Sat. Nov 16th, 2019

What is world population day|| 2019 में विश्व जनसँख्या दिवस की थींम क्या है ?

हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। दुनियाभर में बढ़ती जनसंख्या के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है। इस दिन लोगों को परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, मानवाधिकार और मातृत्व स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी जाती है। विश्व जनसंख्या दिवस के दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होता है जिनमें जनसंख्या वृद्धि की वजह से होने वाले खतरे के प्रति लोगों को आगाह किया जाता है। 1989 से ही विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन की शुरुआत, संयुक्त राष्ट्र संघ के विकास कार्यक्रम के तहत हुई और इसके बाद सारे देशों में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाने लगा।

विश्व जनसंख्या दिवस के दिन बढ़ती जनसंख्या पर रोक लगाने के प्रति लोगों को जागरुक किया जाता है। यूएन काउंसिल हर साल विश्व जनसंख्या दिवस पर एक विशेष थीम का आयोजन करता है जिससे पूरी दुनिया को जनसंख्या दिवस की अहमियत समझा सकें।
पिछले साल 2018 में यूएन काउंसिल ने परिवार नियोजन को विश्व जनसंख्या दिवस का थीम बनाया था। इसी तरह इसी तरह इस साल मां और बच्चे के स्वास्थ्य की पूरी तैयारी की थीम पर विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाएगा। तेजी से जनसंख्या की वृद्धि कई वजहों से समाज और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। गैरकानूनी होते हुई भी देश के कई पिछड़े इलाकों में आज बाल विवाह की परंपरा है।
इसकी वजह से कम उम्र में ही महिलाएं मां बन जाती हैं। जो कि बच्चे और मां दोनों के स्वास्थ्य के लिए घातक है। रूढ़िवादी समाज में आज भी लड़के की चाह में पुरुष, परिवार नियोजन अपनाने को तैयार नहीं होते। कई बार महिलाओं पर लड़का पैदा करने का दबाव ज्यादा होता है और इसकी वजह से कई महिलाओं को मार भी दिया जाता है। इसके अलावा, लड़कियों को शादी से पहले गर्भ निरोधक के उपाय संबंधित जानकारी नहीं दी जाती है।  दरअसल, जनसंख्या बढ़ने की कई वजहों में गरीबी और अशिक्षा भी है। अशिक्षा की वजह से लोग परिवार नियोजन के महत्व को नहीं समझते और मातृत्व स्वास्थ्य एवं लैंगिक समानता के महत्व को कमतर आंकते हैं। जनसंख्या बढ़ने से बेरोजगारी की समस्या भी बढ़ती है।

प्रजनन के दौरान मां और बच्चे के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल नहीं रखे जाने के कारण गर्भवती महिलाओं की मृत्यु या फिर गर्भपात जैसी परेशानियां सामने आती हैं। इसलिए इस साल यूएन काउंसिल ने मां और बच्चे के स्वास्थ्य की पूरी तैयारी को विश्व जनसंख्या दिवस का थीम बनाया है। जननीय स्वास्थ्य समस्याओं की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना इस थीम का प्रमुख उद्देश्य है। एक सर्वे के अनुसार एक बच्चे को जन्म देने की प्रक्रिया में रोजाना 800 महिलाओं की मृत्यु हो जाती है।

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