Wed. Nov 20th, 2019

रेलवे में अधिकारियों के बंगलो पर लगे हैं सरकारी कर्मी, पीडब्लूआई व आईओडब्लू कराते हैं अपना निजी काम, रेलवे को लूट रहे हैं रेलवे के ही अधिकारी

रेलवे में काम करने वाले गैंगमैन ट्रैक मैनो का किया जा रहा उत्पीड़न , आंख मूंद कर बैठा है विजिलेंस विभाग
👉 अपने बंगलो पर अधिकारी लगाए हैं कई सरकारी कर्मी, पीडब्लूआई कर्मचारियों से करा रहे अपने घर का कार्य
👉 निजी मकान बनाने में लगाते है सरकारी कर्मचारी, जीएम को नहीं है कोई संज्ञान ।
👉पिछली बार कई कर्मचारियों का अधिकारियों के यहां काम करने का वीडियो हो चुका है वायरल ,अधिकारियों ने नहीं कि कोई कारवाई
👉 यूनियन वालों की भी है मिली भगत, 400 रुपया लेते हैं कर्मचारियों से चंदा और करते हैं कर्मचारियों का शोषण ।

👉 एडीईएन लाइन के बंगले पर लगे हैं कई सरकारी कर्मी, एडीईएन करा रहे हैं अपना निजी कार्य ।

प्रयागराज । इलाहाबाद डिवीजन में अधिकारियों के बंगले पर आधा दर्जन से भी ज्यादा कर्मचारी कार्य कर रहे हैं । अधिकारियों के निजी कार्य के लिए बंगलो पर कर्मचारी लगे रहते हैं, वही विजिलेंस विभाग आंख पर पट्टी बांध कर बैठा है या फिर जानबूझकर अनजान बना बैठा है । कहने को तो जागरूकता सतर्कता सप्ताह चल रहा है लेकिन महज यह खानापूर्ति किया जा रहा है । विजिलेंस विभाग के अधिकारी की मिलीभगत होने की वजह से ही बिगड़ैल अधिकारियों के बंगलों पर सरकारी कर्मचारियों को रखने की आदत समाप्त नहीं हो रही हे । विजिलेंस विभाग के अधिकारी की मिली भगत होने की वजह से ही इन गलत कार्यो पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है और इनके निजी आवास और निजी कार्य के लिए सरकारी कर्मचारियों को लगाया जाता है और उनसे सरकारी ड्यूटी ना लेकर अधिकारी अपने निजी काम कराते है ।

बता दे कि इलाहाबाद डिवीजन के अलावा अन्य जगहों पर .जैसे मनौरी ,भरवारी, सिराथू ,खागा ,फतेहपुर तक जो भी पीडब्लूआई गैंग मैन और ट्रैकमैन कर्मचारियों को अपने घर पर ही लगाकर निजी कार्य करवा रहे हैं और सरकारी महकमे को चूना लगा रहे हैं ।

सूत्रों की माने तो पीडब्ल्यूआई रेलवे को बेचने का पूरा कार्य कर रहे हैं और रेलवे में ठेकेदारों से मोटी रकम लेकर के सरकारी कर्मियों से ठेकेदारों का भी काम करवा रहे हैं ।

रेलवे का विजिलेंस डिपार्टमेंट बना सफेद हाथी ,भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में विजिलेंस डिपार्ट की अहम् भूमिका ,नहीं करता है कोई कार्रवाई – मात्र करते हैं खानापूर्ति ।

बता दें कि इन सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के गलत काम पर अंकुश लगाने.एवं इसे रोकने एवं देखरेख करने के लिए रेलवे डिपार्टमेंट में विजलेंस की व्यवस्था भी कर रखी है लेकिन देखा जाए तो.यह सफेद हाथी साबित हो रहा है । रेलवे ने अलग से इन पर अंकुश लगाने के लिए विजिलेंस डिपार्टमेंट बना रखा है लेकिन इस डिपार्टमेंट की हकीकत यह है कि यह डिपार्टमेंट रेलवे को और बर्बाद करने पर आमादा है । विजलेंस के अधिकारी सबकुछ जानबूझ कर देखते हुए भी अंजान बने बैठे हैं और करप्शन को बढ़ावा दे रहे हैं । कभी-कभार एक – दो केस पकड़ कर के अधिकारी सिर्फ खानापपूर्ति कर लेते हैं ।

यदि देखा जाए तो इस डिपार्टमेंट में और भी ज्यादा भ्रष्टाचार व्याप्त है । इस डिपार्टमेंट के अधिकारी अक्सर या तो दबाव में रहते हैं या फिर दबाव के कारण निष्पक्ष रुप से कार्य नही करते हैं । रेल मिनिस्टर और सीआरबी को इस डिपार्टमेंट को जांच कराने की जरूरत है जिससे रेलवे मे व्याप्त करेप्शन , भ्रष्टाचार समाप्त हो सके और इलाहाबाद डिवीजन में लालफीताशाही के तहत अधिकारियों के बंगलों और पीडब्लूआई द्वारा सरकारी कर्मचारियों को अपने घरों के करा रहे निजी कार्य पर रोक लग सके । अब देखना है कि कौशांबी वॉइस की खबर प्रकाशन के बाद अधिकारियों के बंगलों पर लगे दर्जनों कर्मचारियों को हटाया जाएगा या फिर पीडब्ल्यूआई द्वारा सरकारी कर्मचारियों से अपने घरों के निजी काम कराने वालों पर कार्रवाई होगी या फिर ठंडे बस्ते में जांच के नाम पर मामला यूं ही दबा दिया जाएगा ।

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