Sun. Nov 17th, 2019

रेलवे में नहीं रुक रहा है भ्रष्टाचार, रेलवे को दीमक की तरह चाटने में जुटा इंजीनियरिंग विभाग, ठेकेदार की मिलीभगत से अधिकारी हो रहे मालामाल,रेलवे राजस्व का हो रहा है भारी नुकसान ,वहीं कर्मचारियों को किया जा रहा है बदनाम

रेलवे एनसीआर के अधिकांश निर्माण कराए जा रहे ठेकेदारों के द्वारा कार्यों में लगाई जा रही है पीली ईटे
👉 मसालों के द्वारा ईटों को क्वालिटी को जा रहा है छुपाया उदाहरण के तौर पर कानपुर में हो रहे कार में कई जगह लगाई जा रही है पीलीईट
👉 कानपुर के रेलवे कानूनी जमुनिया बाग में में है अवैध झोपड़ियों का भंडार डिपार्टमेंट के अधिकारी करते हैं माहवारी वसूली
👉 झोपड़ी वालों को मुहैया कराया जाता है अधिकारियों द्वारा बिजली और पानी
👉 रेलवे कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है बिजली पानी का खामियाजा अधिकारी रेलवे को चूना लगाने में जुटे ।

प्रयागराज । सूबेदारगंज स्टेशन पर वाशिंग लाइन का जो निर्माण किया जा रहा है उसमें पूरे तरीके से पीली ईंटों का प्रयोग किया गया है और ऊपर से मसाला लगाकर ईटों की क्वालिटी को छुपाया गया है । जबकि मुख्यालय बगल में होने के बावजूद भी कोई अधिकारी एवं सतर्कता विभाग के अधिकारी गुणवत्ता की जांच करने नहीं जाता है ।
इसी प्रकार रेल कर्मचारियों के लिए जो आवास बनाए जा रहे हैं उनमें भी बड़े व्यापक पैमाने पर घोटाला किया जा रहा है । घटिया सामग्री एवं टाइल्स लगा कर अधिकारी ठेकेदार के माध्यम से भारी भरकम रकम की वसूली कर रहे हैं।

रेलवे के इंजीनियर एवं सुपरवाइजर विवेकहीन हो गए हैं , प्रत्येक ऑफिस में लगाए जा रहे हैं चलने वाले टाइल्स जिस पर कर्मचारियों एवं अधिकारियों का गिरना तय है ,यदि कोई कर्मचारी गिरता है तो उसका शरीर का अंग फैक्चर होना तय है ।

कानपुर मे इसी तरह रात में ढोया जाता है प्राइवेट ट्रैक्टरों के द्वारा रेल का मलबा ,रेलवे को बेचे डाल रहे हैं रेल के ही अधिकारी । कानपुर में अधिकारियों के विश्राम गृह में शाम को शराब पार्टी मनाई जाती है ,ठेकेदार और आईओडब्ल्यू मिलकर मनाते हैं मौज मस्ती और विभागीय अधिकारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं । ए लोग इंप्रेस से कराता है मौज और यही वजह है कि इन अधिकारियों के द्वारा मनमानी करने की वजह से रेलवे राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है ।

बता दें कि सीनियर डीईएन कभी नहीं जाते हैं कानपुर में कारनामों को करने निरीक्षण यही वजह है कि ठेकेदारों की मिलीभगत से अधिकारी रेलवे राजस्व की लूट मचा कर रखे हुए हैं । अब देखना यह है कि कौशांबी वॉइस की खबर प्रकाशन के बाद इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारी जांच कर कार्रवाई करते हैं या फिर मामला सब कुछ फाइलों में बंद होकर रह जाएगा यह जांच का विषय है ।

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