ऊदा देवी पासी का मनाया गया शहीद दिवस

वीरांगना ऊदा देवी पासी की शहादत पर देशवासियों को गर्व है – बसन्त सिंह बग्गा

रायबरेली, 16 नवम्बर, 2019  । उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के जिलाध्यक्ष बसन्त सिंह बग्गा ने कहा कि वीरांगना ऊदा देवी पासी की शहादत पर देशवासियों को गर्व है। 16 नवम्बर 1857 को ऊदा देवी पासी ने 36 अंग्रेजों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। खास बात यह रही कि ऊदा देवी के पास मात्र 36 गोलियाँ थी, हर एक गोली पर एक अंग्रेज को मार गिराया। गोली समाप्त हो जाने पर अंग्रेज सेनापति की गोली से ऊदा देवी पासी शहीद हुई। यह बात श्री बग्गा ने मुकेश शिक्षण शोध संस्थान के कार्यालय में आयोजित शहादत दिवस पर कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक मिश्रा एवं संचालन क्रय-विक्रय समिति के अध्यक्ष चैधरी रवि पटेल ने किया।

राष्ट्रीय पासी सेना के अध्यक्ष संजय पासी ने कहा कि वीरांगना ऊदा देवी पासी के पति मक्का पासी वाजिद अलीशाह की सेना के सेनापति थे। अंग्रेजी सेना ने उन्हें धोखे से मार दिया था तब ऊदा पासी ने अंग्रेजों से बदला लेने की प्रतिज्ञा की थी। 16 नवम्बर 1857 को प्रतिज्ञा पूरी कर शहीद हुईं । पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता ओ.पी. यादव ने कहा कि आज भी लखनऊ के सिकन्दराबाग में वह पीपल का वृक्ष मौजूद है, जिस पर चढ़कर ऊदा देवी पासी ने अंग्रेजों को मार गिराया, बाद में शहीद हुई। उसी स्थान पर वीरांगना ऊदा देवी पासी की मूर्ति लगी है, जहाँ शहादत दिवस पर मेला लगता है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अजय कुमार बाजपेयी, गंगाशंकर पाठक, रामकुमार दुबे, धर्मेन्द्र यादव, मनोज चैधरी, अजीत पासी, अखिलेश पासी, पवन पासी, अजय पासी, शीतलादीन रावत, अब्दुल कलाम, गंगाराम विश्वकर्मा, सचिन वर्मा आदि ने वीरांगना ऊदा देवी पासी के चित्र पर माल्र्यापण कर उन्हें श्रद्धाँ सुमन अप्रित किये एवं उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।

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