Wed. Nov 20th, 2019

राज्यसभा में पास हुआ मोटर व्हीकल एक्ट

मोटर व्हीकल एक्ट राज्यसभा में पास ,नाबालिग ने एक्सीडेंट किया तो पैरंट्स को 3 साल की जेल

नई दिल्ली । सड़क हादसे कम करने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट के सख्त प्रावधान पर बुधवार को राज्यसभा ने भी मोहर लगा दिए है । मोटर व्हीकल संशोधन बिल राज्यसभा में 13 के मुकाबले 108 वोटों से पारित हुआ हो गया है । ट्रैफिक नियम तोड़ने पर सख्त सजा से जुड़ा यह बिल लोकसभा में पारित हो चुका है लेकिन टाइपिंग की गलती के कारण ऐसे संशोधन के लिए दोबारा लोकसभा में भेजा जाएगा । बिल में प्रावधान है कि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए एक्सीडेंट करता है तो उसके पेरेंट्स को 3 साल तक जेल होगी वाहन रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया जाएगा जुर्माने की रकम भी कई गुना बढ़ाई गई है ।

बता दे कि शराब पीकर गाड़ी चलाने पर दो हजार की बजाय ₹10000 जुर्माना लगेगा ,थर्ड पार्टी बीमा भी जरूरी है । सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने करीब 3 घंटे चली चर्चा का जवाब देते हुए कहा है कि संशोधन के बाद बिल को दोबारा लोकसभा में पास कर राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा । इस क़ानून से राज्यों के अधिकारियों में कोई कटौती नहीं होगी बगैर हेलमेट या ओवरलोड दो पहिया वाहन पर 3 माह के लिए ड्राइवर लाइसेंस आयोग बगैर हेलमेट पर 1000 रुपए और ओवरलोडिंग पर ₹2000 का जुर्माना नाबालिग के वाहन चलाते समय हादसा होने पर अभिभावक पर ₹25000 का जुर्माना और 3 साल की सजा जुवेनाइल एक्ट के तहत मामला चलेगा ।

ओला उबेर के वाहन लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन पर कंपनियों पर 25000 से ₹100000 तक जुर्माना एंबुलेंस को रास्ता ना देने पर 1000 का जुर्माना हादसे में घायल का फ्री में इलाज करना होगा ड्राइवर और क्लीनर का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होगा । हादसे में मृतक पर 50000 से ₹500000 तक मुआवजे का प्रावधान है । अज्ञात वाहन से मौत पर 25000 से 200000 और घायल होने पर, 12, 500 से 50 हजार रुपे का मुआवजा दिया जाएगा ।मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड बनाया जाएगा इसमें सड़क पर चलने वाले सभी चालकों का इंश्योरेंस होगा इसका इस्तेमाल घायल के इलाज और मृत्यु होने पर परिजनों को मुआवजा देने के लिए किया जाएगा । लर्निंग लाइसेंस के लिए पहचान पत्र का ऑनलाइन वेरीफिकेशन अनिवार्य कमर्शियल लाइसेंस 3 के बजाए 5 साल के लिए मान्य होगा ,लाइसेंस रिमूवल अब खत्म होने के 1 साल के अंदर कराया जा सकेगा ।

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