Wed. Nov 20th, 2019

सीआरबी का इलाहाबाद एनसीआर में अचानक दौड़ा,मचा हड़कंप ,डीआरएम ऑफिस के पर्सनल डिपार्टमेंट मे नहीं रूक रही है अफसरों की तानाशाही

सीआरबी का कल एनसीआर इलाहाबाद में अचानक दौरा सीआरबी के आने से एनसीआर में मचा हड़कंप

उत्तर मध्य रेलवे के डीआरएम आफिस इलाहाबाद एवं मंडल के अधिकारियों की तानाशाही ।

👉 नहीं रूक रही है अफसरों की तानाशाही, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी को किया गया स्थानांतरण ।
👉सेवानिवृत के बचे हैं मात्र 15 महीने ,महिला का हो रहा उत्पीड़न ।
👉 किया गया है टूंडला स्थानांतरण ,स्थानांतरण रोकने के लिए की जा रही लंबी डिमांड

👉 कौशांबी वॉइस की खबर का असर ,कानपुर में आनन-फानन में कराया गया फागिंग ।
👉 लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीज, समय पर नहीं दी जा रही है मरीजों की रिपोर्ट ।
👉 चिकित्सालय प्रशासन कानपुर में मुख्य लैब अधीक्षक को बचाने में पूरी तरह से सीएमएस एवं एसीएमएस कर रहे हैं पक्षपात ।

इलाहाबाद । रेलवे एनसीआर के डीआरएम ऑफिस इलाहाबाद मे कार्यरत महिला कर्मचारी के पुत्र की माने तो उनकी माता डीआरएम ऑफिस पर्सनल डिपार्टमेंट में फोर्थ क्लास कर्मचारी हैं ,जिनको जबरन परेशान करने की नियत से अधिकारियों ने इलाहाबाद से टूंडला ट्रांसफर कर दिया गया है । जबकि महिला का मात्र रिटायरमेंट होने के 15 माह शेष बचे हुए हैं । आज तक उक्त महिला का कोई रिकॉर्ड खराब नहीं पाया गया है ,अचानक ऐसा क्यों किया गया मामला संदिग्ध है और दबाव बनाकर ट्रांसफर आर्डर रिसीव कराया जा रहा है । महिला कर्मी पुत्र से संपर्क करने पर कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार के बारे में जो बातें कौशांबी वॉइस संवाददाता को अवगत कराई गई है वह भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों की पोल खोल रहा है । जबकि डीआरएम ऑफिस से लेकर पूरे एनसीआर में ऐसे कई दर्जन कर्मचारी एवं अधिकारी जो अपने कार्य के प्रति लापरवाह है और यूनियन से जुड़े हुए हैं और 20 वर्षों से घूम घूम कर इलाहाबाद में ही तैनात है । उनका अभी तक कोई स्थानांतरण नहीं किया गया है और ना ही अधिकारी उनके प्रति कोई दंडात्मक कार्रवाई करने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं ।

बता दें कि उनके ऐसे कर्मचारियों के स्थानांतरण से संबंधित कई बार स्थानांतरण आर्डर भी हो चुके हैं लेकिन किसी दबाव में डाल दिया जाता है और सीधे-साधे बेगुनाह कर्मचारियों को जिनका कोई हाथ रखने वाला नहीं है उनका उत्पीड़न किया जाता है और मनमाने तरीके से ट्रांसफर कर दिया जाता है ।

 

👉 कौशांबी वॉइस की खबर का असर ,कानपुर में आनन-फानन में कराया गया फागिंग ।
👉 लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीज, समय पर नहीं दी जा रही है मरीजों की रिपोर्ट ।
👉 चिकित्सालय प्रशासन कानपुर में मुख्य लैब अधीक्षक को बचाने में पूरी तरह से सीएमएस एवं एसीएमएस कर रहे हैं पक्षपात ।

बता दें कि कुछ दिनों पहले कौशांबी वॉइस की खबर से महीनों से बंद पड़ी कानपुर में फागिंग ना होने के कारण डेंगू का प्रकोप बढ़ गया था और अचानक खबर प्रकाशन के बाद फागिंग कराई गई है लगातार बढ़ रहे हैं  डेंगू के मरीज और उनकी जांच रिपोर्ट को समय से नहीं दिया जा रहा है ,जिससे मरीजों में खासा आक्रोश व्याप्त है । यहां तक कि  प्रतिदिन कोई न कोई विवाद रिपोर्ट को लेकर कर्मचारियों से किच किच होती रहती है ,जिसमें रेलवे सुरक्षा बल के कर्मचारी जो सुरक्षा ड्यूटी में तैनात रहते हैं उनके परिवारों के साथ ऐसी लापरवाही की जा रही है । बता दें कि जब तक वहां के प्रशासन को जो वर्षों से जमे हैं एक ही स्थान पर उनका फेरबदल नहीं होगा तब तक कानपुर चिकित्सालय की स्थिति सुधारने का नाम नहीं लेगी ,स्थानीय प्रशासन एवं कुछ कदाचारी डॉक्टर भ्रष्टाचार में लिप्त होने मे पूरा सहयोग कर रहे हैं । खबर का संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य चिकित्सा निदेशक प्रकाश मुरमुर अचानक कानपुर पहुंचकर निरीक्षण किए और अपनी रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा निदेशक को सौंप दी है । देखना है कि उनकी रिपोर्ट क्या रंग लाती है और कानपुर चिकित्सालय पर क्या असर पड़ता है ,यह जांच का विषय है ।

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