Fri. Dec 6th, 2019

कानपुर रेलवे में फैला डेंगू का प्रकोप, कालोनियों में लगा गंदगी का अंबार, सीएचआई की माहवारी बंधी होने से नहीं करते हैं कार्य सफाई कर्मी ,डीआरएम ऑफिस के अधिकारी निरीक्षण के नाम पर करते हैं खानापूर्ति

एनसीआर रेलवे के कानपुर में नहीं रुक रहा है भ्रष्टाचार, नहीं थम रहा है डेंगू का प्रकोप ।

अधिकारी कर रहे हैं आराम ,कर्मचारियों की कॉलोनी बन गई है जंगल, आखिर कौन है इन सब का जिम्मेदार ।

कानपुर से  लोगों को 2-2 दिन के लिये भेजा जाता है टूंडला, लैब की हो रही है उपेक्षा ,हजारों रुपए यात्रा भत्ता में किए जाएंगे भुगतान, उच्च अधिकारी बने हैं मौन,उनके इशारों पर हो रहा है तमाशा ।

कानपुर में नहीं जाते हैं अधिकारी करने निरीक्षण और नहीं करते हैं इमरजेंसी ड्यूटी और ना तो देखते हैं मरीज

कानपुर । एनसीआर रेलवे के कानपुर उप मंडलीय चिकित्सालय में रेलवे अस्पताल के अधिकारियों की तानाशाही की वजह से अस्पताल का बुरा हाल है । कानपुर में डेंगू एवं टाइफाइड जैसे बुखार से लोग पीड़ित हैं वही कालोनियों में गंदगी बजबजा रही है लेकिन विभागीय अधिकारी सफाई कर्मियों की बंधी माहवारी की वजह से काम नहीं कर रहे हैं । कानपुर रेलवे चिकित्सालय में सीएमएस एवं एसीएमएस की तानाशाही रुकने का नाम नहीं ले रही है । ये लोग ना तो इमरजेंसी ड्यूटी करते हैं और ना ही समय से अस्पताल आते- जाते हैं लेकिन कर्मचारियों का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आ रहे हैं ।

बता दे कि अपर मुख्य चिकित्सा निदेशक एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कानपुर लैब को बंद कराने पर उतारू है, और पैथोलॉजिस्ट एवं सीएलएस को इन सब के बावजूद 2-2 दिन के लिए इनको टूंडला भेजा जा रहा है । इतना ही नहीं बल्कि  सीएमएस  कर्मचारियों के  को कई दिनों के लिए भेजता है बाहर, कानपुर की लैब बन गई लावारिस ।

सूत्रों की मानें तो इसी तरह कानपुर में सीएचआई की अवैध कमाई रुकने का नाम नहीं ले रही है । सफाई कर्मियों से जहां कई दर्जन लोगों से माहवारी बांध रखी है वही महीने में कई लाख रुपए अवैध वसूली होने से सीएचआई मालामाल हो रहे हैं । कानपुर स्टेशन एवं कालोनियों में लगे तथा अन्य स्टेशनों पर लगे सीएचआई की माहवारी बंधी होने की वजह से सफाई कर्मी नियमित काम नहीं कर रहे हैं । सूत्रों की मानें तो कुछ सफाई कर्मी जो परमानेंट है वह कानपुर के अलावा बाहर भी नौकरी करते हैं और सीएचआई को मोटी माहवारी देकर दोनों जगह से लाभ उठा रहे हैं ,लेकिन रेलवे डीआरएम ऑफिस में बैठे अधिकारी निरीक्षण के नाम पर आंख मूंद कर बैठे हैं ।

कानपुर में कर्मचारियों की कॉलोनी जंगल का रूप ले चुकी है ,यहां साफ-सफाई नाम की कोई चीज नहीं रह गई है । देखा जाए तो इन सफाई कालोनियों की सफाई एवं देखरेख के लिए करोड़ों का बजट आता है लेकिन संबंधित अधिकारी इस बजट को सिर्फ कागजों में खानापूर्ति करके हड़प्पा जा रहे हैं । अब देखना है कौशांबी वॉइस की खबर के बाद अधिकारियों के कान में जूं रेंगती है या फिर मामला सब कुछ ऐसे ही फाइलों में दबकर रह जाएगा यह जांच का विषय है ।

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